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  • आज रात इतने बजे PM MODI राष्ट्र को करेंगे संबोधन, जानें कौनसा हो सकता है बड़ा ऐलान

    आज रात इतने बजे PM MODI राष्ट्र को करेंगे संबोधन, जानें कौनसा हो सकता है बड़ा ऐलान

    नई दिल्लीः प्रधानमंत्री Narendra Modi आज रात ठीक 8:30 बजे देश को संबोधित करेंगे। माना जा रहा है कि वे महिला आरक्षण बिल को लेकर विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों का जवाब देंगे और अपनी सरकार का पक्ष स्पष्ट करेंगे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पीएम महिला आरक्षण बिल पर बोल सकते हैं। बता दें कि शुक्रवार को लोकसभा में नारी शक्ति वंदन बिल पास नहीं हो पाया था। 12 साल में पहली बार ऐसा हआ है कि मोदी सरकार के राज में कोई बिल विपक्ष ने गिरा दिया हो। विपक्ष जहां इसे अपनी जीत मानकर जश्न मना रहा है, वहीं सरकार और सत्तारूढ़ दल विपक्ष पर हमलावर हैं। इस पूरे मुद्दे पर अब देश की नजर प्रधानमंत्री Narendra Modi के संबोधन पर टिकी हुई है।

    लोकसभा में पास नहीं हो पाया बिल
    महिला आरक्षण से जुड़ा संशोधन विधेयक लोकसभा में जरूरी समर्थन हासिल नहीं कर सका। इस बिल को पास कराने के लिए दो-तिहाई बहुमत की जरूरत थी, लेकिन वोट कम पड़ गए, जिसके कारण यह बिल गिर गया।

    विपक्ष ने मनाया जश्न
    बिल गिरने के बाद विपक्षी दलों—जैसे कांग्रेस, सपा, डीएमके और टीएमसी—ने इसे अपनी जीत बताते हुए खुशी जताई। विपक्ष का कहना है कि सरकार इस बिल के जरिए राजनीतिक फायदा उठाना चाहती थी।

    कोयंबटूर रैली के बाद करेंगे संबोधन
    पीएम आज Coimbatore में एक रैली को भी संबोधित करेंगे। इसके बाद उनका राष्ट्र के नाम संदेश प्रसारित किया जाएगा।

    सत्ता पक्ष का विपक्ष पर हमला
    भाजपा और एनडीए के नेताओं ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। उनका आरोप है कि विपक्ष महिला विरोधी है और उसने महिलाओं के अधिकारों से जुड़े इस महत्वपूर्ण बिल का समर्थन नहीं किया।

    कांग्रेस ने सरकार पर उठाए सवाल
    वहीं कांग्रेस ने इस पूरे मामले में सरकार की नीयत पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि विशेष सत्र में बिल लाने के पीछे सरकार की मंशा साफ नहीं थी।
    कांग्रेस ने आरोप लगाया कि महिलाओं के नाम पर परिसीमन (सीटों के बंटवारे) का खेल खेला जा रहा है और इससे उत्तर भारत के राज्यों को ज्यादा राजनीतिक ताकत मिल सकती है।

    रात में ही बनी रणनीति
    बिल गिरने के तुरंत बाद एनडीए नेताओं ने बैठक की और आगे की रणनीति तैयार कर ली। इसके बाद सुबह से ही भाजपा और कांग्रेस दोनों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके एक-दूसरे पर आरोप लगाए।

    महिलाओं के मुद्दे पर सियासी घमासान
    भाजपा का कहना है कि इस घटना से कांग्रेस का असली चेहरा सामने आ गया है और वह महिलाओं के हितों के खिलाफ है। वहीं विपक्ष का दावा है कि सरकार इस मुद्दे का इस्तेमाल सिर्फ राजनीति के लिए कर रही है।

     

  • पंडोगा, रैगिंग प्रकरण पर एबीवीपी का कड़ा रुख, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग:- अभी ठाकुर

    पंडोगा, रैगिंग प्रकरण पर एबीवीपी का कड़ा रुख, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग:- अभी ठाकुर

    ऊना/सुशील पंडित:  पंडोगा (ऊना) स्थित केसी ग्रुप ऑफ़ इंसीट्यूट में हाल ही में सामने आए रैगिंग एवं छात्र के साथ मारपीट के गंभीर मामले ने पूरे प्रदेश के छात्र समुदाय को झकझोर कर रख दिया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करती है और इसे शिक्षा के मूल्यों, अनुशासन तथा सुरक्षित वातावरण के खिलाफ एक गंभीर अपराध मानती है। प्राप्त जानकारी के अनुसार,  केसी ग्रुप ऑफ़ इंसीट्यूट के हॉस्टल में रह रहे एक छात्र के साथ रैगिंग के नाम पर अभद्र व्यवहार और मारपीट की गई। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज के समय में भी इस प्रकार की कुप्रथा हिमाचल प्रदेश में देखने को मिल रही है। शिक्षा संस्थान केवल पढ़ाई के केंद्र नहीं होते, बल्कि वे विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण और सुरक्षित भविष्य की नींव रखते हैं। ऐसे में इस तरह की घटनाएं पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े करती हैं। संस्थान प्रबंधन द्वारा आरोपी छात्र को निष्कासित करना तथा पुलिस प्रशासन द्वारा एफआईआर दर्ज कर जांच प्रारंभ करना एक सकारात्मक कदम है, लेकिन एबीवीपी का मानना है कि केवल प्रारंभिक कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। यह आवश्यक है कि पूरे मामले की गहराई से, निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच की जाए, ताकि सभी दोषियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। एबीवीपी के प्रदेश सह मंत्री अभी ठाकुर ने कहा कि “रैगिंग जैसी अमानवीय कुप्रथा के लिए किसी भी शिक्षण संस्थान में कोई स्थान नहीं होना चाहिए। यह केवल एक अनुशासनहीनता का मामला नहीं, बल्कि एक गंभीर सामाजिक बुराई है, जो छात्रों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डालती है। एबीवीपी ऐसे मामलों में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति की पुरजोर मांग करती है।” उन्होंने आगे कहा कि हिमाचल प्रदेश के सभी शिक्षण संस्थानो में एंटी-रैगिंग नियमों का सख्ती से पालन करना चाहिए। इसके लिए प्रत्येक शैक्षणिक संस्थान में सक्रिय एंटी-रैगिंग समितियों का गठन, नियमित निगरानी, और छात्रों के बीच जागरूकता कार्यक्रम चलाना अत्यंत आवश्यक है। साथ ही, नवप्रवेशी छात्रों को एक सुरक्षित और सहयोगात्मक वातावरण प्रदान करना सभी शैक्षणिक संस्थानों की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए । उन्होंने कहा कि एबीवीपी प्रशासन से मांग करती है कि मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध जांच सुनिश्चित की जाए।
    1. दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें उदाहरण बनाया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके।
    2. सभी शिक्षण संस्थानों में एंटी-रैगिंग कानूनों का कठोरता से पालन करवाया जाए।
    3. हॉस्टल एवं कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए, जिसमें नियमित निरीक्षण और निगरानी शामिल हो।
    4. पीड़ित छात्र को मानसिक, शैक्षणिक एवं कानूनी सहायता प्रदान की जाए, ताकि वह बिना किसी भय के अपनी पढ़ाई जारी रख सके।
    5. छात्रों के लिए हेल्पलाइन एवं काउंसलिंग व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाए।
    एबीवीपी यह भी स्पष्ट करती है कि यदि इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई बरती जाती है, तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद छात्र हितों की रक्षा के लिए आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सदैव छात्र हित, सुरक्षित शिक्षण वातावरण और अनुशासित शैक्षणिक संस्कृति के लिए प्रतिबद्ध रही है। इस घटना के संदर्भ में भी विद्यार्थी परिषद पीड़ित छात्र के साथ मजबूती के साथ खड़ी है और छात्र को न्याय दिलाने के लिए विद्यार्थी परिषद हर संभव प्रयास करेगी।
     
  • DA Hike: केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 2% बढ़ा, जानिए अब कितनी हो जाएगी सैलरी?

    DA Hike: केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 2% बढ़ा, जानिए अब कितनी हो जाएगी सैलरी?

    DA Hike: केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए राहत भरा फैसला लिया है। कैबिनेट ने महंगाई भत्ता (DA) में 2% की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। इसके बाद DA 58% से बढ़कर 60% हो गया है। इस फैसले का सीधा फायदा लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मिलेगा।

    कर्मचारियों की सैलरी में बढ़ोतरी होगी

    • पेंशनर्स को मिलने वाली महंगाई राहत (DR) भी बढ़ेगी
    • यह बढ़ोतरी मूल वेतन (Basic Salary) के आधार पर होगी

    कब से लागू होगा नया DA

    नई दरें 1 जनवरी 2026 से लागू मानी जाएंगी। इसका मतलब कर्मचारियों को आने वाली सैलरी में बढ़ा हुआ DA मिलेगा। साथ ही जनवरी से अब तक का बकाया (Arrears) भी दिया जाएगा।

    किन कर्मचारियों को मिलेगा फायदा
    यह बढ़ोतरी सभी केंद्रीय कर्मचारियों पर लागू होगी। पे मैट्रिक्स के लेवल 1 से लेवल 18 तक अलग-अलग सैलरी वाले सभी कर्मचारियों की आय में बढ़ोतरी होगी।

    DA क्यों बढ़ाया जाता है
    महंगाई भत्ता बढ़ाने का मकसद कर्मचारियों की आय को महंगाई के असर से बचाना होता है। DA का फैसला अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI) के आधार पर लिया जाता है। आमतौर पर साल में दो बार (जनवरी और जुलाई) DA में बदलाव होता है। जब महंगाई बढ़ती है, तो DA भी बढ़ाया जाता है।

    इस बार बढ़ोतरी की वजह
    हाल ही में बढ़ती महंगाई और रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़ने को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। इससे कर्मचारियों की खरीदने की ताकत (Purchasing Power) बनी रहे। पेंशनर्स की आय पर महंगाई का असर कम हो।

    पेंशनर्स को भी राहत
    सरकार ने सिर्फ कर्मचारियों ही नहीं, बल्कि पेंशनर्स का भी ध्यान रखा है।
    • महंगाई राहत (DR) भी 2% बढ़ेगी
    • इससे रिटायर हो चुके लाखों लोगों को फायदा मिलेगा

     

     

  • Jalandhar News : मंडियों में गेंहू की खरीद के पुख्ता प्रबंध, कैबिनेट मंत्री बोले, 5.30 लाख मीट्रिक टन खरीद का अनुमान, देखें वीडियो

    Jalandhar News : मंडियों में गेंहू की खरीद के पुख्ता प्रबंध, कैबिनेट मंत्री बोले, 5.30 लाख मीट्रिक टन खरीद का अनुमान, देखें वीडियो

    जालंधरः गेंहू की खरीद को लेकर कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत, सेंट्रल हलका इंचार्ज नीतिन कोहली मंडी, राजविंदर कौर थियाड़ा और दिनेश ढल्ल जायजा लेने के लिए पहुंचे। इस दौरान मीडिया से बात करते हुए कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत ने कहा कि आज मंडी में किसानों को किसी भी तरह की परेशानी ना आए, उसको लेकर मंडी में जांच की गई। उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि मंडियों में गेंहू की खरीद के दौरान किसानों को जल्द पैसा नहीं मिलता था, लेकिन मान सरकार की अगुवाई में पहली बार 24 घंटों में किसानों को गेंहू की खरीद का मुआवजा मिल रहा है। ऐसे में आज 17 हजार मीट्रिक टन की खरीद हो चुकी है और उसके पैसे किसानों के खाते में डाले जा चुके है।

    कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पिछली बार 5.17 लाख मीट्रिक टन गेंहू की खरीद हुई थी और इस बार उम्मीद है कि पहले टीचे में 3 प्रतिशत अधिक गेंहू के अनुसार 5.30 लाख मीट्रिक टन होने की उम्मीद है। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि किसानों द्वारा गेंहू मंडी में लाई जा रही है और उनकी पाई-पाई उनके खाते में 24 घंटे में उन्हें दी जा रही है। ऐसे में आज किसान भी खुश है।

    इस दौरान उन्होंने प्रशासन द्वारा मंडी में पुख्ता प्रबंध किए गए, जल्द लिफ्टिंग का काम किया जाएगा। वहीं मंडियों में लेबर की परेशानी को लेकर कहा कि प्रशासन द्वारा लेबर के पुख्ता प्रंबंध किए गए है और बारदाने की भी मंडी में कोई कमी नहीं है। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि जल्द सारी लिफ्टिंग की जाएगी। अधिकारी से बात की गई तो पता चला है कि 9 करोड़ की खरीदारी हो चुकी है और 28 करोड़ रुपए पहले ही अदा किए जा चुके है। ऐसे में डिपार्टमेंट को अंडवास पेमेंट की जा चुकी है। वहीं गेंहू में नमी को लेकर कहा कि उन्होंने जांच की है और मौसम खुलने के कारण कोई नमी नहीं मिली।

     

     

     

  • आंगनवाड़ी सिस्टम को और प्रभावी बनाने के लिए ठोस कदम

    आंगनवाड़ी सिस्टम को और प्रभावी बनाने के लिए ठोस कदम

    चंडीगढ़: डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार आंगनवाड़ी वर्करों और हेल्परों की भलाई को विशेष प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने पंजाब भवन में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान कहा कि जमीनी स्तर पर ये कर्मचारी बच्चों, महिलाओं और परिवारों तक सरकारी योजनाओं को पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं, इसलिए उनकी हर जायज मांग को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।

    बैठक में आंगनवाड़ी वर्करों और हेल्परों द्वारा उठाई गई समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुनते हुए मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इनका शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने बताया कि जो मांगें सरकार के स्तर पर हल होनी हैं, उन्हें नई गठित सब-कमेटी के सामने रखा जाएगा, ताकि उनका प्रभावी और समयबद्ध निपटारा किया जा सके।

    डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ माताओं को जागरूक करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार भविष्य में भी इनके मान-सम्मान और कल्याण के लिए आवश्यक कदम उठाती रहेगी।

     

  • महिला विधेयक पर कांग्रेस का चेहरा हुआ बेनक़ाब – जय दत्ता

    महिला विधेयक पर कांग्रेस का चेहरा हुआ बेनक़ाब – जय दत्ता

    कहा – कांग्रेस ने महिला विधेयक बिल पर दिखाई नाकारायमक सोच 
    ऊना/सुशील पंडित: शिव सेना शिंदे के हिमाचल प्रदेश के कार्यवाहक राज्य प्रमुख जय दत्ता ने कहा कि महिला विधेयक पर कांग्रेस पार्टी का चेहरा बेनक़ाब हुआ है। जिससे साफ हो गया है कि मातृ शक्ति के प्रति उनकी क्या सोच है। ज़ब महिला विधेयक पर बिल पास करने की बारी आई तब उन्होने महिलाओ के प्रति अपनी नकारात्मक सोच दिखा दी और उस बिल के विपक्ष में वोट की। जय दत्ता ने कहा कि अब कांग्रेस पार्टी के पास महिलाओ सें वोट मांगने का अधिकार ही खत्म हो गया है। क्योंकि उन्होने महिलाओ को राजनीती में आगे बढ़ने में कोई योगदान न देने की सोच उजागर कर दी है। इससे साफ है कि कांग्रेस पार्टी महिला विरोधी है। अगर महिला विरोधी न होती तो अपना पक्ष साफ करती और महिला विधेयक को पास करवाने में अपनी भूमिका निभाती। जय दत्ता ने कहा कि नारी के सम्मान में शिव सेना मैदान में। उन्होने कहा कि शिव सेना मातृ शक्ति का सदैव सम्मान करती आई है और भविष्य में भी करती रहेगी। उन्होने कहा कि शिव सेना शिंदे इस सारे घटनाक्रम का पुरजोर  विरोध करती है। इस विधेयक में महिलाओ का सम्मान न करने वाले सबसे पहले अपने घर की महिलाओ का सम्मान करना शुरू करें।
     
  • Punjab News: खनन को लेकर एक्शन में सरकार, SDO का आया बयान, देखें वीडियो

    Punjab News: खनन को लेकर एक्शन में सरकार, SDO का आया बयान, देखें वीडियो

    लुधियानाः पंजाब सरकार द्वारा प्रदेश में अवैध खनन को रोकने के लिए चलाया जा रहा चेकिंग अभियान लगातार तेज किया जा रहा है। इसी क्रम में सतलुज नदी के किनारे स्थित कुतबेवाल इलाके में सरकारी खड्डों में अधिकारियों द्वारा विशेष जांच की गई। इस दौरान मौके पर मौजूद टिप्पर की गहनता से जांच की गई और टिप्पर मालिकों से रेत भराई संबंधित रसीदें भी चेक की गईं। अधिकारियों ने सख्ती से निर्देश दिए कि कोई भी वाहन बिना उचित दस्तावेजों के रेत की ढुलाई नहीं कर सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति अवैध खनन करते पाया गया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं थाना लाडोवाल के एएसआई दलबीर सिंह ने कहाकि उन्हें अवैध माइनिंग की सूचना मिली थी। जिसके बाद वह माइनिंग विभाग से मिले।

    माइनिंग विभाग द्वारा मिली जानकारी के अनुसार बनती कार्रवाई की जा रही है। वहीं हरकमलप्रीत सिंह ने कहाकि लीगल काम किया जा रहा है। उन्होंने अवैध माइनिंग की बात को सिरे से खारिज किया है। वहीं टिप्पर चालक हरविंदर सिंह ने कहा कि पर्ची के आधार पर खड्ढ से मिट्टी की ढुलाई की जा रही है। एसडीओ शोफिग विर्क ने कहाकि उन्हं कुछ लोगों की शिकायतें मिल रही। उन्होंने कहाकि यह सीएमएस सरकारी खड्ढ है और यहां पर जांच के दौरान पाया गया कि लीगल काम हो रहा था। उन्होंने कहा कि गहनता से मामले को लेकर जांच की गई है। एसडीओ ने कहाकि इसी तरह सभी जगह शिकायत मिलने पर जांच की जाती है और यह कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।

    वहीं खेतीबाड़ी दविदंर सिंह ने कहा कि एक नंबर की खड्ढ है और यहां पर कोई अवैध तरीके से काम नहीं हो रहा। उन्होंने कहाकि कुछ गलतफहमी हो गई थी। एसडीओ द्वारा मामले की जांच की गई और सरकारी पर्ची भी टिप्पर चालक से पाई गई। इस मौके पर स्थानीय लोगों ने पंजाब सरकार के इस कदम की सराहना की। लोगों का कहना है कि अवैध खनन से न सिर्फ सरकार को आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि पर्यावरण पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के चेकिंग अभियान लगातार चलते रहने चाहिए ताकि गैरकानूनी गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके। यह अभियान सरकार की तरफ से पारदर्शिता और कानून के पालन को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

  • मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने सड़क निर्माण से संबंधित सभी विभागों के कार्यों की समीक्षा की

    मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने सड़क निर्माण से संबंधित सभी विभागों के कार्यों की समीक्षा की

    चंडीगढ़: मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के कारण तारकोल की कमी व इसकी बढ़ी कीमतों के कारण सड़क निर्माण व मरम्मत के कार्य बाधित न हों, इसके लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों के अनुरोध पर अगले 6 माह के लिए इंपोर्टिड तारकोल के इस्तेमाल को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आज हरियाणा सिविल सचिवालय में सड़क निर्माण व रखरखाव से संबंधित विभागों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

    उन्होंने वित्त वर्ष 2025-26 में किए गए सड़क निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और वित्त वर्ष 2026-27 में किए जाने वाले कार्यों के संबंध में विभागों के लक्ष्यों पर चर्चा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में पीडब्ल्यूडी (बीएंडआर), हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड, जिला परिषद/पंचायती राज, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, एचएसआईडीसी, शहरी स्थानीय निकाय तथा पीएमडीए, जीएमडीए, एसएमडीए सहित अन्य विभागों के सड़क निर्माण से जुड़े कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।

    बैठक के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि 28 फरवरी को जहां तारकोल के दाम 46402 रुपये प्रति मीट्रिक टन थे वहीं 1 अप्रैल को यह 76152 रुपये प्रति मीट्रिक टन हो गए हैं। तारकोल की आपूर्ति करने वाली आईओसीएल ने इसकी आपूर्ति 50 प्रतिशत तक प्रभावित होने की सूचना दी है। ऐसी परिस्थिति में केंद्र सरकार ने इंपोर्टिड तारकोल के इस्तेमाल की मंजूरी दी है। इस पर मुख्यमंत्री ने हरियाणा में भी 6 माह के लिए इंपोर्टिड तारकोल का इस्तेमाल करने की मंजूरी प्रदान की ताकि सड़क निर्माण व मरम्मत के कार्य प्रभावित न हों।

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जनता की सुविधा के लिए सड़कों का अच्छी हालत में होना आवश्यक है। संबंधित विभाग सभी जिलों में सड़कों के गड्ढ़े भरवाने तथा अन्य मरम्मत कार्यों के लिए पैच वर्क मशीनों का इस्तेमाल करें ताकि सड़कों की रिपेयर जल्द हो सके। पीडब्ल्यूडी (बीएंडआर) द्वारा इन मशीनों का उपयोग किया जा रहा है, अन्य विभाग भी इन मशीनों के लिए पीडब्ल्यूडी से संपर्क कर सकते हैं। टूटी सड़कों से आमजन को परेशानी होती है जिसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हर विभाग अपने कार्यों की मासिक प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से उनके पास भिजवाए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘म्हारी सड़क’ एप पर आमजन द्वारा क्षतिग्रस्त सड़कों की शिकायत की जाती है। इन सभी शिकायतों पर भी त्वरित कार्रवाई करते हुए इनका समाधान करवाया जाए। जिन सड़कों की मरम्मत की जिम्मेदारी इनका निर्माण करने वाली कंपनी की होती है, उन कंपनियों के माध्यम से आवश्यक मरम्मत कार्य त्वरित गति से करवाए जाएं।

    विभागों के लिए वित्त वर्ष 2025-26 में सड़क निर्माण हेतु जो लक्ष्य निर्धारित किए गए थे उन्हें जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि वित्त वर्ष 2026-27 के लक्ष्यों को भी समय पर पूरा किया जा सके। चालू वित्त वर्ष में सभी विभागों के माध्यम से प्रदेश में सड़कों के निर्माण व मरम्मत के लिए 63170 किलोमीटर का लक्ष्य रखा गया है। यदि किसी तकनीकी पेंच के चलते जिला परिषद से संबंधित सड़क के प्रशासनिक अनुमोदन में कोई दिक्कत आती है तो संबंधित उपायुक्त को उसके अनुमोदन के लिए अधिकृत करने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिए।

    अक्सर यह देखने में आया है कि सभी विभागों की सड़क निर्माण की गुणवत्ता अलग-अलग होती हैं। उन्होंने सभी विभागों से पीडब्ल्यूडी (बीएंडआर) के मानकों के अनुरूप सड़क निर्माण करवाने के निर्देश दिए। सड़क निर्माण व मरम्मत के चालू कार्य मानसून के आने से पहले पूरे कर लिए जाएं। मुख्यमंत्री ने सेक्टरों की क्षतिग्रस्त सड़कों को तुरंत ठीक करवाने के निर्देश देते हुए कहा कि शहरी क्षेत्रों में किस सड़क की जिम्मेदारी किस विभाग की है, इस संशय को दूर किया जाए। उन्होंने अधिकारियों की एक कमेटी गठित कर इस संबंध में प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने सभी शहरी क्षेत्रों में कुछ स्मार्ट रोड बनाने की हिदायतें भी अधिकारियों को दीं ताकि शहरों की सुंदरता तथा आमजन की सुविधाओं को बढ़ाया जा सके।

    बैठक में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग अग्रवाल, एके सिंह, विजेंद्र कुमार सहित अन्य विभागों के अधिकारी भी मौजूद थे।

     

  • Punjab News: पराली से भरी ट्रॉली में लगी भीषण आग, मची अफरा-तफरी, देखें वीडियो

    Punjab News: पराली से भरी ट्रॉली में लगी भीषण आग, मची अफरा-तफरी, देखें वीडियो

    मुबारकपुर: भाखरपुर की ओर से मुबारकपुर आ रही पराली से भरी एक ट्रॉली में उस समय अचानक आग लग गई, जब वह मुबारकपुर अंडरपास के नीचे से गुजर रही थी। घटना के दौरान लोगों में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि अंडरपास के नीचे पहले से ही पराली में आग लगी हुई थी, जिसकी चपेट में ट्रॉली आ गई। आग लगते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। ट्रॉली चालक ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए ट्रॉली को पास के एक सर्विस स्टेशन तक ले जाने की कोशिश की, लेकिन आग पर काबू नहीं पाया जा सका।

    घटना की सूचना मिलते ही डेराबस्सी फायर ब्रिगेड को बुलाया गया। दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। ट्रॉली चालक के मुताबिक, ट्रॉली में करीब एक क्विंटल (लगभग 20 किलो प्रति बंडल) पराली लदी हुई थी, जिसकी अनुमानित कीमत 40 से 50 हजार रुपये बताई जा रही है। गनीमत यह रही कि इस हादसे में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ, लेकिन ट्रॉली में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया।

     

     

  • Punjab News: सस्ते लोन का झांसा देकर लोगों से ऑनलाइन ठगी करते 10 गिरफ्तार, देखें वीडियो

    Punjab News: सस्ते लोन का झांसा देकर लोगों से ऑनलाइन ठगी करते 10 गिरफ्तार, देखें वीडियो

    जीरकपुरः जिला एसएएस नगर पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह विदेशों में बैठे लोगों को कम ब्याज दर पर लोन देने का झांसा देकर ऑनलाइन ठगी कर रहा था। पुलिस ने इस मामले में 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वरिष्ठ पुलिस कप्तान हरमनदीप सिंह हांस (आईपीएस) के निर्देशों पर की गई इस कार्रवाई के तहत थाना जीरकपुर पुलिस ने मुकदमा नंबर 185 दिनांक 18-04-2026 के तहत आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

    गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है, जिससे और भी अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों में मेलविन ठोकर (गुजरात), अनिरुद्ध पनिहिया (हिमाचल प्रदेश), अनंत देव कौशिक, पवन पांडयेवर (अहमदाबाद), सोनू दियाली, मिलन सुनवार, आसिक दर्जी, अर्जुन क्षेत्री (पश्चिम बंगाल), प्रशांत ओमप्रकाश जायसवाल तथा पलविंदर सिंह (लालड़ू) शामिल हैं।

    पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी अपने सरगना मेलविन ठोकर के निर्देशों पर काम करते थे और विदेशों में बैठे लोगों से ऑनलाइन कॉलिंग के जरिए संपर्क कर उन्हें कम ब्याज पर लोन देने का लालच देते थे। इसके बदले वे डॉलर आदि की मांग कर ठगी को अंजाम देते थे। आरोपियों के पास लोन देने की कोई वैध अनुमति नहीं थी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 9 लैपटॉप और 12 मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनका इस्तेमाल ठगी के लिए किया जा रहा था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह गिरोह सुनियोजित तरीके से भारत में बैठकर विदेशी नागरिकों को निशाना बना रहा था। मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे होने की उम्मीद है।