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  • Himachal News: बन विभाग ने अवैध चील की लकड़ी लेजा रही गाड़ी पकड़ी

    Himachal News: बन विभाग ने अवैध चील की लकड़ी लेजा रही गाड़ी पकड़ी

    ऊना/सुशील पंडित:   बन विभाग के मुलाजिमों ने अवैध रूप से चील की लकड़ी लेजा रही गाड़ी को पकड़ा है और मामला दर्ज करवा कर आगामी जांच शुरू कर दी है।प्राप्त जानकारी के अनुसार अशोक कुमार वनखण्ड अधिकारी वन खण्ड क्षेत्र गगरेट ने शिकायत दर्ज करवाई कि बीती रात करीब 9.30 बजे अशोक कुमार वनखंड अधिकारी, बलदेव , दिनेश, विक्रांत पर आधारित टीम सहित गांव अम्बोटा दरगाह के पास नाका लगाया हुआ था,

    तो गाड़ी संख्या ( एचपी-72 वी-4207)(टेम्पू 407) आई,जिस की चैकिंग करने पर चील पेड़ के मोछे बरामद हुए जिस का आरोपित के पास कोई परमिट व अन्य दस्तावेज नहीं पाए गए, तो गाड़ी को फोरैस्ट विभाग ने अपने कब्जे में ले लिया।

    इस संबंध में जानकारी देते हुए रेंज आफिसर राहुल ठाकुर ने बताया कि आरोपित चालक मजीद पुत्र बावुदीन निवासी गांव संघनेई तहसील घनारी जिला ऊना के विरुद्ध धारा 303(2) BNS & 41, 42 IF Act के तहत थाना गगरेट में मामला दर्ज करवा कर आगामी जांच शुरू कर दी है।

  • Phagwara News: Civil Hospital में जच्चा-बच्चा वार्ड की गिरी दीवार, देखें वीडियो

    Phagwara News: Civil Hospital में जच्चा-बच्चा वार्ड की गिरी दीवार, देखें वीडियो

    फगवाड़ाः सिविल अस्पताल में कुछ समय पहले बने जच्चा-बच्चा वार्ड की दीवार अचानक गिर गई। गनीमत यह रही कि घटना से कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। हालांकि अस्पताल के निर्माण कार्य पर सवाल खड़े हो रहे हैं। क्योंकि इस अस्पताल का उद्घाटन 1 नवंबर 2022 को अपनी उपस्थिति में किया गया था। इतने कम समय में करीब 25 फुट ऊंची दीवार गिरकर ढह गई, जिससे पंजाब हेल्थ कॉर्पोरेशन के अधिकारियों और ठेकेदार की कार्यशैली पर कई प्रकार के सवाल उठने लगे हैं।

    अस्पताल में सैंकड़ों मरीज और उनके परिवार के सदस्य इलाज कराने और हालचाल जानने आते हैं।  अस्पताल की नई बनी बिल्डिंग की खराब हालत को देखते हुए कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। प्रशासन को चाहिए कि जिस भी ठेकेदार द्वारा इस बिल्डिंग का निर्माण किया गया है, उसकी निष्पक्ष जांच करवाई जाए ताकि सरकारी और गैर सरकारी कर्मचारियों की कार्यशैली का आकलन कर उचित कार्रवाई की जा सके।

    इस पूरे मामले पर जब सिविल अस्पताल की एसएमओ परमिंदर कौर से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि इस मामले की जानकारी सिविल सर्जन और पंजाब हेल्थ कॉर्पोरेशन के कर्मचारियों को दे दी गई है। अब देखना होगा कि सरकार इस मामले को गंभीरता से लेती है या फिर किसी और बड़े हादसे का इंतजार करती है।

  • Jalandhar News: रशिया में फंसे भाई को लेकर कल जंतर मंतर पर धरना लगाएगा जगदीप, देखें वीडियो

    Jalandhar News: रशिया में फंसे भाई को लेकर कल जंतर मंतर पर धरना लगाएगा जगदीप, देखें वीडियो

    दोनों देशों की जंग में फ्रंट लाइन पर रहे सरबजीत ने हालातों को लेकर किया खुलासा

    जंग में मारे गए जवानों के 3 से 4 माह तक सड़कों पर रहते शव

    जालंधर, ENS: रूस और यूक्रेन में पिछले 2 साल से जंग जारी है। वहीं यूक्रेन में कई पंजाबी अभी भी फंसे हुए है। जिनमें जालंधर के जगदीप का भाई भी शामिल है। हाल ही में जगदीप भाई को ढूंढने के लिए रशिया गया था, जहां उसे भाई अभी तक नहीं मिला, लेकिन कुछ अहम सुराग मिले थे। जिसके बाद अब जगदीप यूक्रेन से हाल ही लौटे अन्य व्यक्ति और कुछ साथियों के साथ मिलकर दिल्ली में जंतर मंतर पर धरना लगाने के लिए रवाना हो गया है। जगदीप ने बताया कि कल दिल्ली में जंतर मंतर पर उनके और यूक्रेन में फंसे लोगों के परजिनों द्वारा धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान हाल ही में यूक्रेन से लौटे अमृतसर के सरबजीत उनके साथ दिखाई दिए। जिन्होंने जंग के दौरान फ्रंट लाइन पर रहते हुए वहां के हालातों के बारे में बताया। मामले की जानकारी देते हुए सबरजीत सिंह ने कहा कि जंग में वह फ्रंट लाइन पर थे। सिंतबर में वापिस अमृतसर अपने घर लौटे है। दोनों देशों में जारी जंग को लेकर कहा कि वहां पर दिन रात ब्लास्ट होते रहते है। उन्होंने कहा कि 22 लोगों का ग्रुप था, जिसमें 13 लोग पहले गए थे। जहां महाराष्ट्र के रहने वाले श्रीकांत सालेगृह की मौत हो गई। वहीं पंजाब के कई लोग वापिस आ गए है, लेकिन जगदीप के भाई सहित 14 से 15 लोग अभी भी वहां पर फंसे हुए है। दिल्ली जनशन पर धरना प्रदर्शन करने के लिए अब सभी लोग जा रहे है। धरने को लेकर सरबजीत ने कहा कि जगदीप हाल ही में यूक्रेन भाई को ढूंढने के लिए गया था, लेकिन कुछ नहीं पता चला। जिसके चलते अब दिल्ली में प्रदर्शन के लिए रवाना हो रहे है। सरबजीत ने बताया कि उसकी अप्रैल 2024 में ज्वाइनिंग हुई थी। इस दौरान वहां दोनों देशों चल रही जंग को लेकर हकीकत बयां करते हुए कहा कि वहां हालात इतने खराब है कि जंग के दौरान अगर किसी की जवान की मौत हो जाती है तो उसके शव को 3 से 4 माह तक उठाया नहीं जाता है। जब शरीर पर हड्डियां रह जाती है तो पीछे से शवों को उठाने के ऑर्डर आते है। इस दौरान पॉलिथिन में डालकर शव को ले जाया जाता है। सरबजीत ने बताया कि उनके खाने में कुछ मिला दिया गया था, जिसके चलते अस्पताल में भर्ती रहे है। सिंतबर में वह वापिस आए थे, कुछ कारणों के चलते वह 2 माह जेल में भी रह चुके है। दस्तावेज ना होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा। उसकी सैलेरी भी वहीं पड़ी है। ऐसे में अब वह धरना प्रदर्शन में जाकर अपने मुद्दों को भी रखेंगे। वहीं जगदीप ने कहा कि रशिया में फंसे हुए लोगों में उसका भाई शामिल है। सरकार द्वारा उनकी बात नहीं सुनी जा रही है, जिसके चलते आज दिल्ली प्रदर्शन के लिए अन्य रशिया में साथियों के परिजनों के साथ प्रदर्शन करने के लिए जा रहे है। दिल्ली में प्रदर्शन को लेकर ई-मेल के जरिए इजाजत मांगी थी, वहां पर धरने की मंजूरी मिल गई है। ऐस में कल जतंर मंतर में प्रदर्शन किया जाएगा। जगदीप ने कहा कि पिछले एक साल से सरकार से भाई को ढूंढकर भारत लाने की अपील कर चुका है। जिसके चलते अब उन्हें लगता है कि प्रदर्शन करने से विदेश में फंसे युवाओं को भारत लाने में मदद मिलेंगी। जगदीप ने कहा कि राहुल गांधी और ओवेसी को मेल की हुई है। लेकिन अभी दोनों विदेश यात्रा पर है। उम्मीद है कि राहुल गांधी 30 को भारत वापिस आ जाएंगे और उनका सहयोग मिल सकता है।
  • फोर्टिस मोहाली में 66 वर्षीय व्यक्ति की जटिल रीढ़ की बीमारी का सफल इलाज

    फोर्टिस मोहाली में 66 वर्षीय व्यक्ति की जटिल रीढ़ की बीमारी का सफल इलाज

    इलाज में देर होने पर हो सकती थी पैरों में स्थायी कमजोरीया लकवा 

    ऊना/सुशील पंडित:  फोर्टिस अस्पताल मोहाली के न्यूरोसर्जरी (ब्रेन व स्पाइन) विभाग ने 66 वर्षीय मरीज को एक नई ज़िंदगी दी है, जो पिछले छह महीनों से गंभीर कमर दर्द और साइटिका (साइऐटिक नस में चोट के कारण पीठ में सुन्नता व पैरों में दर्द) से पीड़ित था। इस मरीज का इलाज अत्याधुनिक न्यूरो-नेविगेशन और न्यूरो-मॉनिटरिंग तकनीकों से सफलतापूर्वक किया गया। अगर इलाज में देरी होती, तो मरीज की हालत और बिगड़ सकती थी, जिससे उसके पैरों में स्थायी कमजोरी या लकवा भी हो सकता था।

    न्यूरो-नेविगेशन एक कंप्यूटर- असिस्टेड सर्जरी तकनीक है, जो सर्जन को रीढ़ की हड्डी के भीतर सटीकता से ‘नेविगेट’ करने और अत्यंत सटीक हस्तक्षेप (इंटरवेंशन) करने की सुविधा देती है। न्यूरो-मॉनिटरिंग एक ऐसी तकनीक है, जो सर्जन को रीढ़ की हड्डी की कार्यप्रणाली का वास्तविक समय (रियल-टाइम) में मूल्यांकन करने में मदद करती है, जिसमें तंत्रिका जड़ें, मोटर व सेंसरी ट्रैक्ट्स शामिल होते हैं। इन दोनों तकनीकों की मदद से सर्जरी के बाद होने वाली न्यूरोलॉजिकल जटिलताओं से बचा जा सकता है।

    पिछले छह महीनों से 66 वर्षीय मरीज को गंभीर कमर दर्द की शिकायत थी, जिससे उसकी चलने-फिरने की क्षमता प्रभावित हो गई थी। साथ ही, दोनों जांघों और पैरों में दर्द फैल रहा था और उसे पेशाब पर नियंत्रण नहीं रह गया था।  मरीज ने फोर्टिस अस्पताल मोहाली के न्यूरो-स्पाइन सर्जरी विभाग के एडिशनल डायरेक्टर डॉ. हरसिमरत बीर सिंह सोढी से परामर्श लिया। उनकी लम्बर स्पाइन की एमआरआई जांच में यह सामने आया कि एल4 से एस1 तक की रीढ़ की हड्डियों में गंभीर तंत्रिका दमन (न्यूरल कम्प्रेशन) हो रहा था, और हड्डियाँ एक-दूसरे पर फिसल रही थीं। यही स्थिति कमर दर्द, पैरों में दर्द (साइटिका), सुन्नता, झनझनाहट और कमजोरी का कारण बन रही थी। अगर इलाज में और देर होती, तो मरीज के दोनों पैर कमजोर हो सकते थे और वह बिस्तर पर सीमित हो जाता।

    डॉ. सोढी के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने मरीज का ऑपरेशन न्यूरो-नेविगेशन और न्यूरो-मॉनिटरिंग तकनीकों के माध्यम से किया। लगभग तीन घंटे चली इस सर्जरी में रीढ़ की नलिका और तंत्रिकाओं का पूरी तरह से सर्जिकल डी-कंप्रेशन (दबाव मुक्ति) किया गया, जिससे तंत्रिकाओं पर बना दबाव हटाया गया और स्पाइनल फिक्सेशन (रीढ़ की हड्डी को स्थिर करना) भी सफलतापूर्वक किया गया। सर्जरी के बाद मरीज की रिकवरी बेहद सहज रही और उन्हें पांच दिन में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अगले 3-4 महीनों की गहन फिजियोथेरेपी के बाद मरीज का फुट ड्रॉप भी ठीक हो गया और वह अब बिना किसी सहारे के स्वतंत्र रूप से चलने-फिरने में सक्षम हैं। फिलहाल मरीज को पेशाब की नली की ज़रूरत नहीं है और वह सामान्य जीवन जी रहे हैं।

    इस मामले पर चर्चा करते हुए डॉ. सोढी ने कहा,कि यह सर्जरी फोर्टिस अस्पताल मोहाली में उपलब्ध अत्याधुनिक तकनीकों जैसे न्यूरो-नेविगेशन, न्यूरो-मॉनिटरिंग और हाई-एंड माइक्रोस्कोप की मदद से की गई। सर्जरी के दौरान नर्व मॉनिटरिंग के ज़रिये दबाव में आई तंत्रिकाओं की स्थिति की लगातार निगरानी की गई, जिससे आसपास की असंबंधित नसों को अनजाने में होने वाले नुकसान से बचाया जा सका। वहीं, न्यूरो-नेविगेशन की सहायता से रीढ़ की हड्डी में स्क्रू अत्यंत सटीकता के साथ लगाए गए, जिससे स्पाइनल कॉर्ड को किसी प्रकार की अतिरिक्त क्षति का कोई जोखिम नहीं रहा। इन सभी कारकों की वजह से मरीज को उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त हुए।”

  • पुलिस के बीटबॉक्स में बिजली की ‘कुंडी’, बिना मीटर के चल रहा AC, देखें वीडियो

    पुलिस के बीटबॉक्स में बिजली की ‘कुंडी’, बिना मीटर के चल रहा AC, देखें वीडियो

    चंडीगढ़ः देशभर में गर्मी का कहर जारी है। वहीं चंडीगढ़ का तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच चुका है। ऐसे में आम जनता को राहत देने के लिए बनाए गए पुलिस के बीटबॉक्स में भी एयर कंडीशनर (AC) लगाए गए हैं। लेकिन हैरानी की बात यह है कि सेक्टर-34 में स्थित एक बीटबॉक्स में यह एसी बिना बिजली मीटर के सीधे ‘कुंडी’ से जुड़ा हुआ है। मिली जानकारी के अनुसार पुलिस के ये बीटबॉक्स आम जनता की सहूलियत के लिए बाजारों के बीच बनाए गए हैं, लेकिन कई जगहों पर इनमें बिजली की कोई वैध व्यवस्था नहीं है।

    इसके बावजूद, कुछ बीटबॉक्स में एसी धड़ल्ले से चलाए जा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि बीटबॉक्स बिना मीटर के चलाए जा रहे है। अगर आम आदमी बिजली मीटर से छेड़छाड़ करे या डायरेक्ट कनेक्शन लें तो उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाती है और एफआईआर तक दर्ज कर दी जाती है। लेकिन जब यही काम पुलिस विभाग द्वारा किया जा रहा हो, तो बिजली विभाग और प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।

    कुछ दिन पहले चंडीगढ़ के डिप्टी कमिश्नर और एसएसपी ने सेक्टर-34 में मॉक ड्रिल की थी। सवाल यह है कि क्या उस समय किसी अधिकारी की नजर इस बीटबॉक्स पर नहीं गई? क्या खुलेआम हो रही बिजली चोरी से प्रशासन अनजान है, या जानबूझकर नजरें फेर ली गई हैं? यह मामला न सिर्फ बिजली चोरी का है, बल्कि सिस्टम की जवाबदेही और पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े करता है।

  • Jalandhar News: महिला को नौजवानों ने जड़े थप्पड़, फोन छीनकर हुए फरार, 2 काबू, देखें वीडियो

    Jalandhar News: महिला को नौजवानों ने जड़े थप्पड़, फोन छीनकर हुए फरार, 2 काबू, देखें वीडियो

    जालंधर, ENS: महानगर में चोरी की वारदातें थमने का नाम नहीं ले रही। वहीं ताजा मामला जैना नगर से सामने आया है। जहां महिला को थप्पड़ मारकर उससे फोन छीनकर लुटेरे फरार हो गए। हालांकि महिला के शोर मचाने पर लोगों ने 2 नौजवानों को काबू कर लिया है, जबकि तीसरा आरोपी फरार हो गया है। लोगों का कहना हैकि फरार आरोपी के पास महिला का फोन का है। इस घटना को लेकर इलाके में काफी हंगामा हो रहा है।

    जहां काबू किए नौजवानों को पीड़ित महिला और लोगों द्वारा चोरों का साथी बताया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर दोनों नौजवान खुद को बेकसूर बता रहे है। मामले की जानकारी देते हुए पीड़ित महिला रेखा यादव ने कहा कि वह दशमेश नगर की रहने वाली है और वह काम करके लौट रही थी। इस दौरान जब वह जैना नगर में फोन पर बात कर रही थी तो पीछे से बाइक पर सवार 3 नौजवान आए और उसे थप्पड़ मारकर फोन छीन लिया।

    जिसमें से 2 नौजवानों को लोगों ने काबू कर लिया है। महिला का कहना है कि तीसरा आरोपी फोन लेकर फरार हो गया।वहीं संदीप ने बताया कि पिछली गली से महिला आ रही थी। इस दौरान 3 नौजवानों ने महिला से मारपीट की और उसका फोन छीन लिया। इस दौरान बाइक सहित 2 नौजवानों को काबू कर लिया गया है, जबकि तीसरा आरोपी मोबाइल लेकर मौके से फरार हो गया है। घटना की सूचना पुलिस को दे दी गई है।

    मौके पर पहुंचे थाना भार्गव कैंप के जांच अधिकारी जसविंदर सिंह ने बताया कि 2 नौजवानों को काबू कर लिया है। वहीं मौके से बरामद किया गया बाइक जब्त कर लिया गया है। दोनों नौजवानों को थाने ले जाकर तीसरे आरोपी को लेकर पूछताछ की जाएगी। जल्द ही तीसरे आरोपी को काबू कर लिया जाएगा।

  • Punjab News: ट्यूशन जा रही 3 वर्षीय बच्ची को लगी गोली, देखें वीडियो

    Punjab News: ट्यूशन जा रही 3 वर्षीय बच्ची को लगी गोली, देखें वीडियो

    अमृतसर : जिले में गोलियां चलने की घटनाएं लगातार बढ़ रही है। गत दिवस गेट हकीमां के पास स्थित फतेह सिंह कालोनी में गोली चलने की घटना सामने आई थी। जिसमे ट्यूशन जा रही 3 वर्षीय मासूम बच्ची गोली लगने से घायल हो गई थी। इस घटना की cctv भी सामने आ गई है।

    वीडियो मे देखा जा सकता है कि बच्ची अपने पिता के साथ बैग पहन कर जा रही थी। अचनाक चलते – चलते वह गिर गई, जिसके बाद बची का पिता इसे गॉड मे उठाकर भागने लगा। बच्ची पिता के साथ ट्यूशन जा रही थी। इस दौरान उसके टांग में गोली लगने से वह घायल हो गई। घायल होने के बाद डॉक्टरों ने पत्थर समझ कर इलाज करना चाहा।

    लेकिन पिता आकाश ने हार नहीं मानी और वह 4 घंटे तक डाक्टरों के पास घूमता रहा। जब उसे एक प्राइवेट अस्पताल में ले जाया गया तो एक्सरे करवाने पर गोली लगने के बारे में पता चला। जहां डॉक्टरों द्वारा ऑपरेशन करके टांग से गोली निकाली गई। बच्ची की हालत स्थिर बताई जा रही है। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस हरकत में आई और अस्पताल में बयान लेने पहुंची और पिता के बयान दर्ज किए गए।

    पिता आकाश का कहना है कि वह बेटी को ट्यूशन छोड़ने के लिए जा रहा था कि रास्ते में अचानक उसके पांव से खून बहने लगा। उन्हें जब कुछ पता न चला तो वह उसे घर ले गए उसकी मरहम पट्टी करवाई मगर उसकी बेटी दर्द से कराह रही थी। कई डॉक्टरों को दिखाने के बाद बेटी को निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां एक्स-रे के बाद पता चला कि उसके टांग में गोली लगी है। जिसके बाद डॉक्टरों द्वारा ऑपरेशन करके बेटी की टांग से गोली निकाली गई।

    वहीं मामले की जानकारी देते हुए एएसआई अश्वनी कुमार का कहना है कि बच्ची के पिता की शिकायत लेने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। घटनास्थल के आस-पास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे है। जल्द आरोपी को गिरफ्तार करके कार्रवाई की जाएं

  • Punjab News: बर्खास्त महिला कांस्टेबल को AIIMS Hospital में किया रेफर

    Punjab News: बर्खास्त महिला कांस्टेबल को AIIMS Hospital में किया रेफर

    बठिंडाः विजिलेंस ब्यूरो बठिंडा के रिमांड पर चल रही बर्खास्त महिला सिपाही अमनदीप कौर की अचानक सेहत बिगड़ने के कारण उसे इलाज के लिए स्थानीय सिविल अस्पताल भर्ती कराया गया, जहां से अब उसे ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एम्स बठिंडा) रेफर कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार वह गुर्दे की पथरी से पीड़ित है और अचानक दर्द उठने पर उसे सिविल अस्पताल बठिंडा लाया गया था, लेकिन यहां गुर्दे की बीमारियों के विशेषज्ञ डॉक्टर न होने के कारण उसे प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा देने के बाद बठिंडा के डबवाली रोड पर स्थित एम्स में दाखिल कराया गया, जहां डॉक्टर उसका इलाज कर रहे हैं।

    बता दें कि विजिलेंस ने उसके खिलाफ स्रोतों से अधिक संपत्ति बनाने का मामला दर्ज किया है और वह पूछताछ के लिए विजिलेंस के पास 3 दिनों के रिमांड पर है। आय से ज्यादा संपत्ति बनाने के आरोप में विजिलेंस ब्यूरो की तरफ से गिरफ्तार की गई महिला कांस्टेबल को बीते दिन जिला अदालत में पेश किया गया था। जहां पर विजिलेंस टीम ने आरोपी अमनदीप कौर से उसकी संपत्ति और इंकम से जुड़ी जानकारी हासिल करने के लिए अदालत से 5 दिन का रिमांड मांगा था, लेकिन अदालत ने 3 दिन का रिमांड दिया था। अब विजिलेंस की तरफ से आगामी 29 मई को दोपहर 3 बजे के बाद अदालत में पेश किया जाएगा और रिमांड के दौरान की गई पूछताछ के आधार पर की कार्रवाई की रिपोर्ट भी दी जाएगी। इसके साथ ही विजिलेंस की मांग पर अदालत ने आरोपी महिला अमनदीप कौर के घर व अन्य संपत्तियों की तलाशी के लिए सर्च वारंट भी जारी किया है।

    डीएसपी कुलवंत सिंह का कहना है कि विजिलेंस विभाग को उसके खिलाफ कई संदिग्ध वित्तीय लेन-देन और बेहिसाब संपत्तियों के इनपुट मिले थे। जिसके बाद विजिलेंस टीम ने अमनदीप कौर के साल 2018 से लेकर 31 मार्च 2025 तक वित्तीय जांच की गई। जिसमें उसने अपनी आय से 28 फीसदी ज्यादा पैसे खर्च किए है। रिकार्ड के अनुसार अमनदीप काैर ने पिछले आठ सालों में उसकी आमदनी 1.8 करोड़ रुपये आंकी गई थी, लेकिन जब विजिलेंस ने हिसाब लगाना शुरू किया, तो उसका खर्च 1.39 करोड़ रुपये सामने आया। उसने अपनी आय से 31 लाख रुपये ज्यादा खर्च किए है।

  • Punjab News: 2 ड्रग तस्कर भाइयों के अवैध मकान को नगर निगम ने किया ध्वस्त, देखें वीडियो

    Punjab News: 2 ड्रग तस्कर भाइयों के अवैध मकान को नगर निगम ने किया ध्वस्त, देखें वीडियो

    अमृतसरः नशा तस्करों पर लगाम कसने के लिए प्रशासन लगातार प्रयासरत है। नगर निगम और पुलिस प्रशासन द्वारा नशा तस्करों के अवैध मकानों को गिराने का सिलसिला भी जारी है। इसी के चलते अमृतसर के सुल्तानविंड इलाके में 2 ड्रग तस्कर भाइयों के मकान को प्रशासन द्वारा ध्वस्त किया गया। अमृतसर में अब तक कई बड़े ड्रग तस्करों के मकान गिराए जा चुके हैं।

    इस संबंधी जानकारी देते हुए अमृतसर के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि सुल्तानविंड इलाके में ड्रग के कारोबार में शामिल 2 भाइयों हरपाल सिंह और जट्ट सिंह तथा जज सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार किया हुआ है और हरपाल सिंह फरार चल रहा है। पुलिस ने बताया कि जट्ट सिंह से 266 ग्राम हेरोइन और ड्रग मनी बरामद की गई थी और जट्ट सिंह का भाई हरपाल सिंह ड्रग तस्करी के मामले में पुलिस को वांछित है और उसके खिलाफ चार मामले दर्ज हैं।

    पंजाब सरकार की सख्त कार्रवाई के बाद अमृतसर नगर निगम द्वारा उसकी संपत्ति को गिराया जा रहा है जिसके चलते नगर निगम ने पुलिस को एक पत्र लिखकर पुलिस सुरक्षा की मांग की थी, जिसके चलते अमृतसर पुलिस भी अमृतसर नगर निगम के साथ पहुंची है और ड्रग तस्करों के घरों को गिरा दिया गया है। उन्होंने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने निर्देश दिए हैं कि किसी भी ड्रग तस्कर को बख्शा नहीं जाएगा। उसी के चलते ये कार्रवाई निरंतर जारी है। अब तक जिले के कई बड़े नशा तस्करों के घर गिराए जा चुके हैं।

  • अब इस राज्य में सरकार बनाने की हलचल तेज, गवर्नर से मिले BJP नेता

    अब इस राज्य में सरकार बनाने की हलचल तेज, गवर्नर से मिले BJP नेता

    नई दिल्लीः मणिपुर में अचानक सरकार बनाने को लेकर हलचल तेज हो गई। दरअसल, बीजेपी द्वारा सरकार बनानें का दावा पेश किया गया। बीजेपी नेता थोकचोम राधेश्याम सिंह ने बुधवार को राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मुलाकात के बाद दावा किया है कि सूबे में नई सरकार बनाने के लिए 44 विधायक तैयार हैं। उन्होंने 9 अन्य विधायकों के साथ राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात की। राधेश्याम सिंह ने कहा, “लोगों की इच्छा के मुताबिक 44 विधायक सरकार बनाने के लिए तैयार हैं। हमने राज्यपाल को यह बात बता दी है।

    हमने इस मुद्दे के लिए क्या समाधान हो सकते हैं, इस पर भी चर्चा की।” उन्होंने कहा कि राज्यपाल ने हमारी बात पर गौर किया और लोगों के सर्वोत्तम हित में कार्रवाई शुरू करेंगे। यह पूछे जाने पर कि क्या वे सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे, उन्होंने कहा कि भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व इस बारे में फैसला लेगा। उन्होंने कहा कि राज्यपाल ने हमारी बात पर गौर किया और लोगों के सर्वोत्तम हित में कार्रवाई शुरू करेंगे। यह पूछे जाने पर कि क्या वे सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे, उन्होंने कहा कि भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व इस बारे में फैसला लेगा।

    मौजूदा वक्त में 60 सदस्यीय विधानसभा के अंदर 59 विधायक हैं, जिनमें से एक सीट एक विधायक की मौत की वजह से खाली है। बीजेपी के नेतृत्व वाले गठबंधन में 32 मैतेई विधायक, 3 मणिपुरी मुस्लिम विधायक और 9 नागा विधायक हैं, कुल मिलाकर 44 विधायक हैं। कांग्रेस के पास 5 विधायक हैं, सभी मैतेई हैं। इसके अलावा बचे हुए 10 विधायक कुकी हैं, जिनमें से सात ने पिछला चुनाव बीजेपी के टिकट पर जीता था, दो कुकी पीपुल्स अलायंस के हैं और एक निर्दलीय है।