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  • मुख्यमंत्री सुख आश्रय कोष को HIMUDA का 11 लाख रुपये का योगदान

    मुख्यमंत्री सुख आश्रय कोष को HIMUDA का 11 लाख रुपये का योगदान

    शिमला: नगर नियोजन, आवास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने आज जिला कांगड़ा के धर्मशाला में हिमुडा की ओर से मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू को सुख आश्रय कोष के लिए 11 लाख रुपये का चेक भेंट किया। मुख्यमंत्री ने इस पुनीत कार्य के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के योगदान की अनाथ बच्चों, निराश्रित महिलाओं और अन्य जरूरतमंद लोगों के हित में सुख आश्रय कोष के तहत की जा रही विभिन्न कल्याणकारी पहलों को संबल प्रदान करने में दूरगामी भूमिका है।

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर लाभार्थी को सुरक्षित और सम्मानपूर्ण जीवन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में हर संभव प्रयास किए जा रहे है। इस अवसर पर ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, विधायक राम कुमार और मुख्य सचिव संजय गुप्ता, हिमुडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुरेन्द्र वशिष्ठ भी उपस्थित थे।

  • Himachal News: 11 नवम्बर से 16 दिसम्बर तक राज्य और जिला स्तर पर कार्यक्रम

    Himachal News: 11 नवम्बर से 16 दिसम्बर तक राज्य और जिला स्तर पर कार्यक्रम

     जल संरक्षण के प्रति जन समुदाय की सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण % महेन्द्रपाल गुर्जर ऊना/ सुशील पंडित :भू-जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन के महत्व को बढ़ावा देने के लिए एक माह तक चलने वाला वाटरशेड महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। राज्य स्तर पर यह महोत्सव 11 से 16 नवम्बर तक  मनाया गया है, जबकि जिला और खंड स्तर पर संबंधित कार्यक्रम 17 नवम्बर से 16 दिसम्बर तक आयोजित किए जा रहे हैं।
    यह जानकारी एडीसी ऊना महेन्द्र पाल गुर्जर ने बुधवार को महोत्सव के तहत आयोजित गतिविधियों की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक में दी। श्री गुर्जर ने कहा कि जल संरक्षण के प्रति जन समुदाय की सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि महोत्सव का मुख्य उद्देश्य लोगों में जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें इस दिशा में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित करना है।
    उन्होंने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2-0 परियोजनाओं की समीक्षा, भावी वाटरशेड विकास योजना पर मंथन और जन जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल योजनाओं की प्रगति की नियमित निगरानी की जाए और जल उपयोग दक्षता बढ़ाने के लिए नवाचार अपनाए जाएं।
    उन्होंने बताया कि वाटरशेड महोत्सव के अन्तर्गत पूरा हो चुके काम का लोकार्पण, नए शुरू होने वाले कार्यों का भूमिपूजन, श्रमदान, वृक्षारोपण गतिविधियों के साथ-साथ इस अभियान में जन-सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।
    महोत्सव के तहत बंगाणा विकास खण्ड में कार्यक्रम आयोजित किये गये हैं। इसमें खरयालता ग्राम पंचायत में नई परियोजना का भूमि पूजन, ग्राम  पंचायत डीहर, दोबड़, थानाकलां व खरयालता में पूरी हो चुकी परियोजनाओं का लोकार्पण तथा डीहर ग्राम पंचायत में बागवानी पौधरोपण किया गया है। जबकि गगरेट विकास खण्ड की ग्राम पंचायत अमलैहड़ में भूमि पूजन व एक परियोजनाका लोकार्पण कार्यक्रम तथा ऊना विकास खंड की ग्राम पंचायत समूरकलां, डंगोली व लमलैड़ी में भूमि पूजन, ग्राम पंचायत डंगोली, लमलैहड़ी, मदनपुर व झम्बर में लोकार्पण और समूहकलां व मदनपुर पंचायत में टूल किट वितरण कार्यक्रम 8 दिसम्बर को किया जाएगा। उन्होंने इन कार्यक्रमों कालेज के छात्रों को भी जोड़ने के निर्देश दिए।
    *सोशल मीडिया रील से 50 हजार कमाने का सुअवसर*
    एडीसी ने बताया कि वाटरशेड महोत्सव के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों के साथ ^सोशल मीडिया प्रतियोगिता’ का आयोजन भी किया जा रहा है। इस राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में सोशल मीडिया पर रील बनाने वाले प्रथम 4 विजेताओं को 50-50 हजार रुपये, जबकि 50 उत्कृष्ठ फोटोग्राफ के विजेताओं को एक–एक हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। इच्छुक प्रतिभागी आगामी 31 जनवरी से पूर्व जल संचयन संरचनाओं, बागवानी, कृषि वानिकी तथा डब्ल्यूडीसी-पीएमकेएसवाई 1.0 एवं 2.0  सहित अन्य वाटरशेड योजनाओं के अंतर्गत निर्मित संरचनाओं और उनसे लोगों को इनसे को होने वाले लाभों को दर्शाते हुए 30 से 60 सेकंड का लघु वीडियो रील या फोटो तैयार कर इसमें भाग ले सकते हैं।
    प्रतिभागियों को अपने कंटेंट को फेसबुक, इंस्टाग्राम, लिंक्डइन, यूट्यूब या ट्विटर पर निर्धारित हैशटैग के साथ पोस्ट करना होगा और पंजीकरण ऑनलाइन पोर्टल पर करना होगा। प्रतिभागियों को ये कंटेंट 12 नवंबर से 31 दिसम्बर 2025 के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड करना होगा। पोस्ट की गई सामग्री का लिंक भी पंजीकरण में उपलब्ध कराना अनिवार्य है। हैशटैग #WDC&PMKSY&Watershed Mahotsav 2025 का उपयोग करना अनिवार्य होगा तथा । पोस्ट करने के बाद प्रतिभागियों को निर्धारित वेबसाइट पोर्टल  https:@@wdcpmksy-dolr-gov-in@registerMahotsav पर ऑनलाइन पंजीकरण व नामांकन करना होगा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट की गई सामग्री का लिंक भी पंजीकरण पोर्टल पर उपलब्ध होगा, जिसके बाद उन्हें सफल पंजीकरण का पुष्टिकरण मेल प्राप्त होगा। प्रतियोगिता अवधि समाप्त होने के पश्चात 31 जनवरी 2026, शाम 6 बजे तक प्रतिभागियों को अपने पोस्ट के रीच (व्यू), इंगेजमेंट (लाइक एवं कमेंट) का स्क्रीनशॉट पोर्टल पर जमा करना होगा। आईडब्ल्यूएमपी, डब्ल्यूडीसी-पीएमकेएसवाई 1.0 और 2.0  के तहत विकसित जल संचयन संरचनाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी भी विभागीय वेबसाइट https:@@wdcpmksy-dolr-gov-in पर उपलब्ध है।
    बैठक में जिला विकास अधिकारी रमनवीर चौहान, उपनिदेशक कृषि विभाग कुलभूषण धीमान, जिला आयुष अधिकारी डॉ. किरण शर्मा, खंड विकास अधिकारी अम्ब ओमपाल, गगरेट सुरिन्द्र कुमार, बंगाणा केएल वर्मा, हरोली मुकेश कुमार व ऊना सुशील कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।
  • Jalandhar News: रेलवे स्टेशन पर हंगामा होने के मामले में मीडिया के सामने आई महिला, देखें वीडियो

    Jalandhar News: रेलवे स्टेशन पर हंगामा होने के मामले में मीडिया के सामने आई महिला, देखें वीडियो

    जालंधर, ENS: रेलवे स्टेशन पर कुछ दिन पहले कार की चेकिंग को लेकर महिला द्वारा हंगामा करने की वीडियो सामने आई थी। वहीं इस मामले को लेकर मीडिया के सामने आई। जहां महिला ने अपनी जान को खतरा बताया। महिला का कहना है कि उसे नहीं पता कि कौन उसका दुश्मन है। महिला ने घटना को लेकर बताया कि उस दौरान कोई महिला पुलिस कर्मी चैकिंग के दौरान मौजूद नहीं थी। आरोप है कि पुलिस भी उनकी गाड़ी की चैकिंग नहीं कर रही थी, लेकिन 2 युवकों द्वारा कहने पर पुलिस ने चैकिंग की थी।

    इस मामले को लेकर आज महिला ने पुलिस कमिश्नर दफ्तर जाकर मामले को लेकर शिकायत दी है। महिला ने शिकायत में लिखा है कि उसका नाम खुशी है और वह घास मंडी की रहने वाली है और उसका सखी मैनेजमेंट ग्रुप का काम है। जिसके कारण उन्हें किसी भी समय काम के सिलसिले से घर से बाहर जाना पड़ता है। महिला ने बताया कि घटना के दौरान उसके साथ पूजा और नेहा गाड़ी में मौजूद थी।

    महिला ने बताया कि इवेंट का काम होने के कारण वह गुलाब वाटिका में इवेंट का काम कर रही थी। काम खत्म होने के बाद उन्हें भूख लगने लगी और वह रेलवे स्टेशन खाना खाने के लिए चले गए। वह गाड़ी पार्क करके ऑर्डर देने के लिए गई। मुंह ढके हुए दो लड़के आए और उसके साथ गलत व्यवहार करने लगे। इसके बाद वहां पर मौजूद लड़कों के साथ उसकी बहसबाजी हो गई। घटना डेढ से 2 बजे की है।

    इस घटना को लेकर वह अपनी सेफ्टी के लिए रेलवे स्टेशन में चली गई, पुलिस कांस्टेबल उसकी जान पहचान वाले थे। इस दौरान महिला ने उन्हें लड़कों द्वारा बदतमीजी करने के बारे में बताया और पुलिस कर्मी को अपनी सेफ्टी के लिए बाहर बुलाया। अजर्न दोनों लड़के उसके पास आए और पूछने वालों की क्या बात हो गई, जिसके बाद पुलिसकर्मी ने बताया कि वह उनके रिश्तेदार ही है।

    महिला का आरोप है कि जब उसने अपने रिश्तेदार पुलिसकर्मी को बताया कि यह वही लड़के हैं जो उसके साथ गलत व्यवहार कर रहे थे तो उक्त लड़के पीसीआर के दो पुलिसकर्मी को लेकर वहां परआ गए। इसके बाद उसके कैमरा ऑन करने पर भी बाधक गई और उसे कैमरा बंद करने के लिए कहा। इसी बात को लेकर दोनों में बहसबाजी शुरू हो गई थी। वहीं डीएसपी मेरा मामा वाले बयान को लेकर कहा कि उसका मामा डीएसपी नहीं है बल्कि उसके मामा के जान पहचान वाले हैं। वह पहले जालंधर में तैनात थे, लेकिन अब उनका ट्रांसफर हो गया है।

  • ऊना जिले में खाद्य सुरक्षा मानकों के कड़े पालन को लेकर उपायुक्त ने दिए सख्त निर्देश

    ऊना जिले में खाद्य सुरक्षा मानकों के कड़े पालन को लेकर उपायुक्त ने दिए सख्त निर्देश

    ऊना/सुशील पंडित: उपायुक्त जतिन लाल ने जिले में खाद्य सुरक्षा मानकों के प्रभावी पालन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे खाद्य सैंपलों की संख्या बढ़ाएं और नियमों का उल्लंघन करने वाले खाद्य व्यवसाय संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें। साथ ही, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा को राज्य कर एवं आबकारी विभाग, ऊना के साथ समन्वय स्थापित कर यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि उनके नियंत्रण क्षेत्र के सभी शराब विक्रेता अनिवार्य रूप से खाद्य लाइसेंस प्राप्त करें। यदि कोई विक्रेता लाइसेंस प्राप्त नहीं करता है, तो उसके खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।

    ये बात उन्होंने बुधवार को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए खाद्य सुरक्षा नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा के दौरान कही।  उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन जिले में स्वस्थ, सुरक्षित और स्वच्छ खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को उपभोक्ताओं को जागरूक करने के लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा।

    बैठक में जिले में खाद्य सुरक्षा कानून के तहत अब तक की प्रवर्तन गतिविधियों और जन जागरूकता कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने अवगत कराया कि जिला में कुल 482 फूड लाइसेंस ऑपरेटर सक्रिय हैं। इसके अलावा 3985 फूड बिजनेस ऑपरेटर को खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण एक्ट के तहत पंजीकृत किया गया है। जिला में अप्रैल 2025 से 28 नवम्बर, 2025 तक 144 नए लाईसेंस बनाए गए जिससे 06 लाख 92 हज़ार रुपये और 1017 को भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण एक्ट के तहत पंजीकृत किया गया जिनसे 6 लाख 3 हज़ार  रुपये पंजीकरण शुल्क एकत्रित की गई। खाद्य व्यवसाय संचालकों को सुगम पंजीकरण और लाइसेंस प्रक्रिया के लिए ऑनलाइन सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

    बैठक में बताया गया कि इस वर्ष खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा 88 नमूने एकत्रित किए गए जिनमें से 62 का परीक्षण प्रयोगशाला में किया गया।  इनमें से 14 नमूने मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए, जिनमें 2 असुरक्षित, 5 गलत ब्रांडिंग वाले, 07 अवमानक पाए गए, जबकि 48 नमूने मानक अनुरूप घोषित किए गए। खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर 12 लाख उन्सठ हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। दिवाली पर्व के दौरान खाद्य सुरक्षा अभियान के तहत 1500 किलोग्राम पनीर जब्त किया गया।

    उपायुक्त जतिन लाल ने बताया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण द्वारा  जिला ऊना को मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब उपलब्ध करवाई गई है, जिसके माध्यम से दूध, तेल, जूस आदि का त्वरित और निःशुल्क परीक्षण किए जाएंगे। उन्होंने इस मोबाइल वैन के सुचारू संचालन लिए पर्याप्त स्टॉफ उपलब्ध करवाने का आश्वासन भी दिया। उन्होंने कहा कि यह वैन जागरूकता और निगरानी कार्यों में भी उपयोग होगी।

    फूड फोर्टिफिकेशन को लेकर सरकार द्वारा दूध, खाद्य तेल, आटा, चावल और नमक को विटामिन और खनिजों से समृद्ध करने की पहल की गई है, जिससे लोगों को पोषणयुक्त आहार मिले। ऊना जिले में 1506 लीटर उपयोग में लाए जा चुके पुराने खाद्य तेल का संग्रहण कर बायोडीजल उत्पादन के लिए भेजा गया। खाद्य व्यवसाय संचालकों के लिए खाद्य सुरक्षा पर्यवेक्षकों का अनिवार्य प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जा रहा है। बैठक में सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा जगदीश धीमान, डीएफएससी राजीव शर्मा, उपनिदेशक कृषि डॉ. कुलभूषण धीमान सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

     

     

  • अब से नए एल.एच.बी. डिब्बों के साथ चलेगी दौलतपुर चौक – गांधीनगर कैपिटल एक्सप्रेस

    अब से नए एल.एच.बी. डिब्बों के साथ चलेगी दौलतपुर चौक – गांधीनगर कैपिटल एक्सप्रेस

    रेलवे एक्टिविस्ट अरुण कौशल द्वारा उठाई मांग हुई पूरी 

    ऊना /सुशील पंडित: गुजरात के गांधीनगर कैपिटल से राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़ , पंजाब होते हुए ज़िला ऊना के विभिन्न स्थानों पर पहुंचने वाली 19411/19412 एक्सप्रेस रेलगाड़ी अब रूप में दिखाई देंगी। बीते जून में रेलवे एक्टिविस्ट और युवा भाजपा नेता अरुण कौशल द्वारा पश्चिम रेलवे के समक्ष इस रेलगाड़ी के कोच बदलने की मांग उठाई गई थी।

    जिस पर रेलवे द्वारा मांग को स्वीकार कर जल्द इसे नए डिब्बों के साथ इसे चलाने का आदेश जारी किया था।इस रेलगाड़ी में 2 डिब्बे द्वितीय वातानुकूलित श्रेणी , 5 तृतीय श्रेणी वातानुकूलित श्रेणी, 7 शयनयान ( स्लीपर) श्रेणी और 4 सामान्य श्रेणी के डिब्बे होंगे। आपको बताते चलें कि एल.एच.बी. डिब्बों की अधिकतम गति 130 किलोमीटर प्रति घंटे होती हैं और इन डिब्बों में आई.सी.एफ. के मुक़ाबले ज्यादा सीटें होतीं है और ये डिब्बे अधिक सुरक्षित हैं।

  • MSHIPA में आधार प्रमाणीकरण अधिकारियों का प्रशिक्षण संपन्न

    MSHIPA में आधार प्रमाणीकरण अधिकारियों का प्रशिक्षण संपन्न

    शिमला: भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने डॉ. मनमोहन सिंह हिमाचल प्रदेश लोक प्रशासन संस्थान मशोबरा में आधार प्रमाणीकरण संचालकों और निरीक्षकों के लिए एक दिवसीय राज्य स्तरीय मेगा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया।

    इस कार्यशाला में डिजिटल टेक्नोलॉजीज एवं गवर्नेंस, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, हिमाचल प्रदेश ग्रामीण बैंक, हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड से 70 प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आधार प्रमाणीकरण प्रणाली, नियम, प्रक्रियाएं, सर्वोत्तम प्रथाएं और सुरक्षित एवं सुचारू सेवा प्रदान करने के लिए आवश्यक सुरक्षा प्रोटोकॉल को शामिल किया गया।

    सत्र के दौरान कौशल विकास, डेटा की शुद्धता, गोपनीयता और व्यावहारिक समस्या-समाधान पर विशेष बल दिया गया। प्रतिभागियों ने चर्चा और वास्तविक परिस्थितियों पर आधारित व्यावहारिक जानकारी हासिल की। कार्यक्रम का शुभारम्भ यूआईडीएआई क्षेत्रीय कार्यालय चंडीगढ़ के उप-निदेशक तेजिंदर पाल सिंह ने किया। यूआईडीएआई मुख्यालय से अनिल शर्मा, अनुपालन विभाग के एएम कुलदीप शर्मा और राज्य परियोजना प्रबंधक विजय एस. सिंह ने विस्तृत तकनीकी एवं व्यावहारिक सत्रों का संचालन किया।

  • धर्मपुर में कृषि विभाग आत्मा परियोजना के अंतर्गत किसान गोष्ठी का आयोजन

    धर्मपुर में कृषि विभाग आत्मा परियोजना के अंतर्गत किसान गोष्ठी का आयोजन

    ऊना/सुशील पंडित: विधानसभा क्षेत्र हरोली की ग्राम पंचायत धर्मपुर में कृषि विभाग आत्मा परियोजना के अंतर्गत एक दिवसीय किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया । इस कार्यक्रम में लगभग 120 किसानों ने भाग लिया | कृषि विभाग आत्मा परियोजना से परियोजना निदेशक डॉ॰ प्यारो देवी ने किसानों को राजीव गांधी प्राकृतिक खेती ख़ुशहाल किसान योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए रासायनिक खेती से होने वाले दुष्प्रभावों से भी अवगत करवाया  साथ ही उपपरियोजना निदेशक डॉ॰ तनुजा कपूर व  डॉ॰ शामली गुप्ता ने आत्मा परियोजना की जानकारी दी। खंड तकनीकी प्रबंधक डॉ॰ अंकुश शर्मा ने सरकार द्वारा किसानों के हित में चलाए जाने वाली फसल बीमा योजना के बारे में किसानो को बताया। सहायक तकनीकी प्रबंधक डॉ॰ दविंदर कौर और डॉ॰ शिवांक जसवाल ने किसानों को देसी गाय के गोबर गौमूत्र से तैयार  जीवामृत, वीजामृत इत्यादि बनाने के बारे में बताते हुए अधिक से अधिक किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया । इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र से डॉ॰ संजय शर्मा ,कृषि विभाग से डॉ॰ दीपिका भाटिया, बाग़वानी विभाग से उद्यान विकास अधिकारी डॉ॰ कविता चंदेल , पशुपालन विभाग से डॉ॰ राधिका शर्मा  ने अपने विभागों में चल रही गतिविधियों के बारे में किसानों को जानकारी दी।  ग्राम पंचायत प्रधान श्रीमती सुभद्रा चौधरी ने किसानों को बढ़ चढ़कर प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया । इस मौक़े पर सभी वार्ड पंच भी उपस्थित रहे ।
  • देव व्रत यादव को चंडीगढ़ में सशक्तिकरण उत्कृष्टता पुरस्कार से अलंकृत किया

    देव व्रत यादव को चंडीगढ़ में सशक्तिकरण उत्कृष्टता पुरस्कार से अलंकृत किया

    समाद मे अभूतवर्प योगदान करने पर दिया गया पुरस्कार

    बद्दी/सचिन बैंसल: चंडीगढ़ स्थित कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ इंडियन इंडस्ट्री (सी.आई.आई.) ने बद्दी के  ईएसआई से सेवानिवृत सहायक निदेशक देव व्रत यादव को सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए सशक्तिकरण उत्कृष्टता पुरस्कार” से अलंकृत किया गया। यह अवार्ड इंटरनेशनल एजुकेशन स्पेशलिस्ट संस्था की ओर से उनके समाज में अभूतपूर्व योगदान के लिए दिया गया।  हरियाणा  विधान सभा के सचिव राजेंद्र प्रसाद,  जीएमएच अस्पताल के निदेशक डॉ. गुरविंद्र पाल धामी तथा  पूर्व  मेजर जनरल गुरचरण सिंह अलख  की गौरवमयी उपस्थिति में संस्था की हेड सेल्स एंड ऑपरेशन कंचन बेदी  ने दिया । सशक्तिकरण उत्कृष्टता पुरस्कार” पाकर देव व्रत यादव ने हिमाचल प्रदेश व हरियाणा दोनों प्रदेशो का नाम रोशन किया।

    इस मौके पर समाजसेवी देव व्रत यादव ने बताया कि  वे हरियाणा राज्य के जिला रेवाड़ी के एक छोटे से गाँव कालुवास में कृषि पंडित राव रामजी लाल के घर सन 1961 में पैदा हुए और उनकी माता का नाम समती  देवी है । जिस जमाने में लड़कियों को स्कूल भेजने से लोग परहेज करते थे, उस जमाने में उनकी बहने कॉलेज तक गई और रविता यादव कबड्डी की एक अच्छी खिलाडी रही तथा प्रधानाचार्य के पद से सेवानिवृत हुई इसी प्रकार कृष्णा यादव बतौर मुख्य अध्यापिका सेवानिवृत हुई। वर्ष 1983 में उन्होंने  ई. एस. आई. में बतौर निम्न श्रेणी के पद पर चंडीगढ़ में कार्यग्रहण किया और वर्ष 2008 बतौर सामाजिक सुरक्षा अधिकारी, जन संपर्क के रूप में हिमाचल प्रदेश में सेवाएं दी । वर्ष 2021 में सहायक निदेशक के पद से सेवानिवृत हुए। अपने सेवाकाल के दौरान उन्होंने उद्योगों में काम करने वाले कामगारों और उनके परिवारों की समस्याओ के लिए सराहनीय कार्य किये। सड़क दुर्घटना में मारे गए कामगार के पेंशन कागजात एक ही दिन में परिजनों को सौप कर राष्ट्रीय स्तर पर सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में एक उदहारण पेश किया।

    यादव ने कहा कि  सेवानिवृति के पश्चात अब बद्दी हिमाचल प्रदेश में सामाजिक सेवाएं  दे रहे है। उन्होंने ने बताया कि  वे चैम्बर आफ कॉमर्स हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष सतीश गोयल, “नर सेवा – नारायण सेवा लंगर समिति बद्दी” के मुख्य संयोजक राधा गोविन्द मंत्री, प्रधान विष्णु शर्मा, सचिव अनुपम शर्मा और उपाध्यक्ष् परमबीर चौहान, “भारत विकास  परिषद् बद्दी” के अध्यक्ष रमन कौशल, कोषाध्यक्ष नीरज गुप्ता व “भारतीय मजदूर संघ” के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष मेलाराम चंदेल तथा ई. एस. आई. रीजनल डायरेक्टर कर्नल मंजीत कटोच के सहयोग और स्नेह से हिमाचल प्रदेश ही नहीं अपितु पूरे देश में मजदूरों की सहायता कर रहे है । विषेशतः बाढ़ पीड़ितों, अग्निपीड़ितों को मौके पर ही राशन, बर्तन और वस्त्र आदि उपलब्ध कराते रहते है तथा सरकारी स्कूलों के बच्चो को शिक्षण सामग्री व् वस्त्र आदि वितरित करते रहते है।

    उनकी संस्था “नर सेवा – नारायण सेवा लंगर समिति बद्दी” ने  पांच मेधावी छात्राओं  को शिक्षण के लिए गोद भी लिया हुआ है। समय समय पर ब्लड डोनेशन कैंप भी आयोजित करते रहते है। इस अवार्ड के लिए उन्होंने समाज के सभी वर्गों का मिलने वाला सहयोग व स्नेह बताया और इस अवार्ड के लिए उन्होंने “इंटरनेशनल एजुकेशन स्पेशलिस्ट” संस्था  का आभार जताया। इस अवसर पर कंचन बेदी, सेल्स हेड एंड ऑपरेशन, हुतेश नरूला, ब्रांच मैनेजर, हरप्रीत पाहुआ, नूतन रावत, बलबिंद्र ठाकुर व पायल कुश उपस्थित रहे ।

  • पुलिस एफआईआर और भारत में महिला आंदोलन” विषय पर सेमिनार का आयोजन

    पुलिस एफआईआर और भारत में महिला आंदोलन” विषय पर सेमिनार का आयोजन

    ऊना/सुशील पंडित: अटल बिहारी वाजपेई राजकीय महाविद्यालय, बंगाणा के राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा “पुलिस एफआईआर और भारत में महिला आंदोलन” विषय पर एकदिवसीय सेमिनार का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष प्रो. सिकंदर नेगी ने की, जबकि मंच संचालन वेदेही शर्मा ने किया।सेमिनार में वक्ताओं ने दोनों महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की।

    फाइनल ईयर की छात्रा तान्या शर्मा ने पुलिस एफआईआर की प्रक्रिया, महत्व एवं उससे जुड़े कानूनी पक्षों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। इसके पश्चात प्रथम वर्ष की छात्रा सिमरन ने भारत में महिला आंदोलन के इतिहास, उद्देश्यों तथा वर्तमान परिदृश्य पर सारगर्भित विचार रखे। मुख्य संबोधन में प्रो. सिकंदर नेगी ने कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक सेमिनार विद्यार्थियों में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय समसामयिक मुद्दों की समझ विकसित करते हैं। साथ ही यह छात्रों को आगामी परीक्षाओं तथा भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने में भी अत्यंत सहायक सिद्ध होते हैं। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रमेश ठाकुर ने विभाग द्वारा आयोजित सेमिनार की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम न केवल छात्रों में जागरूकता बढ़ाते हैं, बल्कि उन्हें सामाजिक एवं संवैधानिक विषयों पर गहन चिंतन के लिए प्रेरित करते हैं।

    उन्होंने राजनीति विज्ञान विभाग के प्रयासों की प्रशंसा की और भविष्य में भी ऐसे सार्थक कार्यक्रमों के आयोजन का आह्वान किया। कार्यक्रम में राजनीति विज्ञान सोसाइटी की अध्यक्ष अंकिता मनकोटिया, उपाध्यक्ष तनु ठाकुर, कोषाध्यक्ष अभिषेक शर्मा, अन्य छात्र-छात्राएँ तथा संकाय सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सेमिनार के माध्यम से प्रतिभागियों ने समसामयिक विषयों पर गहन ज्ञान अर्जित किया। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के अकादमिक उत्थान की दिशा में विभाग का एक महत्वपूर्ण प्रयास सिद्ध हुआ।

  • मान सरकार की बड़ी पहल: पंजाब के सरकारी स्कूल बन रहे ‘खुशियों की पाठशाला’

    मान सरकार की बड़ी पहल: पंजाब के सरकारी स्कूल बन रहे ‘खुशियों की पाठशाला’

    चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने राज्य के सरकारी स्कूलों में एक कमाल की ‘शिक्षा क्रांति’ शुरू की है। इसका सीधा फायदा बच्चों के अच्छे भविष्य के रूप में दिख रहा है। मान सरकार ने रट्टा लगाने के पुराने और मुश्किल तरीके को हटाकर, फिनलैंड के मशहूर ‘खुशी-आधारित’ (Happiness-First) शिक्षा मॉडल को अपनाया है। इस मॉडल का मकसद बच्चों के बचपन को बचाना और उन्हें खुश इंसान बनाना है।

    सरकारी स्कूलों के मेहनती शिक्षकों को ट्रेनिंग के लिए सीधे फिनलैंड भेजना, दिखाता है कि सरकार शिक्षा के स्तर को दुनिया जैसा बनाना चाहती है। यह सिर्फ एक दौरा नहीं, बल्कि सरकारी स्कूलों पर हमारा पूरा भरोसा है। अब तक 200 से ज्यादा प्राथमिक शिक्षकों को फिनलैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ तुर्कू में 15 दिन की खास ट्रेनिंग के लिए भेजा जा चुका है। यह पहल पिछली सरकारों के झूठे वादों से बिल्कुल अलग है—यह तो काम की गारंटी है! पहला बैच 18 अक्टूबर 2024 को गया, दूसरा 15 मार्च 2025 को और तीसरा 15 नवंबर 2025 को भेजा गया।

    हँसते-खेलते बच्चे, बेहतर भविष्य की गारंटी हैं, और यही कारण है कि शिक्षकों ने फिनलैंड से लौटकर कक्षा का माहौल पूरी तरह बदल दिया है। अब सरकारी स्कूल सिर्फ किताबें पढ़ने की जगह नहीं रहे, बल्कि खुशी, नई सोच और प्रैक्टिकल ज्ञान के केंद्र बन गए हैं। छोटे ब्रेक, बड़ा बदलाव, एकाग्रता में वृद्धि की यह नई नीति अब सरकारी स्कूलों में अपनाई जा रही है, क्योंकि हेड टीचर लवजीत सिंह ग्रेवाल जैसे शिक्षकों ने फिनलैंड से यह सबसे बड़ी सीख ली है कि “बच्चों को साँस लेने, खेलने और तरोताज़ा होने का मौका मिलना चाहिए।” इसीलिए, अब हर दो पीरियड के बाद बच्चों को छोटा ब्रेक दिया जाता है। इस छोटे से बदलाव ने कमाल का असर दिखाया है: अब बच्चे ज्यादा ध्यान, बेहतर एकाग्रता और ऊर्जा के साथ पढ़ाई पर लौटते हैं। हम बच्चों के बचपन का बोझ कम कर रहे हैं!

    क्लासरूम से खेत तक: व्यावहारिक ज्ञान की शक्ति को समझते हुए, शिक्षा अब चार दीवारी तक सीमित नहीं है। बच्चों को मिट्टी और अपनी खेती-बाड़ी की जड़ों से जोड़ने के लिए उन्हें धान के खेतों में ले जाया गया, जहाँ उन्होंने देखा कि रोपाई कैसे होती है। ई.वी.एस. (पर्यावरण अध्ययन,EVS) के पाठ को समझने के लिए छात्रों को बाढ़ वाले इलाकों का दौरा कराया गया ताकि वे खुद समझ सकें कि पेड़ कटने से बाढ़ कैसे आती है—कम पेड़ वाले इलाके ज्यादा प्रभावित हुए। यह सीखने का अनुभव किताबों से कहीं ज्यादा बेहतर था। इसके साथ ही, फिनलैंड से प्रेरणा लेकर, अब स्कूलों में जीवन जीने के जरूरी कौशल (Life Skills) सिखाए जा रहे हैं, जहाँ पुरानी सोच को तोड़ते हुए लड़के सिलाई और लड़कियाँ वेल्डिंग जैसे काम सीखेंगे, क्योंकि वहाँ हर कोई ये हुनर सीखता है।

    माँओं की भागीदारी: घर और स्कूल का गठबंधन बनाने के लिए, पटियाला के कपूरी गाँव में, हेड टीचर जगजीत वालिया ने ‘मॉम वर्कशॉप्स’ शुरू की हैं। यहाँ माताएँ (जिनमें से ज्यादातर घरेलू काम करती हैं और शादी के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी) बच्चों के साथ पहेलियाँ सुलझाने और रंग भरने जैसी एक्टिविटीज़ में हिस्सा लेती हैं। इससे अभिभावक और स्कूल का जुड़ाव बढ़ रहा है। हम पूरे परिवार को शिक्षा से जोड़ रहे हैं!

    तनाव-मुक्त शिक्षा! अनुपस्थिति हुई कम, क्योंकि शिक्षकों ने अब नोटबुक भरवाने पर नहीं, बल्कि रंग भरने, मिट्टी के मॉडल बनाने और सीखने को आसान बनाने पर जोर देना शुरू कर दिया है। क्लस्टर हेड टीचर कविंदर कुमार का कहना है कि फिनलैंड ने उन्हें सिखाया कि आराम और खुशी से बच्चों की हाजिरी (Attendance) बढ़ती है और सुबहें खुशनुमा हो जाती हैं। यही कारण है कि नए बच्चों को खुश करने के लिए चिल्ड्रन डे (14 नवंबर) पर ‘जंबो’ नाम का गुब्बारों से बना एक ‘छात्र’ बनाया गया ताकि वे स्कूल आने के लिए उत्साहित हों। शिक्षक जसप्रीत सिंह के अनुसार, फिनलैंड में बाल देखभाल केंद्र स्कूलों से जुड़े होते हैं, जहाँ बच्चों के लिए थोड़ी देर सोने का समय (nap time) होता है और एक टीचर पर सिर्फ 20 छात्र होते हैं,यह तरीका प्यार, लचीलेपन और लगातार हौसला बढ़ाने पर टिका है।

    संस्थागत बदलाव: शिक्षा क्रांति की मज़बूत नींव और सरकार का दीर्घकालिक विज़न सुनिश्चित करते हुए, शिक्षा सचिव अनिंदिता मित्रा ने भरोसा दिलाया है कि सरकार इन अच्छे बदलावों को पक्का करने के लिए एक मजबूत योजना पर काम कर रही है। जनवरी 2026 से, फिनलैंड से लौटे शिक्षक एक खास शेड्यूल के तहत अपने बाकी साथियों को ट्रेनिंग देना शुरू करेंगे, जिससे यह मॉडल पूरे राज्य में फैलेगा। इसके अलावा, फिनलैंड के साथ पढ़ाई का मटीरियल साझा करने और नई जानकारी लेने-देने की योजना पर भी काम चल रहा है। स्कूलों में हर बच्चे की ताकत जानने के लिए साइकोमेट्रिक लैब बनाने का काम भी जारी है।मुख्यमंत्री भगवंत मान की दूरदर्शिता के कारण, पंजाब के सरकारी स्कूल अब शिक्षा में सबसे आगे निकल रहे हैं। यह सिर्फ शिक्षा को सुधारना नहीं है, बल्कि बच्चों के भविष्य में किया गया एक सच्चा निवेश है, जिससे कल पंजाब की तरक्की होगी।