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  • संस्थागत विकास में तेजी लाने पर जोर, शिक्षा मंत्री का बड़ा फैसला

    संस्थागत विकास में तेजी लाने पर जोर, शिक्षा मंत्री का बड़ा फैसला

    शिमला: शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने आज यहां शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए गुणात्मक शिक्षा की दिशा में किए जा रहे सुधारों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने राज्य भर में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और संस्थागत सुविधाओं को मजबूत करने पर विस्तृत चर्चा की।

    उन्होंने कहा कि शैक्षणिक मानकों में सुधार लाने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक सार्वभौमिक पहुंच सुनिश्चित करना वर्तमान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सरकार बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने, संसाधनों का बेहतर उपयोग और सरकारी संस्थानों में मजबूत शैक्षणिक वातावरण विकसित करने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।

    हाल ही में 39 छात्र और छात्रा विद्यालयों का विलय कर सह-शिक्षा संस्थानों में परिवर्तित किया गया है, ताकि बुनियादी ढांचे और शिक्षण स्टाफ का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। इसके अतिरिक्त, शून्य नामांकन वाले 39 विद्यालयों को निरस्त करने के लिए शीघ्र ही अधिसूचना जारी की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि दो किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करने वाले विद्यार्थियों को समय पर परिवहन भत्ता उपलब्ध करवाया जाए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने अधिकारियों को गैर-सीबीएसई विद्यालयों के विलय के लिए प्रारूप तैयार करने के निर्देश भी दिए।

    100 से कम नामांकन वाले महाविद्यालयों का भी विलय किया जाएगा, ताकि संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों का समायोजन आवश्यकता के अनुसार अन्य संस्थानों में किया जाएगा। सरकार के इस निर्णय से व्यावसायिक पाठयक्रमों, शिक्षकों की भर्ती या वर्तमान कर्मचारियों की सेवाओं पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। इन सुधारों के परिणामस्वरूप किसी भी कर्मचारी की नौकरी नहीं जाएगी।

    खेल अधोसंरचना के विकास के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल द्वारा लिए गए निर्णयों के अनुसार नए और उन्नत खेल छात्रावासों को तत्काल प्रभाव से कार्यशील करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि नवोदित खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। इनमें जिला शिमला के चौपाल स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में छात्र खेल छात्रावास (वॉलीबॉल), जिला सिरमौर के शिलाई स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में कन्या खेल छात्रावास (कबड्डी), जिला शिमला के जुब्बल स्थित ठाकुर राम लाल कन्या खेल छात्रावास में लड़कियों के लिए बॉक्सिंग खेल की शुरुआत तथा जिला बिलासपुर के मोरसिंघी में हैंडबॉल खेल छात्रावास शामिल हैं। इन नई व्यवस्थाओं के साथ खेल छात्रावासों में संबंधित खेल विधाओं की संख्या बढ़कर 12 हो गई है, जिससे खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवाओं को प्रोत्साहन मिलेगा।

    रोहित ठाकुर ने खेल छात्रावासों के लिए लंबित 1.2 करोड़ रुपये के डाइट फंड को शीघ्र जारी करने तथा इस धन राशि के उपयोग में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। शिक्षा मंत्री ने विभाग को एससीईआरटी द्वारा तैयार मॉडयूल के आधार पर नव पदोन्नत प्रधानाचार्यों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने शैक्षणिक गतिविधियों का निर्बाध संचालन सुनिश्चित करने के लिए रिक्त पड़े पदों को शीघ्र भरने के निर्देश भी दिए। उन्होंने शिक्षकों की भर्ती के लिए न्यूनतम आयु सीमा 23 वर्ष को समाप्त करने और आवश्यक कार्यवाही करने के आदेश दिए।
    उन्होंने आंगनवाड़ियों और पीईपी की संयुक्त घोषणा से संबंधित मामलों तथा राज्य में पीएम-श्री विद्यालयों की प्रगति की भी समीक्षा की।

    शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने शिक्षा विभाग द्वारा वित्तपोषित एनसीसी कैडेटों के लिए हैंगर एयरपोर्ट सुविधा पूरी तरह से संचालित करवाने पर संतोष व्यक्त किया। पहले कैडेटों को जालंधर हवाई अड्डे जाना पड़ता था, लेकिन अब वे सीधे कुल्लू हवाई अड्डे में उतर सकते हैं, जिससे यात्रा और प्रशिक्षण की व्यवस्थाएं काफी सुगम हो गई हैं।

    बैठक में शिक्षा सचिव राकेश कंवर, परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा राजेश शर्मा, उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत शर्मा, स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली और विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • Jalandhar News: Nooran Sisters के पिता की बिगड़ी तबीयत, होगा किडनी ट्रांसप्लांट, देखें वीडियो

    Jalandhar News: Nooran Sisters के पिता की बिगड़ी तबीयत, होगा किडनी ट्रांसप्लांट, देखें वीडियो

    जालंधर, ENS: पंजाब की मशहूर सूफी गायिका नूरां सिस्टर के पिता को लेकर खबर सामने आई है। मिली जानकारी के अनुसार नूरां सिस्टर के पिता की तबीयत बिगड़ गई। जिसके कारण वह कई दिनों से किडनी अस्पताल में भर्ती है और उनका उपचार चल रहा है। बताया जा रह है कि गुलशन मीर की शूगर के कारण किडनी डैमेज हो गई है। बेटी ने बताया कि गुरु व पिता को किडनी की समस्या के कारण उनकी तबियत पिछले 2 साल से साल खराब चल रही थी। लेकिन अब उनके इंफेक्शन होने के कारण तबीयत बिगड़ गई।

    जिसके बाद उन्हें किडनी अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां डॉक्टर द्वारा किडनी ट्रांसप्लांट से पहले स्टंट डाला गया। बेटी ने कहा कि पिता का किडनी ट्रांसप्लांट होना अभी बाकी है। वहीं गुलशन मीर का हाल जानने के लिए गायक खान साहब भी पहुंचे, जहां उन्होंने गुलशन मीर का हालचाल जाना और स्वस्थ होने की कामना की। दूसरी ओर अस्पताल में उपचार करवा रहे गुलशन मीर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उन्हें शुगर है और उनकी तबीयत खराब होने के कारण वह देसी दवाई खा रहे थे।

    उन्हें लगता है कि देसी दवा खाने के कारण उन्हें किडनी में समस्या आई और किडनी डैमेज हो चुकी है। किडनी अस्पताल में डॉक्टर दमन की देखरेख में उनका उपचार किया जा रहा है। शरीर में इंफेक्शन अधिक होने के कारण किडनी का ट्रांसप्लांट नहीं किया गया। फिलहाल उनकी सेहत में हालत में सुधार हो रहा है और हालत स्थिर है। बेटी रितु नूरा ने बताया कि शुगर के कारण पिता किडनी को नुकसान हुआ है। अब पिता की सेहत में सुधार हो रहा है। बेटी ने कहा कि पिता की किडनी ट्रांसप्लांट होनी है। पिता के इन्फेक्शन कम होने के बाद ही किडनी का ट्रांसप्लांट किया जाएगा।

     

  • सुक्खू सरकार ने हिमकेयर को दी नई मजबूती, तीन वर्षों में ऊना में 42 करोड़ की स्वास्थ्य राहत

    सुक्खू सरकार ने हिमकेयर को दी नई मजबूती, तीन वर्षों में ऊना में 42 करोड़ की स्वास्थ्य राहत

    ऊना/सुशील पंडित: जब कोई गंभीर बीमारी किसी परिवार की दहलीज़ पर दस्तक देती है, तो इलाज के साथ उसका भारी खर्च सबसे बड़ी चिंता बन जाता है। इस आर्थिक बोझ को कम करने के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने हिमकेयर योजना को नई गति और पारदर्शिता के साथ मजबूत किया है।

    पिछले तीन वर्षों में ऊना ज़िले में 45,721 पात्र लाभार्थियों को 42 करोड़ रुपये से अधिक की उपचार सहायता प्रदान की गई है, जिससे हजारों ज़रूरतमंद परिवारों को राहत मिली है।

      प्रशासनिक निगरानी से सशक्त हुआ क्रियान्वयन

    उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के निर्देशानुसार ज़िले में योजना की नियमित समीक्षा की जा रही है। पात्र नागरिकों को समय पर पंजीकरण और उपचार सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग समन्वित रूप से कार्य कर रहे हैं।

    73,113  हिमकेयर कार्ड बनाए जा चुके

    मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संजीव वर्मा ने जानकारी दी कि जिले में अब तक 73,113 परिवारों का पंजीकरण कर हिमकेयर कार्ड बनाए जा चुके हैं।  समग्र रूप से 72,752 लाभार्थी उपचार सुविधा प्राप्त कर चुके हैं तथा पिछले 3 साल में 42 करोड़ रुपये से अधिक स्वास्थ्य राहत को मिलाकर योजना प्रारंभ होने से अब तक कुल 62 करोड़ रुपये से अधिक की राशि उपचार पर व्यय की जा चुकी है।

    प्रति परिवार 5 लाख रुपये तक कैशलेस उपचार

    हिमकेयर योजना के अंतर्गत सरकारी अस्पतालों में प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार कवरेज प्रदान किया जाता है। यदि किसी परिवार में पाँच से अधिक सदस्य हैं, तो अतिरिक्त सदस्यों को अलग इकाई के रूप में नामांकित किया जा सकता है, बशर्ते प्रत्येक इकाई में अधिकतम पाँच सदस्य हों।

    श्रेणीवार निर्धारित हैं प्रीमियम दरें

    संजीव वर्मा ने बताया कि सरकार ने श्रेणीवार प्रीमियम की दरें निर्धारित की हैं। श्रेणी–1 में बीपीएल परिवार (जो आयुष्मान भारत में शामिल नहीं हैं), पंजीकृत स्ट्रीट वेंडर्स (आयुष्मान भारत से वंचित), मनरेगा श्रमिक (पिछले/वर्तमान वित्तीय वर्ष में न्यूनतम 50 दिन कार्य)और अनाथालयों में रहने वाले बच्चे के लिए शून्य प्रीमियम निर्धारित किया गया है।

    वहीं, श्रेणी–2 में एकल नारी, 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग व्यक्ति, मिड-डे मील वर्कर्स/हेल्पर, दैनिक वेतनभोगी, अंशकालिक, कांट्रैक्चुअल एवं आउटसोर्स कर्मचारी(सरकारी/स्वायत्त निकाय/बोर्ड/निगम आदि) के लिए वार्षिक प्रीमियम 365 रुपये निर्धारित किया है। इसके अलावा अन्य जोकि श्रेणी–1 व श्रेणी–2 में शामिल नहीं हैं तथा सरकारी कर्मचारी/पेंशनभोगी या उनके आश्रित नहीं हैं, उनके लिए 1000 रुपये वार्षिक प्रीमियम निर्धारित है।

    पंजीकरण के लिए ये हैं आवश्यक दस्तावेज

    योजना के अंतर्गत पंजीकरण के लिए श्रेणी अनुसार संबंधित प्रमाण पत्र अनिवार्य हैं, जिनमें बीपीएल प्रमाण पत्र, स्ट्रीट वेंडर पंजीकरण, मनरेगा जॉब कार्ड व एमआईएस रिपोर्ट, दिव्यांगता प्रमाण पत्र, मिड-डे मील वर्कर प्रमाण पत्र, विभागीय प्रमाणीकरण तथा एकल नारी/विधवा/तलाकशुदा महिलाओं हेतु सीडीपीओ द्वारा जारी प्रमाण पत्र शामिल हैं।

    सरल एवं पारदर्शी है आवेदन प्रक्रिया

    डॉ. संजीव वर्मा ने बताया कि हिमकेयर योजना में ई-कार्ड जारी किए जाते हैं। पात्र नागरिक www.hpsbys.in वेबसाइट के माध्यम से या लोक मित्र केंद्र/सामान्य सेवा केंद्र के जरिए आवेदन कर सकते हैं। ई-कार्ड तैयार करने के लिए प्रति परिवार (अधिकतम पाँच सदस्य) 50 रुपये शुल्क निर्धारित है। लाभार्थी को सही श्रेणी का चयन करना अनिवार्य है, क्योंकि गलत श्रेणी में आवेदन करने पर प्रीमियम की प्रतिपूर्ति का कोई प्रावधान नहीं है।

    सीएमओ ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध सभी अस्पताल हिमकेयर योजना से भी जुड़े हुए हैं और ट्रांजैक्शन मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से कैशलेस उपचार प्रदान कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त लाभार्थी पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ एवं जीएमसीएच सेक्टर-32 चंडीगढ़ में भी इस योजना के तहत उपचार सुविधा प्राप्त कर सकते हैं।

    पात्र नागरिकों से पंजीकरण की अपील

    मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने ज़िला के सभी पात्र नागरिकों से अपील की है कि वे हिमकेयर योजना के अंतर्गत शीघ्र पंजीकरण करवाकर इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुरक्षा योजना का अधिकतम लाभ उठाएं और समय पर बेहतर इलाज सुनिश्चित करें।

  • राजकीय महाविद्यालय वंगाणा में चल रहे शिविर की शुरुआत मार्च-पास्ट के साथ

    राजकीय महाविद्यालय वंगाणा में चल रहे शिविर की शुरुआत मार्च-पास्ट के साथ

    ऊना/सुशील पंडित: अटल बिहारी वाजपेई राजकीय महाविद्यालय, वंगाणा में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई द्वारा आयोजित सात दिवसीय वार्षिक विशेष शिविर के तृतीय दिवस का शुभारंभ अत्यंत अनुशासित वातावरण में प्रातःकालीन ड्रिल एवं मार्च-पास्ट के साथ किया गया। शिविर के तीसरे दिन स्वयंसेवियों में विशेष उत्साह और अनुशासन देखने को मिला।

    इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर रेखा शर्मा एवं NSS के कार्यक्रम अधिकारी प्रोफेसर सिकंदर नेगी विशेष रूप से उपस्थित रहे। प्रातःकालीन परेड के उपरांत विभिन्न ग्रुप लीडर्स द्वारा अपनी-अपनी टीमों की रिपोर्टिंग प्रस्तुत की गई, जिसमें स्वयंसेवियों की सक्रिय भागीदारी और कार्यनिष्ठा की सराहना की गई। इसके पश्चात स्वयंसेवियों ने सामूहिक रूप से नाश्ता ग्रहण किया और तत्पश्चात महाविद्यालय परिसर में “NSS वाटिका” के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। स्वयंसेवियों ने श्रमदान के माध्यम से पौधारोपण एवं स्वच्छता संबंधी कार्यों में योगदान दिया। यह पहल पर्यावरण संरक्षण एवं हरित परिसर की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हो रही है। दोपहर के भोजन के उपरांत द्वितीय सत्र में “नशा निवारण – विशेष रूप से चिट्टे की समस्या” विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने समाज में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए जागरूकता और सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।

    प्रतियोगिता मे प्रथम स्थान: वेदेही शर्मा ने, द्वितीय स्थान तनु ठाकुर ने और तृतीय स्थान: किरण कनैत ने प्राप्त किया । संध्याकालीन सत्र में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें स्वयंसेवियों ने रंगारंग प्रस्तुतियों से वातावरण को उत्साहपूर्ण बना दिया। हिना, शगुन, सिमरन, खुशबू एवं उनके समूह द्वारा प्रस्तुत पार्टी नृत्य ने सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम अधिकारी प्रोफेसर सिकंदर नेगी ने स्वयंसेवियों को संबोधित करते हुए कहा कि NSS शिविर का उद्देश्य केवल सेवा कार्य नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास, सामाजिक जागरूकता और नेतृत्व क्षमता का विकास करना भी है। वहीं प्राचार्य प्रोफेसर रेखा शर्मा ने विद्यार्थियों के अनुशासन, ऊर्जा और समर्पण की प्रशंसा करते हुए उन्हें समाज निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। इस प्रकार एन एस एस शिविर का तीसरा दिन सेवा, जागरूकता और सांस्कृतिक समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

  • Punjab News: इंसानियत हुई तार-तार: दर्जनों नन्हे पिल्लों को लड्डू में दिया जहर, पांच की मौत, कई गंभीर, देखें वीडियो

    Punjab News: इंसानियत हुई तार-तार: दर्जनों नन्हे पिल्लों को लड्डू में दिया जहर, पांच की मौत, कई गंभीर, देखें वीडियो

    जीरकपुर। शहर से एक इंसानियत को शर्मसार करने वाली खबर सामने आई है। जहां करीब 22 नन्हे पिल्लों को जान से मारने के इरादे से लड्डू में ज़हर मिलाकर खिलाया दिया। ज़हरीले लड्डू खाने के बाद 5 से 7 पिल्लों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाकी पिल्लों की हालत गंभीर बताई जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही अलग-अलग NGO और एनिमल रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंच गईं। डॉक्टरों की टीम ने गंभीर हालत में पिल्लों का तुरंत इलाज शुरू कर दिया। कई पिल्लों को इमरजेंसी ट्रीटमेंट देकर बचाने की कोशिश की जा रही है। मामले की जानकारी मिलने पर जीरकपुर पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच गई। एनिमल रेस्क्यू टीम के सदस्यों ने लिखित शिकायत देकर दोषी की पहचान करने और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। आसपास के इलाकों की CCTV की जा रही चैक पुलिस आस-पास के इलाकों के CCTV कैमरों की जांच कर रही है ताकि दोषी की पहचान करके उसे जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके। घटना को लेकर लेकर लोगों में गुस्सा इस घटना के बाद शहर के डॉग लवर्स और सोशल ऑर्गनाइज़ेशन में भारी विरोध देखने को मिल रहा है। कई NGOs ने दोषी को तुरंत गिरफ्तार करने और कड़ी सज़ा देने की मांग की है। यह घटना न सिर्फ़ कानून का उल्लंघन है, बल्कि इंसानियत पर भी बड़ा सवाल उठाती है। अब देखना होगा कि पुलिस कितनी जल्दी दोषी तक पहुंचती है और मासूम ज़िंदगियों को इंसाफ़ कब मिलेगा।    
  • Jalandhar News: सरेआम महिला के गले से चेन छीनकर स्नेचर फरार

    Jalandhar News: सरेआम महिला के गले से चेन छीनकर स्नेचर फरार

    जालंधर, ENS: महानगर में लूट की वारदातों का ग्राफ लगातार बढ़ता ही जा रहा है। हालात यह हो गए है कि सरेआम स्नेचर सड़क पर घटनाओं को अंजाम देकर फरार हो गए। शहर में हो रही घटनाओं को लेकर लोगों में दहशत का माहौल पाया जा रहा है। वहीं ताजा मामला लंबा पिंड किशनपुरा चौक रोड पर स्थित आकाश कॉलोनी के पास स्नेचिंग का सामने आया है। जहां प्लसर बाइक पर सवार 2 लुटेरों ने बेटे के साथ प्लेटिना मोटरसाइकिल पर जा रही महिला के गले से सोने की चेन छीन ली और फरार हो गए।

    पुलिस को जानकारी देते महिला के बेटे परमिंदर सिंह ने बताया कि वह अपनी मां के साथ माई हीरां गेट से घर जा रहे थे तो जैसे ही वह आकाश कॉलोनी के पास पहुंचे तो पीछे से आए लुटेरों ने उसे निशाना बना लिया। उन्होंने शोर मचाया लेकिन वह भागने में कामयाब हो गए। लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलने पर थाना डिवीजन नंबर 8 की पुलिस के एसआई मेवा सिंह मौके पर पहुंचे।

    पुलिस पास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुट गई। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि थाना डिवीजन नंबर 8 के इलाके में पीसीआर का 15 और 16 नंबर मोटरसाइकल चलता है, लेकिन पीसीआर की टीमों की गश्त नहीं होती। लोगों का कहना है कि वारदात के बाद पीसीआर की टीमें सिर्फ पहुंचती है और फिर थाना की पुलिस को सूचित करने के बाद चलती बनती है।

     

  • वशिष्ट पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने जेईई मेन्स 2026 में लहराया परचम

    वशिष्ट पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने जेईई मेन्स 2026 में लहराया परचम

    ऊना/ सुशील पंडित: वशिष्ट पब्लिक स्कूल के लिए अत्यंत हर्ष और गर्व का विषय है कि विद्यालय के प्रतिभाशाली सात विद्यार्थियों ने जेईई मेन्स 2026 परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए शानदार परिणाम प्राप्त किए हैं। विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन एवं अभिभावकों के सहयोग का यह गौरवपूर्ण परिणाम है।
    विद्यालय के मेधावी विद्यार्थियों में शब्द ठाकुर ने 99.1 परसेंटाइल , शिवेन चंदेल 97.6 परसेंटाइल,अनीमा विशिष्ठ 94.2 परसेंटाइल, निकिता 91.28 परसेंटाइल, अर्णव सिंह मान ,अक्षत गुप्ता और आदित्य शर्मा ने भी 90 परसेंटाइल प्राप्त किए हैं। इन उत्कृष्ट परसेंटाइल के साथ विद्यार्थियों ने न केवल अपने परिवार का बल्कि विद्यालय का नाम भी रोशन किया है। विद्यालय के प्रधानाचार्य दीपक कौशल ने सभी सफल विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता विद्यार्थियों की लगन, अनुशासन और शिक्षकों की निरंतर मेहनत का परिणाम है। हमें विश्वास है कि ये विद्यार्थी भविष्य में भी उच्च शिखरों को स्पर्श करेंगे और देश का नाम रोशन करेंगे। विद्यालय के निदेशक अनुज वशिष्ट ने कहा कि वशिष्ट पब्लिक स्कूल सदैव गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
    हमारे विद्यार्थियों की यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि सही मार्गदर्शन और सकारात्मक वातावरण में हर छात्र अपनी क्षमता का श्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकता है। सफल विद्यार्थियों के अभिभावकों ने विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यालय द्वारा दिए गए मार्गदर्शन और सहयोग के बिना यह सफलता संभव नहीं थी। हमें अपने बच्चों पर गर्व है और हम विद्यालय परिवार के प्रति कृतज्ञ हैं।वशिष्ट पब्लिक स्कूल के अध्यक्ष सतपाल वशिष्ट ने सभी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं
     
  • Haryana News: सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त, वाहन चालकों के विरुद्ध की कार्रवाई, देखें वीडियो

    Haryana News: सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त, वाहन चालकों के विरुद्ध की कार्रवाई, देखें वीडियो

    पंचकूला: ट्रैफिक पुलिस के द्वारा सड़क सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से आज विभिन्न जगहों पर खास अभियान चलाए गए हैं। थाना यातायात सूरजपुर की टीम ने पीएसआई अभिषेक के नेतृत्व में कालका क्षेत्र के गांधी चौक एवं रेलवे रोड़ पर विशेष चैकिंग के दौरान सड़क पर गलत तरीके से पार्किंग करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध कार्रवाई की है।

    इस अभियान के दौरान बिना नंबर प्लेट और नंबर प्लेट पर टेप लगाकर चलने वाले दोपहिया वाहनों को मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत इंपाउंड किया गया है। इसके साथ ही ऑटो और मैक्सी कैब चालकों के साथ बैठक आयोजित करके उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि निर्धारित स्थान पर ही क्रमवार वाहन खड़ा करें। इसके साथ ही सड़क पर अव्यवस्थित तरीके से वाहनों को न रोकें।

    कालका शहर में सड़क किनारे अवैध तौर पर खड़े वाहनों को हटाकर चालान भी किए गए। इसी क्रम में थाना यातायात शहर पंचकूला की टीम ने पीएसआई वरिंदर कुमार के नेतृत्व में नगर निगम पंचकूला के साथ से सेक्टर 6/7 लाइट प्वाइंट से टैंक चौक तथा सड़क पर अवैध तौर पर लगने वाले रेहड़ी-ठेलों के विरुद्ध अभियान चलाया है।

    कार्रवाई के दौरान नगर निगम की टीम के द्वारा 14 रेहड़ी ठेले जब्त किए गए हैं ताकि सड़क पर अतिक्रमण और गलत पार्किंग के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा पाए। इस कार्रवाई के दौरान कुल 12 चालान किए गए हैं। 2 दोपहिया वाहन भी इस दौरान इंपाउंड किए गए हैं। पंचकूला ट्रैफिक पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि यातायात नियमों का पालन करें।

    निर्धारित स्थान पर ही वाहन पार्क करें और सड़क को अतिक्रमण मुक्त रखने में साथ दें। ऐसे अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।

     

  • Jalandhar News: दिन दहाड़े हथियार दातर दिखा युवती का पर्स छीनकर Snatcher फरार, देखें वीडियो

    Jalandhar News: दिन दहाड़े हथियार दातर दिखा युवती का पर्स छीनकर Snatcher फरार, देखें वीडियो

    जालंधर, ENS: महानगर में लूट की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही। सरेआम लुटेरे तेजधार हथियारों के बल पर स्नेचिंग की वारदातों को अंजाम दे रहे है। वहीं आज दिन दहाड़े दफ्तर जा रही युवती से हथियार के बल पर पर्स छीनकर स्नेचर फरार हो गए। पीड़िता की पहचान दिव्या निवासी रामामंडी के रूप में हुई है। मामले की जानकारी देते हुए दिव्या ने बताया कि वह अपने ऑफिस जा रही थी। इस दौरान किशनपुरा चौक क्रॉस किया तो बीच रास्ते में उसने नोटिस किया कि एक्टिवा पर सवार दो लड़के उसका पीछा कर रहे हैं। पहले उसने ज्यादा ध्यान नहीं दिया, लेकिन उसे लगा कि शायद वे कहीं जा रहे होंगे। इसके बाद उसने अपनी एक्टिवा धीरे कर ली ताकि युवक आगे निकल जाएं।

    जब वह किशनपुरा चौक से थोड़ा और आगे आई तो उसे शक हुआ कि ये लोग आगे क्यों नहीं निकल रहे हैं। पीड़िता ने कहा कि फिर मैंने देखा कि आगे काफी भीड़ है और एक्टिवा रोक ली। मैंने सोचा कि मैं रुक जाती हूं ताकि वे मेरे आगे से निकल जाएं, लेकिन उन्होंने अपनी एक्टिवा बिल्कुल मेरी एक्टिवा के आगे अड़ा दी और दातर निकाल लिया। जिसके बाद सरेआम हथियार दिखाने लग गए। पीड़िता ने कहा कि वह घबरा गई और उसने साइड से ओवरटेक करने की कोशिश की, लेकिन गाड़ियां और ऑटो आने के कारण सीधे उनसे जा टकराई और नीचे गिर गई।

    इस घटना के दौरान एक्टिवा के आगे रखा पर्स गिर गया। जिसके बाद लुटेरे आए और बड़े आराम से उन्होंने पर्स उठा लिया। पीड़ित बोली कि जब वह उठकर उन्हें पकड़ने लगी, तो लुटेरे उसके सिर पर दातर मारने लगे और वह डरकर पीछे हट गई। दिव्या ने कहा कि रास्ते में कई लोग थे, लेकिन कोई भी आगे नहीं आया। वे मुझे हथियार दिखाकर सरेआम वहां से भाग निकले। जब वे जा रहे थे तब लोगों ने उन्हें रोकने की कोशिश की लेकिन वे सबको दातर दिखाकर भाग गए।

    दिव्या ने बताया कि उनकी एक्टिवा पर नंबर प्लेट ही नहीं थी। काले रंग की एक्टिवा थी और उस पर दो लड़के सवार थे। दोनों ने अपने चेहरे ढके हुए थे। दिव्या ने बताया कि वह अकेली दफ्तर जा रही थी और लंबा पिंड चौक की रहने वाली हूं। दिव्या ने बताया कि उसके पर्स में 10 से 12 हजार रुपए के करीब कैश था। मेरा पासपोर्ट, मेरे सभी जरूरी व्यक्तिगत कागजात और ऑफिस के जरूरी दस्तावेज भी उसी पर्स में थे। घटना की शिकायत पीड़िता द्वारा पुलिस को दे दी गई है।

     

  • Anil Ambani ने Supreme Court को दिया आश्वासन, बोले – ‘बिना इजाजत के देश नहीं छोडूंगा’

    Anil Ambani ने Supreme Court को दिया आश्वासन, बोले – ‘बिना इजाजत के देश नहीं छोडूंगा’

    नई दिल्ली: अरबपति मुकेश अंबानी के भाई अनिल अंबानी की मुश्किलें कथित बैंक फ्रॉड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस मामले में कम नहीं हो रही। जहां एक ओर प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें समन भेजते हुए तलब किया है। वहीं दूसरी ओर अनिल अंबानी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनाम दायर कर ये आश्वासन दिया है कि – मैं ईडी की जांच में पूरा साथ दूंगा और बिना इजाजत के देश नहीं छोडूंगा।

    Read In English : https://encounternews.in/india/ed-issues-fresh-summons-to-anil-ambani-after-missed-appearance-tina-ambani-seeks-adjournment/

    एफिडेविट में कही ये बात

    अनिल अंबानी पर ईडी की जांच दरअसल उनके नेतृत्व वाले रिलायंस ग्रुप से जुड़ी कंपनियों के द्वारा कथित 4000 करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में चल रही है। बैंकिंग और कॉरपोरेट धोखाधड़ी से जुड़े आरोपों की जांच के बारे में sc में एक PIL में एफिडेविट फाइल किया गया है। अनिल अंबानी ने कहा है कि संबंधित कंपनियों में उनका रोल सिर्फ एक नॉन एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर का था। वो उन कंपनियों के रोजाना के मैनेजमेंट या ऑपरेशनल मामलों में बिल्कुल भी शामिल नहीं थे।

    सुप्रीम कोर्ट की लूंगा इजाजत

    अनिल अंबानी ने एफिडेविट में आगे कहा है कि वह बिना पूर्व अनुमति के देश नहीं छोड़ेंगे। अंबानी ने बताया कि जुलाई 2025 में जब इस मामले में ईडी जांच शुरु हुई थी तब से अब तक उन्होंने भारत नहीं छोड़ा है और फिलहाल भी भारत से जाने का कोई प्लान या इरादा नहीं है। उन्होंने अदालत से वादा करते हुए कहा कि विदेश यात्रा की कोई जरुरत पड़ी भी तो ऐसी यात्रा करने से पहले वो सुप्रीम कोर्ट की इजाजत जरुर लेंगे।

    ईडी की जांच में करुंगा सहयोग

    अनिल अंबानी ने भरोसा दिलवाया है कि वह चल रही जांच के सिलसिले में जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं और आगे भी सहयोग करते रहेंगे। एफिडेविट में कहा गया है कि बताए गए व्यवहार, कमिटमेंट और लगातार साथ से यह साफ है कि देश से भागने का कोई रिस्क नहीं है और न ही कानूनी प्रोसेस से बचने का कोई इरादा है।

    26 फरवरी को होगी ईडी के आगे पेश

    इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय ने 40,000 करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड से जुड़े इस मामले में अनिल अंबानी का नया समन जारी किया था क्योंकि बुधवार को वो इस हफ्ते निर्धारित तारीख को ईडी के सामने पेश नहीं हुए थे। इसके साथ ही ईडी ने उन्हें 26 फरवरी को हेडक्वार्टर में तलब भी किया। बता दें कि इस मामले में अब तक की गई कार्रवाई के अंतर्गत ईडी ने अनिल अंबानी और समूह की कंपनियों के करीबन 12,000 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है।