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  • यूनिसन इंटरनेशनल स्कूल में जशन के उड़ान महोत्सव का आयोजन

    यूनिसन इंटरनेशनल स्कूल में जशन के उड़ान महोत्सव का आयोजन

    बद्दी/सचिन बैंसल: यूनिसन इंटरनेशनल स्कूल द्वारा आयोजित प्रतिभा खोज महोत्सव “जश्न-ए-उड़ान” का भव्य आयोजन अमरावती वेलफेयर सोसाइटी एवं नैना अपार्टमेंट्स, बद्दी में उत्साह और रंगारंग प्रस्तुतियों के साथ सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में सोसाइटी के गणमान्य अतिथियों ने गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में उपस्थित रहकर विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।

    महोत्सव में विद्यार्थियों ने ड्राइंग एवं कलरिंग, गायन/वाद्य (म्यूज़िकल मेलोडी), नृत्य, रैम्प वॉक, कविता व कहानी वाचन, पेंटिंग/स्केचिंग, स्पेल बी तथा एक्टिंग/मिमिक्री जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा, रचनात्मकता और मंचीय कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण यूनिसन इंटरनेशनल स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत गिद्धा, योग, महिला सशक्तिकरण पर आधारित ‘शक्ति डांस’ तथा बैंड परफॉर्मेंस रहा, जिसे दर्शकों से भरपूर सराहना मिली।

    विद्यालय निदेशक पंकज अरोड़ा ने अपने संदेश में कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन व रचनात्मक सोच को प्रोत्साहित करते हैं। वहीं विद्यालय निदेशक जतिन अरोड़ा ने कहा कि “जश्न-ए-उड़ान” विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पहचानने और खुले मंच पर उसे अभिव्यक्त करने का सशक्त अवसर प्रदान करता है, जिससे वे आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों की उड़ान भर सकें।

     

  • मुख्यमंत्री सुक्खू की पहल: लघु दुकानदार कल्याण योजना का विस्तार शहरी क्षेत्रों तक

    मुख्यमंत्री सुक्खू की पहल: लघु दुकानदार कल्याण योजना का विस्तार शहरी क्षेत्रों तक

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां कहा कि प्रदेश सरकार ने शहरी क्षेत्रों में छोटे स्तर पर कारोबार करने वाले दुकानदारों को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से राज्य में मुख्यमंत्री लघु दुकानदार कल्याण योजना को विस्तारित किया है। इसके तहत प्रदेश के सभी शहरी स्थानीय निकायों में मुख्यमंत्री लघु दुकानदार कल्याण योजना शहरी को शुरू करने की अधिसूचना जारी कर दी गई है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के दुकानदारों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से यह योजना वर्ष 2023 में शुरू की गई थी। वर्ष 2025-26 की बजट घोषणा के अनुरूप अब इस योजना को शहरी क्षेत्रों में विस्तारित किया गया है।

    उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में अपने कारोबार को विस्तार प्रदान करने के लिए छोटे दुकानदारों को वित्तीय सहायता की कमी का सामना करना पड़ता है। बैंक ऋण चुकाने में असमर्थ रहने के कारण कई दुकानदारों के खाते एनपीए में बदल जाते है। छोटे व्यापारियों के समक्ष आने वाली इन चुनौतियों के निवारण के उद्देश्य से राज्य सरकार ने इस योजना का लाभ शहरी क्षेत्र के छोटे व्यापारियों को प्रदान करने का निर्णय लिया है। योजना के तहत शहरी क्षेत्रों में छोटे दुकानदारों जिनका वार्षिक कारोबार 10 लाख रुपये से कम है और जिन्होंने बैंकों से व्यवसायिक ऋण लिए है तथा जिनके खाते एनपीए घोषित किए जा चुके हैं उनको वन टाइम सेटलमेंट के तहत सहायता प्रदान की जाएगी। योजना के तहत सरकार द्वारा बैंक के माध्यम से एक लाख रुपये तक की एकमुश्त निपटान सहायता प्रदान की जाएगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लाभार्थियों पर मूलधन व ब्याज सहित कुल बकाया राशि एक लाख रुपये तक है, उनका पूरा निपटान योजना के अंतर्गत किया जाएगा। जिन मामलों में बकाया राशि एक लाख रुपये से अधिक है। इस स्थिति में लाभार्थी द्वारा शेष राशि स्वयं जमा करवानी होगी और राज्य सरकार द्वारा एक लाख रुपये की वन टाइम सहायता प्रदान की जाएगी। योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक द्वारा लिया गया अधिकतम ऋण 10 लाख रुपये से अधिक नहीं होना चाहिए।

    ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि इस योजना को पारदर्शिता और सरल तरीके से तैयार किया गया है। शहरी स्थानीय निकायों, बैंकों, एक नोडल बैंक तथा शहरी विकास विभाग को शामिल करते हुए एक पारदर्शी संस्थागत व्यवस्था तैयार की गई है, ताकि दावों का समयबद्ध निपटान सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि मध्यवर्ती अवधि में ब्याज के बोझ को हटाकर तथा किसी भी प्रकार का प्रोसेसिंग या प्रशासनिक शुल्क न लगाकर राज्य सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि योजना का अधिकतम लाभ छोटे दुकानदारों तक पहुंचे।

    उन्होंने कहा कि इस योजना से शहरी क्षेत्रों में काम कर रहे छोटे फल एवं सब्जी विक्रेता, चाय स्टॉल और ढाबा संचालक, नाई, पान विक्रेता, मोची, चाट विक्रेता, गैरेज मालिक, दर्जी, किराना दुकानदार, मोबाइल मरम्मत करने वाले, रेहड़ी-पटरी वाले और अन्य छोटे खुदरा दुकानदार लाभान्वित होंगे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना 1 अप्रैल 2020 से 31 मार्च 2025 के बीच लिए गए बिना जमानत के (कोलेटरल-फ्री) व्यवसायिक ऋणों पर लागू होगी। जानबूझकर ऋण न चुकाने, धोखाधड़ी या कदाचार से जुड़े मामलों को योजना में शामिल नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों की पहचान बैंक करेंगे, ताकि केवल पात्र लाभार्थियों को ही योजना का लाभ मिल सके।

    ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के स्थायी निवासी इस योजना का लाभ उठा सकेंगे। इसके अतिरिक्त आवेदक की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए और परिवार का कोई भी सदस्य नियमित सरकारी सेवा में कार्यरत नहीं होना चाहिए। आवेदन संबंधित शहरी स्थानीय निकाय में जमा किए जाएंगे। सत्यापन के बाद आवेदनों को बैंकों को भेजा जाएगा। बैंक मासिक आधार पर नोडल बैंक के माध्यम से शहरी विकास विभाग को ओटीएस दावे भेजेंगे और आवेदकों से किसी प्रकार का प्रोसेसिंग अथवा प्रशासनिक शुल्क नहीं लिया जाएगा।

  • बद्दी में पहले दिन 15127 बच्चों ने पी दो बूंद ज़िन्दगी की

    बद्दी में पहले दिन 15127 बच्चों ने पी दो बूंद ज़िन्दगी की

    विधायक राम कुमार ने किया प्लस पोलियो का शुभारंभ

    बद्दी/सचिन बैंसल: बद्दी –बरोटीवाला स्वास्थ्य खंड में रविवार को प्लस पोलियो अभियान के तहत 15 हजार 127 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई गई। यहां पर 35 00 बच्चे पांच साल से कम आयु के थे। जिन्हें यह खुराक पिलाई थी। अब बचे हुए बच्चों को 22 व 23 दिसंबर को घर घर जाकर यह पालियों की खुराक पिलाई जाएगी।

    दून के विधायक राम कुमार चौधरी ने प्लस पोलियो अभियान का शुभारंभ बच्चों को दवाई पिला कर किया। उन्होंने इस अभियान से जुड़े सभी अधिकारियों व कर्मचारियों से सभी बच्चों को इस दवाई को पिलाने की आदेश दिए है जिससे कोई भी बच्चा इस बीमारी की चपेट में न आए।

    बीएमओ डॉ. अनिल आरोड़ा ने बताया कि  पालियों की खुराक पिलाने के लिए बद्दी – बरोटीवाला स्वास्थ्य खंड में 63 बूथ बनाए गए थे। इसके अलावा 14 मोबाइल टीमें थी जो स्लम एरिया में झुगी झोंपड़ियो में जाकर बच्चों को की दवाई पिलाने में लगी हुई थी। इस काम की देखरेख के लिए 15 सुपरवाईजर रखे गए थे। इस सारी गतिविधि के लिए 326 कर्मचारी तैनात किए हुए थे। जो बच्चे रविवार को छूट गए है उन्हें सोमवार व मंगलवार को घर घर जार दवाई पिलाई जाएगी।

  • ऊना में पल्स पोलियो अभियान के पहले दिन 39,312 बच्चों को पिलाई गई ओपीवी खुराक

    ऊना में पल्स पोलियो अभियान के पहले दिन 39,312 बच्चों को पिलाई गई ओपीवी खुराक

    ऊना/सुशील पंडित: ऊना जिले में चलाए जा रहे पल्स पोलियो अभियान के पहले दिन कुल 39,312 बच्चों को ओरल पोलियो वैक्सीन (ओपीवी) की खुराक पिलाई गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ऊना डॉ. एस. के. वर्मा ने बताया कि अभियान के तहत जिलेभर में 362 पोलियो बूथ स्थापित किए गए थे, जबकि यात्रा कर रहे बच्चों को कवर करने के लिए 13 ट्रांजिट बूथ लगाए गए थे। इसके अतिरिक्त, छूटे हुए बच्चों तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए 10 मोबाइल टीमों को भी तैनात किया गया था।

    उन्होंने बताया कि जो बच्चे पहले दिन पोलियो खुराक से वंचित रह गए हैं, उन्हें कवर करने के लिए 22 एवं 23 दिसंबर को दो दिवसीय घर-घर जाकर अभियान चलाया जाएगा, ताकि कोई भी पात्र बच्चा पोलियो खुराक से वंचित न रहे। डॉ. वर्मा ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने पांच वर्ष से कम आयु के सभी बच्चों को अनिवार्य रूप से पोलियो की खुराक दिलाएं और पोलियो उन्मूलन अभियान में सहयोग करें।

  • आपदा के 6 महीने बाद भी मिट्टी और पत्थर डाल कर भी बहाल नहीं हुई सड़कें: जयराम ठाकुर

    आपदा के 6 महीने बाद भी मिट्टी और पत्थर डाल कर भी बहाल नहीं हुई सड़कें: जयराम ठाकुर

    बुजुर्ग, बीमार और गर्भवती महिलाओं को पालकी के सहारे जाना पड़ रहा अस्पताल जितनी फुर्ती से संस्थान शिफ्ट  किए और मुकदमें करवाएं उतनी फुर्ती से राहत कार्य में क्यों नहीं  जश्न में आगे और  आपदा राहत में पीछे  रहती है ‘सुख की सरकार’ ऊना/सुशील पंडित: शिमला से जारी बयान में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा है कि प्रदेश में आई आपदा से राहत के मामले में सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार पूरी तरह विफल और संवेदनहीन साबित हुई है। छह महीनें बीत जाने के बाद भी सरकार अभी तक बह चुकी सड़कों में मिट्टी और पत्थर भरवा कर भी उन्हें बहाल नहीं करवा पाई। जिसकी वजह से प्रदेश में मंडी और आसपास के जिलों की सैकड़ो पंचायत सड़क मार्ग से कटी हुई है।सैकड़ों गांव आज भी वाहनों की पहुंच से दूर हैं। आपात स्थिति में किसी बीमार को बुजुर्ग को या फिर गर्भवती महिला को अस्पताल भी ले जाना हो तो उन्हें किसी न किसी तरह से पालकी पर लाद कर कई–कई किलोमीटर पैदल चलकर अस्पताल पहुंचाना पड़ रहा है। जो सड़कें इस आपदा में बह गई, उन्हें पक्की करना तो दूर उनके गड्ढे भी ग्रामीण क्षेत्रों में नहीं भरे जा सके हैं। विभाग के अधिकारी बजट न होने का हवाला देकर सड़के बहाल करने में अपनी असमर्थता जाता रहे हैं। बजट क्यों नहीं है इसका जवाब सरकार न तो सार्वजनिक मंचों से देती है और नहीं सदन में। मंडी और आसपास के जिलों में सबसे अधिक तबाही हुई, लेकिन सरकार ने राहत कार्यों की बजाय जश्न मनाना ज्यादा जरूरी समझा। उसके लिए किसी भी तरह की बजट की कमी नहीं हुई क्योंकि केंद्र सरकार द्वारा आपदा राहत के लिए भेजे गए पैसे का इस्तेमाल जश्न मनाने में हुआ। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा है कि जितनी फुर्ती से मुख्यमंत्री ने संस्थानों को शिफ्ट किया और आपदा प्रभावितों पर फर्जी मुकदमें दर्ज करवाकर  आए दिन उन्हें थाने में बुलाकर बैठाया जा रहा है, यदि उतनी फुर्ती से सड़कों की बहाली होती तो आज यह दिन नहीं देखने पड़ते। सरकार ने जश्नों और उत्सवों में समय और संसाधन लगाए, लेकिन जिन क्षेत्रों में घर, सड़कें और आजीविका तबाह हो चुकी है, वहां राहत और पुनर्वास के नाम पर कुछ भी नजर नहीं आता। प्रभावित लोगों को न तो समय पर मदद मिली और न ही सरकार का कोई ठोस कार्य योजना सामने आई। सड़कों की बहाली के लिए मुख्यमंत्री द्वारा बजट तक जारी नहीं किया जा रहा। सड़कें पक्की करना तो दूर, जो सड़कें बह गई हैं उनमें मिट्टी डालकर अस्थायी रूप से जोड़ने तक का काम नहीं हो पाया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि अब सर्दियां शुरू हो चुकी हैं और कुछ ही दिनों में बर्फबारी का दौर आने वाला है, लेकिन आपदा प्रभावित लोगों के पास न रहने का ठिकाना है और न ही भविष्य को लेकर कोई भरोसा। सरकार ने न अस्थायी आवास की व्यवस्था की और न ही ठंड से बचाव के लिए कोई ठोस योजना बनाई। उन्होंने कहा कि सुख की सरकार की उदासीनता और अकर्मण्यता ने प्रदेश के आपदा पीड़ितों को उनके हाल पर छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्र में  तुरंत राहत, सड़क बहाली, अस्थायी आवास के लिए तत्काल  बजट जारी किया जाए। मरीज के लिए दवाई नहीं, सड़क के लिए बजट नहीं और मित्रों के लिए क्रिकेट प्रतियोगिता  जयराम ठाकुर ने कहा कि एक ओर प्रदेश बेरोजगारी, आर्थिक संकट और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली से जूझ रहा है। आयुर्वेदिक अस्पतालों में मरीजों को दवाइयां तक उपलब्ध नहीं हैं। प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान से जुड़े कार्यक्रम के लिए वसूली की जा रही है। सड़कों के गड्ढे काटने के लिए बजट नहीं है। लेकिन आयुष विभाग द्वारा मित्रों के लिए क्रिकेट टूर्नामेंट आयोजित किए जा रहे हैं। जनस्वास्थ्य से जुड़े विभाग को इवेंट मैनेजमेंट एजेंसी की तरह चलाना जनता के साथ धोखा है। सरकार इससे बाज आए तो बेहतर होगा।
  • मुख्यमंत्री मान ने तीन शहरों को घोषित किया पवित्र, होगी विश्वस्तरीय सुविधाओं की व्यवस्था

    मुख्यमंत्री मान ने तीन शहरों को घोषित किया पवित्र, होगी विश्वस्तरीय सुविधाओं की व्यवस्था

    चंडीगढ़ : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज ऐतिहासिक घोषणा करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने सिखों के धार्मिक महत्व वाले तीन शहरों—अमृतसर, श्री आनंदपुर साहिब और तलवंडी साबो—को आधिकारिक रूप से पवित्र शहरों का दर्जा दिया है। यह निर्णय श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के अवसर पर लिया गया। मुख्यमंत्री ने इसे प्रदेश के लिए परमात्मा के प्रति कृतज्ञता और जिम्मेदारी का अवसर बताते हुए कहा कि अब इन शहरों को आधिकारिक रूप से रूहानियत और धार्मिक श्रद्धा के केंद्र के रूप में मान्यता प्राप्त है।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि इन पवित्र शहरों में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ई-रिक्शा, मिनी-बसें और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही, शहरों की पवित्रता बनाए रखने के लिए मांस, शराब, तंबाकू और किसी भी नशीले पदार्थ की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार इन शहरों के समग्र और संतुलित विकास को सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।

    भगवंत सिंह मान ने सिख संगत को बधाई देते हुए कहा कि यह निर्णय बहुत पहले लागू होना चाहिए था। 15 दिसंबर, 2025 को आधिकारिक अधिसूचना के माध्यम से अमृतसर, श्री आनंदपुर साहिब और तलवंडी साबो को पंजाब राज्य के पवित्र शहर घोषित किया गया। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि यह कदम न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को मान्यता देता है, बल्कि इन शहरों को विश्वस्तरीय सुविधाओं और श्रद्धालुओं के लिए सुगम परिवहन के साथ एक आदर्श धार्मिक केंद्र भी बनाएगा।

  • मान सरकार की शिक्षा क्रांति: 23 लाख अभिभावकों की मौजूदगी में हुई पंजाब की सबसे बड़ी मेगा PTM

    मान सरकार की शिक्षा क्रांति: 23 लाख अभिभावकों की मौजूदगी में हुई पंजाब की सबसे बड़ी मेगा PTM

    चंडीगढ़: पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा बच्चों के समग्र विकास के उद्देश्य से आयोजित चौथी मेगा अभिभावक–शिक्षक बैठक (मेगा पीटीएम) को अभूतपूर्व समर्थन मिला। राज्यभर में आयोजित इस बैठक में 23.30 लाख से अधिक अभिभावकों ने भाग लिया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य अभिभावकों और शिक्षकों के बीच मजबूत साझेदारी स्थापित कर विद्यार्थियों के शैक्षणिक, भावनात्मक और सामाजिक विकास को बेहतर बनाना है।

    राज्य स्तरीय कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षा मंत्री स हरजोत सिंह बैंस ने सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल (बालिकाएं), श्री आनंदपुर साहिब में की, जबकि ‘आप’ पंजाब इंचार्ज मनीष सिसोदिया ने जिला होशियारपुर के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्मार्ट स्कूल पद्दी सूरा सिंह में मेगा पीटीएम में शिरकत की। इसके अलावा विधायकों, स्कूल शिक्षा सचिव अनिंदिता मित्रा, एससीईआरटी निदेशक किरण शर्मा, उपायुक्तों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने 7,500 से अधिक स्कूलों का दौरा कर शिक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।

    शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दूरदर्शी नेतृत्व में पंजाब की स्कूल शिक्षा नई ऊँचाइयों को छू रही है। उन्होंने बताया कि 40 हजार से अधिक शिक्षकों को अभिभावक कार्यशालाओं के लिए प्रशिक्षित किया गया है, ताकि घर और स्कूल के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके। इस पहल से विद्यार्थियों की पढ़ाई, उपस्थिति और मानसिक विकास में सुधार आने की उम्मीद है, क्योंकि यह कार्यक्रम अभिभावकों को बच्चों की शिक्षा में सक्रिय भागीदार बनाता है।

  • RSS प्रमुख मोहन भागवत का बड़ा बयान, बंगाल में बाबरी का मुद्दा सिर्फ वोट का… हिंदुओं को एकजुट होना होगा

    RSS प्रमुख मोहन भागवत का बड़ा बयान, बंगाल में बाबरी का मुद्दा सिर्फ वोट का… हिंदुओं को एकजुट होना होगा

    नेशनल डेस्क। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत इन दिनों पश्चिम बंगाल के दौरे पर हैं। रविवार को उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान देश, धर्म, राजनीति और समाज से जुड़े कई मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। संघ प्रमुख ने कहा कि सरकारें समय के साथ बदलती रहती हैं, लेकिन धर्म हमेशा बना रहता है। उन्होंने कहा कि बंगाल में बाबरी मस्जिद का मुद्दा दोबारा उठाना एक राजनीतिक साजिश जैसा है। इससे नया विवाद खड़ा करने की कोशिश हो रही है। भागवत के अनुसार यह मुद्दा न तो मुसलमानों के हित में है और न ही हिंदुओं के फायदे के लिए। उन्होंने साफ कहा कि बाबरी मस्जिद का मामला केवल वोट बैंक की राजनीति के लिए उठाया जा रहा है। मंदिर-मस्जिद का मामला सुप्रीम कोर्ट में खत्म हो चुका है मोहन भागवत ने कहा कि मंदिर-मस्जिद से जुड़ा विवाद सुप्रीम कोर्ट के फैसले के साथ खत्म हो चुका है। इसके बावजूद बार-बार बाबरी मस्जिद का नाम लेना हिंदू और मुसलमान—दोनों के लिए खतरनाक है। उन्होंने कहा कि मंदिर और मस्जिद जनता के पैसे से बने हैं। सरकार इनकी सुरक्षा जरूर कर सकती है, लेकिन इनके रखरखाव या निर्माण के लिए सरकारी खजाने का इस्तेमाल करना कानून के खिलाफ है।   कहा-बंगाल में बढ़ रहा मुस्लिम कट्टरपंथ संघ प्रमुख ने आरोप लगाया कि बंगाल में मुस्लिम कट्टरपंथ बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सीमा कुछ लोगों के लिए खोली गई, जिससे और लोग अंदर आ गए। भागवत ने कहा कि इस स्थिति पर सरकार को जवाब देना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि हिंदुओं के लिए भारत ही एकमात्र देश है, इसलिए भारत सरकार को इस मुद्दे पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर हिंदू समाज एकजुट रहता है, तो बंगाल के हालात बदलने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। संघ मुस्लिम विरोधी नहीं, राष्ट्रवादी है मोहन भागवत ने स्पष्ट किया कि संघ किसी भी धर्म के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि RSS मुस्लिम विरोधी नहीं बल्कि राष्ट्रवादी संगठन है। संघ का उद्देश्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाना है। राजनीति में बदलाव लाना उनका काम नहीं है। उन्होंने दोहराया कि सरकारें बदलती रहती हैं, लेकिन धर्म हमेशा बना रहता है। हिंदू राष्ट्र पर संघ की सोच हिंदू राष्ट्र के सवाल पर भागवत ने कहा कि हिंदुत्व का मतलब कट्टरता नहीं है। उन्होंने कहा कि धर्म आधारित संविधान ही हमारे संविधान की मूल भावना है। बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर ने जो संविधान बनाया, वह हिंदू राष्ट्र की भावना से अलग नहीं था।

    भागवत ने कहा कि भारत एक हिंदू राष्ट्र है—यह संघ की सोच है। अगर भविष्य में जरूरत पड़ी तो इसे संविधान और प्रस्तावना में भी जोड़ा जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि हिंदुत्व किसी एक परंपरा या तरीके से तय नहीं होता, बल्कि इसके पालन के कई रास्ते हैं। उनका उद्देश्य हिंदुओं को एकजुट करना है।

    बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति चिंताजनक बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार को लेकर संघ प्रमुख ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वहां हालात काफी मुश्किल हैं और बांग्लादेश के हिंदुओं की मदद जरूरी है। उन्होंने कहा कि दुनियाभर के हिंदुओं को आगे आकर उनकी मदद करनी चाहिए। भारत को अपनी सीमाओं में रहते हुए जितनी मदद संभव हो, उतनी करनी चाहिए। भागवत ने कहा कि बांग्लादेश के हिंदुओं को भी एकजुट रहना होगा और संघ अपनी तरफ से जो संभव है, वह कर रहा है। मदरसों में आधुनिक शिक्षा जरूरी: भागवत मदरसों को लेकर मोहन भागवत ने कहा कि वहां आधुनिक शिक्षा दी जानी चाहिए। उन्होंने असम सरकार के मदरसों से जुड़े फैसले को सही बताया। भागवत ने कहा कि कुछ मदरसे भारत समर्थक हो रहे हैं और वहां देश से जुड़ी पढ़ाई भी करवाई जा रही है, लेकिन सभी मदरसे ऐसा नहीं कर रहे। उन्होंने कहा कि मदरसों में आधुनिक और राष्ट्रवादी शिक्षा देना जरूरी है, ताकि समाज के हर वर्ग को आगे बढ़ने का मौका मिल सके।    
  • Punjab News: इस इलाके में शुरु हुआ फोरलेन ओवरब्रिज प्रोजेक्ट, ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत, देखें वीडियो

    Punjab News: इस इलाके में शुरु हुआ फोरलेन ओवरब्रिज प्रोजेक्ट, ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत, देखें वीडियो

    अमृतसर: अमृतसर-तरनतारन रोड़ पर बन रहे फोरलेन ओवरब्रिज और लिंक रोड प्रोजेक्ट का काम शुरु हो गया है। पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ और दक्षिणी हलके से विधायक डॉ. इंदरबीर सिंह ने प्रोजेक्ट का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मीडिया के साथ बातचीत भी की।

    कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने बताया कि अमृतसर शहर में काफी समय से चौथे लिंक रोड की जरुरत लग रही थी। इसके कारण लोगों को आने-जाने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। पहले अमृतसर के तीनों मुख्य मार्ग आपस में जुड़े हुए थे परंतु छब्बेवाल और झबाल की ओर जाने वाला करीबन 6 किलोमीटर लंबा प्रोजेक्ट यह काफी समय से लटका हुआ था।

    समय की जरुरत को देखते हुए अब सरकार ने इस प्रोजेक्ट को फिर से शुरु किया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस प्रोजेक्ट के लिए 61 करोड़ 49 लाख रुपये की मंजूरी भी दी है। यह काम सिर्फ 54 करोड़ 72 लाख रुपये की लागत में पूरा होगा। ऐसे में इससे सरकार की बड़ी वित्तीय बचत भी होगी। इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत लगभग साढ़े पांच किलोमीटर लंबी सड़क और 550 मीटर लंबा रेलवे ओवरब्रिज बनाया जाएगा।

    ठेकेदार को इस काम को पूरे करने के लिए दो साल का समय दिया गया है परंतु सरकार की कोशिश है कि यह डेढ़ साल के अंदर ही पूरा हो जाए। उन्होंने कहा कि जैसे सुल्तानविंड फ्लाइओवर को तय समय से पहले पूरा किया जा रहा है ऐसे ही यह प्रोजेक्ट भी समय से पहले पूरा करने की कोशिश की जाएगी।

    दक्षिणी हलके के विधायक डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर ने कहा कि यह प्रोजेक्ट साउथ अमृतसर के लिए बहुत जरुरी था। इलाके में ट्रैफिक जाम की दिक्कत हर रोज गंभीर हो रही थी और आने वाले समय में यह और भी ज्यादा बढ़ सकती थी। उन्होंने इस दौरान कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ और सीएम भगवंत मान का धन्यवाद किया।

    उनका कहना है कि सीएम मान के साथ से ही हलके में तीन बड़े पुलों का प्रोजेक्ट एक साथ चल रहा है। यह शहरवासियों के लिए बड़ी अच्छी बात है। उन्होंने यह भी बताया कि तरनतारन रोड को फोरलेन किया जा रहा है। इसके अलावा शहीदा साहिब तक सड़क भी और चौड़ी की जाएगी। इसके अलावा इलाके में पड़े हुए बड़े कूड़े के डंप को भी हटाने का काम किया जा रहा है। इससे भविष्य में हरियाली और पार्क विकसित होंगे।

     

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    Punjab News: Rapper Badshah का सराहनीय कदम, बाढ़ पीड़ित परिवार को खुद नये घर की सौंपी चाबी, देखें वीडियो

    अमृतसर। पंजाब भर में आई भीषण बाढ़ की वजह से लाखों लोग प्रभावित हो गये थे। जिसके बाद मदद के लिए जिले के अजनाला क्षेत्र के गांव पैड़ेवाल में मशहूर रैपर और सिंगर बादशाह ने इंसानियत की मिसाल पेश की। बाढ़ से प्रभावित एक जरूरतमंद परिवार के लिए उन्होंने नया घर बनवाया और उसकी चाबी खुद परिवार को सौंपीं। इस मौके पर उनकी मां अविनाश कौर भी उनके साथ मौजूद रहीं।

    बाढ़ में उजड़ गया था परिवार का आशियाना
    बताया जा रहा है कि हाल ही में आई बाढ़ के कारण इस परिवार का घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था, जिससे वे बेघर हो गए थे। ऐसे मुश्किल समय में बादशाह ने आगे बढ़कर परिवार के लिए पक्का और सुरक्षित घर बनवाने का फैसला लिया।

    मां अविनाश कौर बोलीं – घर मिलना सबसे बड़ी खुशी
    बादशाह की मां अविनाश कौर ने कहा कि अगर किसी इंसान के सिर से छत चली जाए तो मानो सब कुछ खत्म हो जाता है। उन्होंने कहा कि जब किसी को दोबारा घर मिल जाता है, तो उससे बड़ी खुशी और कुछ नहीं होती। उन्हें इस बात की खुशी है कि उनके बेटे को यह सेवा करने का अवसर मिला।

    बादशाह बोले – जरूरतमंदों की मदद करना हमारी जिम्मेदारी
    इस मौके पर बादशाह ने कहा कि उन्हें बेहद खुशी महसूस हो रही है कि वे इस परिवार को एक सुरक्षित छत दे पाए। उन्होंने कहा कि समाज में जो लोग सक्षम हैं, उन्हें आगे आकर जरूरतमंदों की मदद जरूर करनी चाहिए। बादशाह ने कहा कि जब पंजाब में बाढ़ के हालात बने थे, तब उन्हें पूरा भरोसा था कि पंजाबी लोग एक-दूसरे के साथ मजबूती से खड़े होंगे।

    खालसा एड का भी किया जिक्र
    बादशाह ने बताया कि इस सेवा कार्य में खालसा एड ने उन्हें सही रास्ता दिखाया और मदद का माध्यम बना। उन्होंने कहा कि इस मुश्किल समय में पंजाब के लगभग सभी सिंगर और कलाकार पंजाब के साथ खड़े हैं। गांव पहुंचकर उन्हें ऐसा लगा जैसे वे अपने ही घर आए हों।

    गांववासियों ने जताया आभार
    इस नेक कार्य पर गांव के लोगों ने बादशाह और उनके परिवार का दिल से धन्यवाद किया। वहीं, बादशाह की मां ने भी इस सेवा कार्य पर संतोष जताते हुए कहा कि उन्हें अपने परिवार पर गर्व महसूस हो रहा है।