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  • Punjab News: इस इलाके में पहुंचे 3 कैबिनेट मंत्री, देखें वीडियो

    Punjab News: इस इलाके में पहुंचे 3 कैबिनेट मंत्री, देखें वीडियो

    नशा मुक्त राज्य बनाने को लेकर मांगा सहयोग

    पठानकोटः राज्य में बह रहे नशे के छठे दरिया को खत्म करने के लिए राज्य सरकार ने नशे के खिलाफ युद्ध अभियान शुरू किया हुआ है, जिसके तहत पंजाब पुलिस पिछले 3 महीनों से लगातार नशा कारोबारियों पर शिकंजा कस रही है और उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचाया जा रहा है। इस अभियान को आगे बढ़ाने के लिए राज्य के 3 कैबिनेट मंत्री जिनमें कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक, कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल और कैबिनेट मंत्री डॉ. रवजोत सिंह शामिल हैं, पठानकोट पहुंचे। उन्होंने पठानकोट में एक निजी पैलेस में जनसभा की और पंजाब को नशे मुक्त करने के लिए सहयोग की अपील की। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्रियों ने कहा कि राज्य सरकार पंजाब से नशे को खत्म करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है और नशा तस्करों को सलाखों के पीछे डाला जा रहा है, लेकिन इस मुहिम को जन-समर्थक बनाने के लिए राज्य सरकार लगातार अभियान चला रही है, जिसके चलते अब जनसभाएं करके लोगों से इस मुहिम में शामिल होने की अपील की जा रही है। उन्होंने कहा कि जब तक लोगों का सहयोग नहीं मिलेगा, तब तक पंजाब से नशे की बुराई को खत्म नहीं किया जा सकता और इस संबंध में सरकार 7 मई से गांव स्तर पर समागम आयोजित कर लोगों को इस मुहिम से जुड़ने की अपील करेगी, ताकि पंजाब के युवाओं को नशे से बचाया जा सके।
  • जेहादी मानसिकता वालों पर कार्यवाही करने में असफल रही प्रदेश सरकार: वीरेंद्र कंवर

    जेहादी मानसिकता वालों पर कार्यवाही करने में असफल रही प्रदेश सरकार: वीरेंद्र कंवर

    देशहित में पाकिस्तानी नागरिकों की वापसी को लेकर भी हिमाचल सरकार का रुख ढीला

    ऊना/सुशील पंडित:   हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तान समर्थित जेहादी आतंकियों द्वारा किए गए बर्बर हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। निर्दोष नागरिकों पर हुए इस हमले के विरोध में देशभर में जनाक्रोश व्याप्त है। केंद्र सरकार ने इस घटना के बाद सख्त कदम उठाते हुए भारत में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द कर उन्हें तत्काल देश छोड़ने के निर्देश जारी किए हैं।

    देशभर के राज्य इन निर्देशों को अमल में लाकर पाकिस्तानी नागरिकों की वापसी सुनिश्चित कर रहे हैं, वहीं हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार इस गंभीर विषय पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठा पाई है। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर ने प्रदेश सरकार की इस निष्क्रियता पर कड़ा सवाल उठाते हुए कहा कि यह स्थिति चिंताजनक है।

    प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कंवर ने कहा, “जब पूरा देश पाकिस्तान की आतंकवादी मानसिकता के विरुद्ध एकजुट होकर कड़े कदम उठा रहा है, तब हिमाचल प्रदेश की सरकार किस मजबूरी के चलते इस संवेदनशील विषय पर मौन धारण किए हुए है?” उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार की यह लापरवाही देशहित के साथ समझौता है और प्रदेश की जनता इसे कभी स्वीकार नहीं करेगी।

    वीरेंद्र कंवर ने मांग की कि राज्य सरकार को तत्काल संज्ञान लेकर प्रदेश में रह रहे सभी पाकिस्तानी नागरिकों की पहचान कर उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए। उन्होंने चेताया कि यदि राज्य सरकार इस दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं करती, तो भारतीय जनता पार्टी प्रदेश स्तर पर जन आंदोलन खड़ा करने से भी पीछे नहीं हटेगी।

    “देश की सुरक्षा सर्वोपरि है, और इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई राष्ट्रविरोधी ताकतों को बढ़ावा देने के समान है,”  कंवर ने स्पष्ट शब्दों में कहा।

  • Jalandhar News: 5 नशा तस्करों की करोड़ों की अवैध संपत्ति जब्त, देखें वीडियो

    Jalandhar News: 5 नशा तस्करों की करोड़ों की अवैध संपत्ति जब्त, देखें वीडियो

    जालंधरः नशे के खिलाफ युद्ध अभियान तहत जालंधर कैंट सब-डिवीजन ने कार्रवाई करते हुए 5 नशा तस्करों की अवैध संपत्ति जब्त की है। पुलिस आयुक्त धनप्रीत कौर के निर्देश में और पंजाब सरकार के चल रहे अभियान युद्ध नशेयां विरुद्ध तहत डीसीपी मनप्रीत सिंह ढिल्लों, पीपीएस सुखविंदर सिंह, एडीसीपी सिटी -2 और एसीपी बबनदीप सिंह, सब डिवीजन-5 कैंटोनमेंट जालंधर के मुख्य अधिकारी इंस्पेक्टर संजीव कुमार के नेतृत्व में सदर पुलिस स्टेशन ने लंबे समय से सक्रिय गांव लखनपाल के कुल 5 नशा तस्करों के खिलाफ धारा 68-एफ एनडीपीएस के तहत कार्रवाई की है।

    नशे के कारोबार से इन तस्करों ने कुल 150 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति बनाई थी। सरकार के आदेशानुसार 2 करोड़ 48 लाख 18 हजार 705 रुपए की संपत्ति जब्त कर ली गई है। ऐसे और भी तस्करों की संपत्ति चिन्हित की जा रही है, जल्द ही अन्य तस्करों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। जिन तस्करों की जमीन जब्त की गई है उनमें हरदीप सिंह उर्फ ​​दीपा पुत्र सरबजीत सिंह, कुलदीप चंद उर्फ ​​दीपा पुत्र दर्शन, उसकी पत्नी निर्मल कौर उर्फ ​​निम्मो, प्रदीप कुमार उर्फ ​​दीपा पुत्र रजनीश, जसवीर कौर उर्फ ​​जोगा, पत्नी जसवन्त सिंह और मनजीत कौर उर्फ ​​बलजिंदर कौर उर्फ ​​मीता पत्नी संतोख सिंह सभी निवासी गांव लखनपाल शामिल हैं।

     
  • Punjab News: NEET को लेकर प्रशासन ने किए व्यापक प्रबंध, देखें वीडियो

    Punjab News: NEET को लेकर प्रशासन ने किए व्यापक प्रबंध, देखें वीडियो

    होशियारपुरः पूरे देश में आज जहां नीट परीक्षा हो रही है, वहीं होशियारपुर जिले में भी अलग-अलग स्थानों पर नीट परीक्षा आयोजित की जा रही है। आज रेलवे मंडी होशियारपुर में करीब 480 बच्चे नीट की परीक्षा दे रहे हैं। एसएचओ मॉडल टाउन गुरसाहिब सिंह ने बताया कि पुलिस प्रशासन व सिविल प्रशासन ने इस परीक्षा के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं। यह पेपर दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगा। इस अवसर पर बच्चों में पेपर के प्रति काफी उत्साह देखा गया। कई बच्चों ने पेपर देने से पहले मंदिरों और गुरुद्वारों में माथा टेका और उनके पेपर की सफलता की दुआ मांगी। इस दौरान मंदिरों और गुरुद्वारों में भी खासी भीड़ देखने को मिली।

    आपको बता दें, देश की सबसे बड़ी मेडिकल परीक्षा नीट को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की ओर से कराया जा रहा है। पूरे देश में करीब 23 लाख स्टूडेंट्स ने इस परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। इस परीक्षा के जरिए देशभर के मेडिकल कॉलेजों में करीब ढाई लाख सीटों पर दाखिला मिलेगा। MBBS और BDS के अलावा आयुर्वेद, पशु चिकित्सा और नर्सिंग कॉलेजों में भी इसी परीक्षा से प्रवेश होगा।

     

  • दुनिया के 3 सबसे जहरीले फूल, जानिए इनके खतरनाक प्रभाव

    दुनिया के 3 सबसे जहरीले फूल, जानिए इनके खतरनाक प्रभाव

    World: दुनिया में कुछ फूल ऐसे होते हैं जो अपनी सुंदरता के कारण लोगों को आकर्षित करते हैं, लेकिन इनकी चमक-दमक के पीछे छिपा ज़हर बेहद खतरनाक होता है। ये फूल इतने जहरीले होते हैं कि इनका हल्का सा सेवन या स्पर्श भी जानलेवा साबित हो सकता है। आइए जानते हैं दुनिया के तीन सबसे विषैले फूलों और उनके दुष्प्रभावों के बारे में।

    1. नेरियम ओलियेंडर (Nerium Oleander):
    नेरियम ओलियेंडर एक आम सजावटी पौधा है जिसे लोग अक्सर अपने बगीचों में लगाते हैं, लेकिन यह दुनिया के सबसे जहरीले पौधों में से एक है। इसके फूल, पत्ते, तना और जड़ सभी में कार्डियक ग्लाइकोसाइड्स नामक विषैला तत्व पाया जाता है, जो दिल की धड़कन को प्रभावित कर सकता है। यदि कोई व्यक्ति इसकी पत्तियों को निगल ले, तो उसे उल्टी, दस्त, भ्रम, चक्कर आना और गंभीर मामलों में हृदय गति रुकने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। यहां तक कि इसकी केवल 1-2 पत्तियाँ ही जानलेवा हो सकती हैं। यह पौधा बच्चों और पालतू जानवरों के लिए विशेष रूप से खतरनाक है।

    2. गुंजी (Rosary Pea / Abrus precatorius):
    गुंजी के बीज बेहद सुंदर लाल-काले रंग के होते हैं, जिन्हें अक्सर लोग गहनों या सजावटी वस्तुओं में इस्तेमाल करते हैं। लेकिन इसकी सुंदरता के पीछे छुपा ज़हर एब्रिन (Abrin) इतना खतरनाक है कि यह केवल एक बीज की मात्रा में भी इंसान की जान ले सकता है, यदि उसे चबाकर निगला जाए। इसके लक्षणों में उल्टी, पेट दर्द, बुखार, अंग विफलता और मृत्यु तक हो सकती है। यह ज़हर राइसिन से भी ज़्यादा जहरीला होता है, इसलिए इन बीजों को केवल सजावटी रूप में और बिना तोड़े इस्तेमाल करना ही सुरक्षित माना जाता है।

    3. मोंकशूड (Monkshood / Aconitum):
    मोंकशूड, जिसे वुल्फ्सबेन और ब्लू हेल्मेट के नाम से भी जाना जाता है, एक और अत्यंत जहरीला पौधा है। इसके नीले-बैंगनी रंग के फूल बेहद आकर्षक लगते हैं, लेकिन यह पौधा एकोनिटिन नामक ज़हर से भरपूर होता है। यह ज़हर न केवल खाने से बल्कि त्वचा के संपर्क में आने पर भी शरीर में प्रवेश कर सकता है। इससे शरीर में झनझनाहट, जलन, मांसपेशियों की कमजोरी, हृदय गति में गड़बड़ी, सांस लेने में कठिनाई और मृत्यु जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। इसे हाथ लगाते समय दस्तानों का उपयोग ज़रूरी है।

    निष्कर्ष:
    इन फूलों की सुंदरता लोगों को आकर्षित जरूर करती है, लेकिन यह भूलना खतरनाक हो सकता है कि ये कितने जहरीले हैं। बच्चों और जानवरों को इन पौधों से दूर रखना, इन्हें सजावट में सोच-समझकर इस्तेमाल करना और किसी भी तरह के संपर्क या सेवन के बाद तुरंत चिकित्सा सहायता लेना अत्यंत आवश्यक है। प्रकृति की यह सुंदरता कई बार जीवन के लिए खतरा बन सकती है, इसलिए सतर्क रहना ही सुरक्षा है।

  • Punjab News: Unloading को लेकर ट्रक ड्राइवरों में रोष, लिया ये फैसला, देखें वीडियो

    Punjab News: Unloading को लेकर ट्रक ड्राइवरों में रोष, लिया ये फैसला, देखें वीडियो

    पटियालाः जिले के गांव छीतावाला के निकट बने सरकारी गोदाम साइलो में गेहूं की अनलोडिंग न होने से ट्रक ऑपरेटरों व चालकों में रोष पाया जा रहा है। श्रमिकों की कमी से आढ़ती भी परेशान हो रहे हैं। ट्रक ड्राइवरों ने बताया कि वह करीब 4 दिन से यहां गाड़ियां खड़ी करके बैठे हैं, लेकिन गाड़ी अनलोड नहीं हो रही है।

    यहां मजदूरों की बड़ी समस्या है। सभी ड्राइवरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि गाड़ियां रोज आती हैं, लेकिन उन्हें खाली होने में काफी समय लग जाता है। उन्होंने आरोप लगाए कि कोई अधिकारी मंडी में जायजा लेने नहीं आया है। यहां तक कि कोई विधायक भी नहीं पहुंचा।

    किसान मेवा सिंह, गुरदीप सिंह व अन्य ने कहा कि मंडी में अस्थायी लेबर रखी हुई है और ज्यादातर श्रमिक कम उमर के हैं और उन्हें अनलोड करने में काफी समय लगता है। उन्होंने कहा कि मंडी में पानी वगैरा की भी काफी समस्या है जिससे ट्रक ड्राइवर काफी परेशान हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनकी समस्या का हल नहीं हुआ तो वह हड़ताल करने पर मजबूर होंगे।

  • 5 ऐसे देश जहां एक भी Airport नहीं, फिर भी हर साल लाखों टूरिस्ट करते हैं सफर!, जानिए कैसे

    5 ऐसे देश जहां एक भी Airport नहीं, फिर भी हर साल लाखों टूरिस्ट करते हैं सफर!, जानिए कैसे

    नई दिल्लीः एक देश से दूसरे देश जाने के लिए हवाई जहाज़ सबसे तेज़, आरामदायक और सुरक्षित साधन माना जाता है। भले ही इसकी कीमत कुछ अधिक हो, लेकिन लोग इसका चयन इसलिए करते हैं क्योंकि यह सीधे मंज़िल तक पहुँचने का सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है। मगर क्या आपने कभी सोचा है कि यदि किसी देश में एयरपोर्ट ही न हो, तो आप वहाँ कैसे पहुँचेंगे?

    यह थोड़ा असंभव सा लगता है, लेकिन दुनिया में ऐसे कई देश हैं जहां एक भी हवाई अड्डा नहीं है। इसके बावजूद ये देश टूरिज्म के मामले में पीछे नहीं हैं। इन देशों में साल भर लाखों टूरिस्ट आते हैं, और वो भी बिना हवाई यात्रा के। आइए जानते हैं ऐसे 5 अनोखे देशों के बारे में…

    खूबसूरती से भरपूर है दुनिया का सबसे छोटा देश वेटिकन सिटी, कला के हैं शौकीन  तो जरूर करें यहां विजिट - News18 हिंदी

    1. Vatican City :– दुनिया का सबसे छोटा देश

    वेटिकन सिटी दुनिया का सबसे छोटा देश है, जिसका कुल क्षेत्रफल केवल 44 हेक्टेयर है। यह देश इटली की राजधानी रोम के बीचों-बीच स्थित है और कैथोलिक चर्च का धार्मिक और प्रशासनिक केंद्र माना जाता है। यहां कोई एयरपोर्ट नहीं है, लेकिन नजदीकी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट लियोनार्डो दा विंची इंटरनेशनल एयरपोर्ट (FCO) केवल 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

    पर्यटक रोम पहुंचकर आसानी से वेटिकन सिटी तक बस, ट्रेन या टैक्सी के माध्यम से पहुंच सकते हैं। इतना ही नहीं, वेटिकन सिटी में एक हेलीपोर्ट भी है जिसका उपयोग विशेष अवसरों और आधिकारिक दौरों के लिए किया जाता है।

    2. Monaco : रईसों का ठिकाना

    मोनाको, फ्रेंच रिवेरा पर स्थित लगभग 2 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल वाला एक छोटा लेकिन बेहद ग्लैमरस देश है। यह देश अपनी फॉर्मूला वन ग्रैंड प्रिक्स रेस, लक्ज़री कैसिनो, और आकर्षक समुद्र तटों के लिए दुनियाभर में मशहूर है। मोनाको में कोई एयरपोर्ट नहीं है, लेकिन नजदीकी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट नीस कोटे डी’अजूर (NCE), फ्रांस में स्थित है, जो यहां से केवल 30 किलोमीटर दूर है। पर्यटक इस एयरपोर्ट से मोनाको तक कार, बस या ट्रेन द्वारा आसानी से पहुंच सकते हैं। इसके अलावा, मोनाको में स्थित फॉन्टविएल हेलीपोर्ट से हेलीकॉप्टर सेवा भी उपलब्ध है, जो खासकर अमीर टूरिस्टों और बिज़नेस ट्रैवलर्स के लिए एक तेज़ और शानदार विकल्प है।

    3. San Marino :– सबसे पुराना गणराज्य

    सैन मारिनो दुनिया का सबसे पुराना संप्रभु गणराज्य माना जाता है, जिसकी स्थापना 301 ईस्वी में हुई थी। यह देश इटली के उत्तर-पूर्वी हिस्से में स्थित है और अपनी ऐतिहासिक धरोहर, प्राचीन किले और मध्यकालीन वास्तुकला के लिए दुनियाभर के टूरिस्टों को आकर्षित करता है। सैन मारिनो में कोई एयरपोर्ट नहीं है, लेकिन नजदीकी हवाई अड्डा फेडेरिको फेलिनी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (RMI), रिमिनी (इटली) में स्थित है, जो सैन मारिनो से केवल 16 से 21 किलोमीटर दूर है। यहां से टूरिस्ट आसानी से कार या बस के माध्यम से सैन मारिनो पहुंच सकते हैं। इसके अलावा, सैन मारिनो में एक हेलीपोर्ट (बोर्गो मेजोर) भी है, जो विशेष यात्राओं के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

    4. Liechtenstein :– स्विट्ज़रलैंड और ऑस्ट्रिया के बीच

    लिकटेंस्टीन एक छोटा लेकिन बेहद समृद्ध यूरोपीय देश है, जो स्विट्ज़रलैंड और ऑस्ट्रिया के बीच स्थित है। इसकी भौगोलिक स्थिति पूरी तरह पहाड़ी और संकीर्ण घाटियों से घिरी हुई है, जिसकी वजह से यहां कोई एयरपोर्ट नहीं बनाया जा सका। हालांकि, टूरिस्ट स्विट्ज़रलैंड के ज्यूरिख एयरपोर्ट या ऑस्ट्रिया के इनसब्रुक एयरपोर्ट से आसानी से लिकटेंस्टीन पहुंच सकते हैं। दोनों देशों से कार, ट्रेन या बस द्वारा यात्रा करना बेहद सुविधाजनक और सुंदर अनुभव होता है। इसके अलावा, लिकटेंस्टीन में बाल्जर्स हेलीपोर्ट नामक एक हेलीपोर्ट भी मौजूद है, जो विशेष और आधिकारिक यात्राओं के लिए उपयोग होता है।

    5. Andorra :– पहाड़ों में बसा स्वर्ग

    एंडोरा एक खूबसूरत और शांत यूरोपीय देश है, जो फ्रांस और स्पेन के बीच पाइरेनीज पहाड़ों में बसा हुआ है। इसकी प्राकृतिक सुंदरता, स्की रिसॉर्ट्स और टैक्स-फ्री शॉपिंग इसे पर्यटकों के बीच खास बनाते हैं। एंडोरा में कोई एयरपोर्ट नहीं है, लेकिन नजदीकी हवाई अड्डा एंडोरा–ला सेउ डी’उर्गेल एयरपोर्ट (LEU) स्पेन में स्थित है, जो केवल 26 किलोमीटर की दूरी पर है। इसके अलावा, पर्यटक चाहें तो बार्सिलोना (BCN) या टूलूज़ (TLS) जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट्स से भी एंडोरा तक लगभग 3 घंटे की ड्राइव से पहुंच सकते हैं। एंडोरा में तीन हेलीपोर्ट्स भी हैं, जो खासकर बिजनेस ट्रैवलर्स और हाई-एंड टूरिस्टों के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएं प्रदान करते हैं।

    क्या इन देशों में हेलीकॉप्टर से जा सकते हैं?

    इन देशों में एयरपोर्ट न होने की सबसे बड़ी वजह है इनका बेहद छोटा भौगोलिक आकार और प्राकृतिक/भौगोलिक बाधाएं। वेटिकन सिटी और मोनाको जैसे देशों में भूमि इतनी सीमित है कि वहां किसी भी प्रकार का रनवे या हवाई अड्डा बनाना तकनीकी रूप से असंभव है। वहीं दूसरी ओर, सैन मारिनो, लिकटेंस्टीन और एंडोरा जैसे देश पहाड़ों और ऊँची-नीची टेरेन में बसे हुए हैं। इनकी संकीर्ण घाटियाँ और ऊंची चोटियाँ हवाई अड्डा निर्माण के लिए उपयुक्त जगह नहीं छोड़तीं, जिससे वहां एयरपोर्ट बनाना संभव नहीं हो पाता।

    ये हेलीपोर्ट्स वीआईपी टूरिस्ट और ऑफिशियल्स के लिए तेज़ यात्रा का विकल्प प्रदान करते हैं।

    क्यों नहीं हैं इन देशों में एयरपोर्ट?

    इन देशों का आकार बेहद छोटा है और अधिकतर पहाड़ी क्षेत्र में बसे हैं। हवाई पट्टी बनाने के लिए न तो पर्याप्त ज़मीन है और न ही उपयुक्त स्थल। इसके बावजूद, सड़क, रेल और हेलीकॉप्टर कनेक्टिविटी इतनी सशक्त है कि यात्रियों को किसी तरह की असुविधा नहीं होती।

    टूरिज्म पर कोई असर?

    इन देशों के पास अपना एयरपोर्ट न होने के बावजूद, उनकी टूरिज्म इंडस्ट्री पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ा है। वेटिकन सिटी, मोनाको, सैन मारिनो, लिकटेंस्टीन और एंडोरा जैसे देश हर साल लाखों टूरिस्टों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। इनकी अनोखी संस्कृति, समृद्ध इतिहास, और प्राकृतिक सुंदरता टूरिस्टों के लिए बेहद खास अनुभव बनाते हैं। साथ ही, इनकी बेहतर कनेक्टिविटी, जैसे पास के इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स, ट्रेन, बस और हेलीकॉप्टर सेवाएं, यहां तक पहुंचने को आसान और आरामदायक बनाती हैं। इन देशों ने यह साबित कर दिया है कि एक मजबूत ट्रांसपोर्ट नेटवर्क और आकर्षक टूरिस्ट एक्सपीरियंस किसी भी एयरपोर्ट की कमी को पीछे छोड़ सकते हैं।
  • Jalandhar News: बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से तापमान में आई गिरावट, देखें वीडियो

    Jalandhar News: बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से तापमान में आई गिरावट, देखें वीडियो

    जालंधरः पश्चिमी विक्षोभ (WD) ने पंजाब के लोगों को गर्मी से राहत दी है। पंजाब में औसत अधिकतम तापमान में 2.1 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई, लेकिन इसके बावजूद यह सामान्य से 3.1 डिग्री सेल्सियस कम रहा। आज भी पंजाब के 16 जिलों में तूफान, तेज हवाएं और बारिश को लेकर ऑरेंज और यैलो अलर्ट जारी किया गया था। अगले 6 दिनों तक पंजाब में ऐसा ही मौसम रहने की संभावना है।

    वहीं जालंधर में तेज तूफान के साथ तेज बारिश हुई। वहीं तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि भी हुई। लोगों ने बारिश का खूब आनंद लिया। वहीं पंजाब में सबसे अधिक तापमान बठिंडा में 39.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राज्य के ज्यादातर जिलों में तापमान 33 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। अमृतसर में 33.5 डिग्री सेल्सियस, पटियाला में 35.5 डिग्री सेल्सियस, लुधियाना में 34.6 डिग्री सेल्सियस और बठिंडा में 39.3 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

  • 600 मीटर गहरी खाई में गिरा सेना का वाहन, 3 जवानों की मौत

    600 मीटर गहरी खाई में गिरा सेना का वाहन, 3 जवानों की मौत

    जम्मू-कश्मीरः रामबन जिले के बैटरी चश्मा इलाके में सेना का एक वाहन 600 मीटर गहरी खाई में गिर गया। हादसे में 3 जवानों की मौत हो गई। मृतक जवानों की पहचान अमित कुमार, सुजीत कुमार और मन बहादुर के रूप में हुई है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, सेना का वाहन जम्मू से श्रीनगर जा रहे काफिले का हिस्सा था।

    करीब साढ़े 11 बजे जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे 44 पर ड्राइवर ने कंट्रोल खो दिया, जिससे गाड़ी खाई में गिर गई। सेना, पुलिस, SDRF और स्थानीय प्रशासन रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं।

    शुक्रवार को रामबन में बादल फटने से भारी नुकसान हुआ था। सड़क पर मडस्लाइडिंग (कीचड़) के चलते NH-44 को दोनों तरफ से बंद कर दिया गया। प्रशासन ने लोगों ने अलर्ट किया था कि हाईवे क्लियर होने की जानकारी मिलने के बाद ही सफर के लिए निकले। इससे पहले 4 जनवरी को बांदीपोरा जिले में सेना का ट्रक खाई में गिरने से 4 जवानों की मौत हुई थी। 2 जवान गंभीर रूप से घायल थे। ट्रक में 6 जवान ही सवार थे। अधिकारियों ने बताया कि हादसा जिले के एसके पायीन इलाके में हुआ।

  • Punjab News: गांववासियों ने लगाए अवैध खनन के आरोप, देखें वीडियो

    Punjab News: गांववासियों ने लगाए अवैध खनन के आरोप, देखें वीडियो

    होशियारपुरः चब्बेवाल क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव परसोवाल में अवैध खनन का मामला सामने आया है। जहां गांव के लोग काफी परेशान हैं। गांववासियों का कहना है कि प्रशासन को इस बात की जानकारी होने के बावजूद कोई समाधान नहीं किया जा रहा है, जिसके कारण बड़े पैमाने पर नुकसान हो रहा है।

    उन्होंने कहा कि यदि गांववासी खुद अवैध खनन की ट्रालियों को पकड़कर पुलिस के हवाले करते हैं, तो भी पुलिस उनकी कोई कार्रवाई नहीं करती और उन्हें छोड़ देती है। गांववासियों का कहना है कि अवैध खनन का गोरखधंधा करने वालों को राजनीति लोगों का पूरा समर्थन है और बिना राजनीतिक संरक्षण के कोई भी व्यक्ति गलत तरीके से कामयाब नहीं हो सकता।

    गांव की महिलाओं का कहना है कि ट्राली चालकों द्वारा गुंडागर्दी की जाती है। वह किसी और को गुजरने तक नहीं देते और यदि कोई विरोध करता है तो उनके साथ लड़ाई झगड़ा करते हैं। इस मौके गांववासियों ने सरकार और होशियारपुर प्रशासन से गुहार लगाई है कि अवैध खनन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और प्रकृति की रक्षा की जाए।