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  • मछुआरों के लिए सरकार का तोहफा, MSP के साथ रॉयल्टी में भारी कटौती

    मछुआरों के लिए सरकार का तोहफा, MSP के साथ रॉयल्टी में भारी कटौती

    शिमला: राज्य के इतिहास में पहली बार किसी सरकार ने मछुआरा समुदाय के उत्थान के लिए सक्रिय और केंद्रित कदम उठाए हैं। राज्य सरकार ने मत्स्य क्षेत्र को मजबूत करने और मछुआरों की आजीविका सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण और दूरदर्शी पहल की है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के बजट 2026-27 की घोषणाओं के अनुरूप, मत्स्य विभाग इन पहलों को जमीनी स्तर पर लागू करने की तैयारी कर रहा है। बाजार के उतार-चढ़ाव से जलाशय मछुआरों की सुरक्षा, उनकी उपज के लिए उचित मूल्य सुनिश्चित करने और उनकी आय बढ़ाने के उद्देश्य से यह कदम उठाए गए हैं। यह प्रयास सरकार की मछुआरों के कल्याण और मत्स्य क्षेत्र के सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

    मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश के इतिहास में पहली बार जलाशयों से प्राप्त मछलियों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की घोषणा की है। इस कदम का उद्देश्य मछुआरों को कीमतों में अनिश्चितता से बचाना और उन्हें सुनिश्चित आय प्रदान करना है। जलाशय मछलियों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य 100 रुपये प्रति किलोग्राम तय किया गया है। इसके अतिरिक्त, यदि नीलामी मूल्य 100 रुपये प्रति किलोग्राम से कम होता है, तो राज्य सरकार डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से प्रति किलोग्राम अधिकतम 20 रुपये तक की सब्सिडी प्रदान करेगी। इससे पारदर्शिता सुनिश्चित होगी और सब्सिडी सीधे पात्र मछुआरों के बैंक खातों में जमा होगी।

    मुख्यमंत्री ने मछुआरों को एक बड़ी राहत के रूप में, जलाशयों से प्राप्त मछलियों पर रॉयल्टी दर में उल्लेखनीय कमी की घोषणा की है। प्रदेश सरकार पहले ही रॉयल्टी को 15 प्रतिशत से घटाकर 7.5 प्रतिशत कर चुकी थी, और अब इसे वर्तमान वित्त वर्ष में घटाकर मात्र 1 प्रतिशत कर दिया गया है। इस निर्णय से 6,000 से अधिक जलाशय मछुआरों को सीधा लाभ प्राप्त होगा और उनका आर्थिक बोझ कम होगा। हिमाचल प्रदेश में पांच प्रमुख जलाशय हैं-गोबिंद सागर (बिलासपुर और ऊना), पोंग डैम (कांगड़ा), रंजीत सागर और चमेरा (चंबा), तथा कोल डैम (बिलासपुर)। गोबिंद सागर, कोल डैम, रंजीत सागर और चमेरा जलाशयों में सिल्वर कार्प प्रमुख प्रजाति है, जबकि पोंग डैम में सिंधारा प्रमुख है। अन्य महत्वपूर्ण प्रजातियों में रोहू, कतला, मृगल, कॉमन कार्प और ग्रास कार्प शामिल हैं। उन्नत फिंगरलिंग्स (70-100 मिमी) के वार्षिक स्टॉकिंग जैसे लक्षित प्रयासों के कारण जलाशय मत्स्य उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

    जलाशयों से वर्ष 2022-23 का उत्पादन 549.35 मीट्रिक टन से बढ़कर 2025-26 में 818.02 मीट्रिक टन हो गया है, जो इस क्षेत्र में मजबूत प्रगति को दर्शाता है। इन प्रगतिशील नीतिगत उपायों से जलाशय मत्स्य अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, सतत मछली पकड़ने की पद्धतियों को बढ़ावा मिलेगा और मछुआरा समुदाय की भागीदारी में वृद्धि होगी। सरकार मत्स्य अवसंरचना के विस्तार, विपणन व्यवस्था में सुधार और मछुआरों व मत्स्य पालकों के लिए बेहतर आजीविका अवसर सृजित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

    प्रदेश सरकार के प्रयासों के फलस्वरूप राज्य में कुल मछली उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। मच्छली उत्पादन वर्ष 2024-25 के 19,019 मीट्रिक टन से बढ़कर 2025-26 में 20,005 मीट्रिक टन हो गया है। यह वृद्धि मत्स्य क्षेत्र में चल रही विकासात्मक पहलों के सकारात्मक प्रभाव को दर्शाती है और ग्रामीण रोजगार व राज्य की अर्थव्यवस्था में इसकी बढ़ती भूमिका को रेखांकित करती है।

     

  • हरियाणा महिला आयोग ने Singer Masoom Sharma को भेजा समन, इस दिन होना पड़ेगा पेश

    हरियाणा महिला आयोग ने Singer Masoom Sharma को भेजा समन, इस दिन होना पड़ेगा पेश

    पंचकूला: हरियाणा महिला आयोग ने मशहूर हरियाणवी गायक मासूम शर्मा को ऑफिशियल समन जारी करते हुए व्यक्तिगत रुप से पेश होने के आदेश दिया है। आयोग ने यह कार्रवाई देहरादून के एक कॉलेज कार्यक्रम के दौरान गायक द्वारा कथित तौर पर अभद्र भाषा का प्रयोग किए जाने के मामले में की है। आयोग को मिली जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड के डीएवी कॉलेज देहरादून में आयोजित एक हालिया कार्यक्रम के दौरान मासूम शर्मा ने ऐसी भाषा और आचरण का इस्तेमाल किया जो एक सार्वजनिक हस्ती के लिए शोभनीय नहीं था।

    आयोग ने इसे महिलाओं की गरिमा, शालीनता और सम्मान के विरुद्ध मानते हुए मामले को गंभीरता से लिया है। हरियाणा राज्य महिला आयोग अधिनियम 2012 की धारा 10 (1)(F) और 10 (1)(H) के अंतर्गत प्राप्त शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए आयोग ने गायक को 18 अप्रैल 2026 को सुबह 11 बजे सेक्टर-2 पंचकूला स्थित महिला आयोग कार्यालय में उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं।

    नोटिस में साफ किया गया है कि यदि मासूम शर्मा दी हुई तारीख और समय पर नहीं आए तो आयोग अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत उनके विरुद्ध उचित कानूनी कार्रवाई कर सकता है। डिप्टी सुपरिडेंट द्वारा जारी किए गए इस नोटिस को अत्यंत महत्वपूर्ण श्रेणी में रखा गया है। फिलहाल इस पूरे मामले पर गायक मासूम शर्मा की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

     

     

  • मशहूर गायिका Asha Bhosle के निधन पर PM Modi सहित इन नेताओं ने जताया शोक

    मशहूर गायिका Asha Bhosle के निधन पर PM Modi सहित इन नेताओं ने जताया शोक

    मुंबईः भारत की दिग्गज और मशहूर गायिका Asha Bhosle के निधन की खबर से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है। संगीत जगत ही नहीं, बल्कि राजनीति से लेकर आम लोगों तक हर कोई इस खबर से दुखी है। उनके जाने को भारतीय संगीत के लिए एक बहुत बड़ी क्षति माना जा रहा है।   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया गहरा दुख प्रधानमंत्री Narendra Modi ने आशा भोसले के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर उनके साथ अपनी पुरानी तस्वीरें सांझा करते हुए लिखा कि आशा भोसले भारत की सबसे प्रसिद्ध और बहुमुखी आवाज़ों में से एक थीं। उन्होंने कहा कि दशकों तक चले उनके शानदार संगीत सफर ने भारतीय संस्कृति को समृद्ध किया और दुनिया भर के लोगों के दिलों को छुआ। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि चाहे उनके भावुक गीत हों या जोश से भरे गाने, उनकी आवाज़ में हमेशा एक खास चमक रही। उन्होंने उनके साथ बिताए पलों को याद करते हुए कहा कि ये यादें हमेशा उनके दिल में रहेंगी। अमित शाह ने कहा- संगीत जगत की बड़ी क्षति केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने भी उनके निधन पर शोक जताया। उन्होंने कहा कि आशा ‘ताई’ ने अपनी आवाज़ और प्रतिभा के दम पर एक अलग पहचान बनाई। उन्होंने यह भी कहा कि उनके मधुर गीतों ने भारतीय संगीत को और अधिक समृद्ध किया और वे हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेंगी। योगी आदित्यनाथ ने बताया अपूरणीय क्षति उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने भी आशा भोसले के निधन को कला और संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा कि आशा भोसले सुरों की महान उस्ताद थीं और उन्हें ‘सुर साम्राज्ञी’ के रूप में जाना जाता था। उनकी गायकी ने भारतीय संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। सीएम योगी ने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को शांति मिले और उनके परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति प्रदान करे। देशभर में शोक, हमेशा याद रहेंगी आशा भोसले आशा भोसले के निधन से न सिर्फ संगीत जगत बल्कि पूरा देश शोक में डूब गया है। उनके गीत और उनकी आवाज़ आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी। उनकी मीठी आवाज़ और यादगार गाने हमेशा लोगों के दिलों में गूंजते रहेंगे।      
  • Jalandhar News: पार्षद Neeraj Jassal के खिलाफ थाने के बाहर लोगों ने लगाया धरना, दी चेतावनी, देखें वीडियो

    Jalandhar News: पार्षद Neeraj Jassal के खिलाफ थाने के बाहर लोगों ने लगाया धरना, दी चेतावनी, देखें वीडियो

    जालंधर (ENS): महानगर में शादी समारोह के दौरान हुए विवाद ने अब राजनीतिक और कानूनी तूल पकड़ लिया है। कांग्रेस के मौजूदा पार्षद नीरज जस्सल पर एक युवक के साथ मारपीट करने और पिस्टल की बट (पीछे का हिस्सा) मारकर उसे गंभीर रूप से घायल करने के आरोप लगे हैं। पुलिस द्वारा इस मामले में ‘हल्की धाराएं’ लगाने के विरोध में पीड़ित परिवार और उनके समर्थकों ने आज थाने के बाहर रोष प्रदर्शन किया। बता दें कि पीड़ित योगेश बिरदी और उनके परिवार के अनुसार, यह घटना पिछले महीने 7 मार्च की है। योगेश अपने भाई के साथ एक शादी समारोह में गए थे। वहां उनके चचेरे भाई (करन) का किसी के साथ विवाद हो रहा था। योगेश ने जब बीच-बचाव करने की कोशिश की, तभी वहां कांग्रेस पार्षद नीरज जस्सल पहुंचे। आरोप है कि पार्षद नशे की हालत में थे और उन्होंने योगेश के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। विवाद बढ़ने पर पार्षद ने अपनी जेब से पिस्टल निकाली और योगेश के सिर पर वार कर दिया। हमले में योगेश के सिर पर गंभीर चोटें आईं और उन्हें अस्पताल में 7 टांके लगे।

    पुलिस पर ‘ढीली कार्रवाई’ और राजनीतिक दबाव के आरोप

    पीड़ित पक्ष ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि प्रशासन पूरी तरह से राजनीतिक दबाव में काम कर रहा है। उनका सबसे मुख्य ऐतराज एफआईआर दर्ज करने में हुई अत्यधिक देरी को लेकर है, क्योंकि 7 मार्च की घटना के बावजूद पुलिस ने करीब 24 दिन बाद 31 मार्च को मामला दर्ज किया। समर्थकों का तर्क है कि पुलिस ने जानबूझकर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 118, 109 और 351 जैसी हल्की धाराएं लगाई हैं, जबकि आरोपी ने पिस्टल का इस्तेमाल किया था, जिसके आधार पर आर्म्स एक्ट की धाराएं जुड़नी चाहिए थीं। इसके अलावा, पीड़ित परिवार इस बात से भी आहत है कि आरोपी पार्षद सरेआम घूम रहा है और पुलिस उसे गिरफ्तार करने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रही है। इस पूरे विवाद पर थाना डिवीजन नंबर 1 के एसएचओ (SHO) राकेश कुमार ने प्रदर्शनकारियों से मिलकर अपना पक्ष रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्षद नीरज जस्सल के खिलाफ एफआईआर नंबर 103 पहले ही दर्ज की जा चुकी है और वर्तमान में जो भी धाराएं लगाई गई हैं, वे मेडिकल रिपोर्ट (MLR) और शुरुआती बयानों के आधार पर तय की गई हैं। एसएचओ ने यह भी बताया कि घटनास्थल पर फिलहाल कोई सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं हो पाई है, इसलिए जांच पूरी तरह से गवाहों और उपलब्ध सबूतों पर निर्भर है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जैसे-जैसे तफ्तीश आगे बढ़ेगी और नए तथ्य सामने आएंगे, कानून के मुताबिक धाराओं में आवश्यक बदलाव किए जा सकते हैं। जिला प्रधान सलविंदर कुमार और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने पुलिस प्रशासन को दो-टूक चेतावनी देते हुए अपनी मांगें दोहराई हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि यदि आरोपी के खिलाफ तुरंत आर्म्स एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई नहीं की गई और उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित नहीं हुई, तो वे अपने संघर्ष को और अधिक उग्र करेंगे। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कमिश्नर (CP) को भी एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें न्याय की गुहार लगाते हुए दोषी पार्षद पर कड़ी कानूनी नकेल कसने की मांग की गई है।    
  • इस दिन से शुरु होगी Amarnath Yatra, जानें कैसे करें Registration?

    इस दिन से शुरु होगी Amarnath Yatra, जानें कैसे करें Registration?

    जम्मू-कश्मीर: अमरनाथ यात्रा 2026 की घोषणा हो गई है। श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड के अनुसार, इस साल की वार्षिक तीर्थयात्रा 3 जुलाई 2026 से शुरु होगी। इसका समापन 28 अगस्त 2026 को रक्षा बंधन से शुरु होगी। इस बार यात्रा कुल 57 दिनों तक चलेगी। इसमें लाखों श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। यात्रा के औपचारिक आरंभ से पहले भगवान शिव का आशीर्वाद लेने के लिए पहले पूजा का आयोजन किया जाएगा। यह विशेष पूजा ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन यानी की 29 जून 2026 को संपन्न होगी। इसी दिन से यात्रा के लिए आध्यात्मिक वातावरण तैयार हो जाता है।

    ऐसे करवाएं रजिस्ट्रेशन

    खराब मौसम के कारण से जल्द खत्म होने वाली अमरनाथ यात्रा 4.14 लाख श्रद्धालु पहुंचे बाबा के दरबार श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ के प्रबंधन के लिए अग्रिम पंजीकरण जरुरी है। इस साल रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 15 अप्रैल 2026 से शुरु हो जाएगी। भक्त ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों के जरिए अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। देशभर में स्थित जम्मू-कश्मीर बैंक, पीएनबी (PNB), एसबीआई (SBI) और यस बैंक (Yes Bank) की 554 शाखाओं पर जाकर रजिस्ट्रेशन करवाया जा सकता है। श्राइन बोर्ड की अधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल ऐप के जरिए भी पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

    स्वास्थ्य प्रमाणपत्र है जरुरी

    अमरनाथ की यात्रा ज्यादा ऊंचाई और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाली होती है। ऐसे में पंजीकरण के लिए अधिकृत डॉक्टरों के द्वारा जारी किया गया है। अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाणपत्र जरुरी है। बिना स्वास्थ्य जांच और वैध परमिट के किसी भी यात्री को आगे बढ़ाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

    यात्रा मार्ग और तैयारी

    यह यात्रा पारंपरिक पहलगाम मार्ग और बालटाल मार्ग दोनों ही रास्तों से संचालित की जाएगी। प्रशासन ने भक्तों के लिए सुरक्षा, चिकित्सा शिविर और ठहरने की व्यवस्था को अभी से अंतिम रुप देना शुरु कर दिया है। तीर्थयात्रियों को सलाह दी जाती है कि वो अपने साथ गर्म कपड़े और जरुरी दवाईयां रखें।  
  • इस वजह से मशहूर हुआ Momos का Trend, 600 साल पुराना है इतिहास

    इस वजह से मशहूर हुआ Momos का Trend, 600 साल पुराना है इतिहास

    नई दिल्ली: शाम होते ही गली नुक्कड़ पर मोमोज के स्टॉल पर काफी भीड़ होती है। वैसे तो मोमोज को पूरे भारत में खाया जाता है परंतु दिल्ली के आस-पास के क्षेत्रों में उसकी ज्यादा दीवानगी देखी जाती है। अब चाहे वो रेहड़ी हो, मेट्रो के बाहर का मार्केट हो या फिर कोई इलाका। हर जगह आपको मोमोज के स्टॉल दिख ही जाएंगे। जहां पर अलग-अलग वैरायटी केे मोमोज खाने को मिलेंगे। अक्सर कुछ लोगों का यह लगता है कि यह कोई मॉर्डन फास्ट फूड है लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिसे आप सिर्फ एक स्नैक समझ रहे हैं कि वो असल में बहुत मुश्किल समय में पेट भरने की मजबूरी के कारण हुआ था।

    600 साल पहले हुआ था आविष्कार

    मोमोज का आविष्कार करीबन 600 पहले तिब्बत में हुआ था। आज लाल चटनी और मेयोनीज के साथ परोसा जाने वाला यह जायका कभी सर्वाइव करने के लिए खाया जाता था। मोमोज का इतिहास बहुत ही पुराना है और इसका सीधा संबंध तिब्बत की भौगोलिक परिस्थितियों से है। माना जाता है कि मोमोज की शुरुआत 14वीं-15वीं सदी के आस-पास तिब्बत में हुई थी। उस समय ये खासतौर पर ठंडे इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए एनर्जी फूड था। रिपोर्ट्स के अनुसार, तिब्बत में हड्डियां गलाने वाली ठंड पड़ती थी और खेती बाड़ी करना लगभग असंभव हो जाता था और लोगों के पास खाने-पाने के संसाधन काफी कम थे। ऐसे में मैदे की एक पतली परत के अंदर मांस को भरकर भाप में पकाने की तकनीक इजाद की गई। इसे तिब्बती भाषा में मोग-मोग कहते थे। कम संसाधनों में लोगों का पेट भरने और शरीर को गर्मी देने के लिए यह सबसे सुरक्षित और आसान तरीका था। धीरे-धीरे यह तिब्बती संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बन गई और मोमोज का जन्म हो गया था। मोमोज को तिब्बत की सीमाओं से बाहर निकालने का श्रेय नेवारी व्यापारियों को ही जाता है। रिपोर्ट् के अनुसार, 1960 के दशक के आस-पास जब काठमांडू के व्यापारी बिजनेस के सिलसिले में ल्हासा जाते थे और वो इस डिश के फैन हो गए थे। वो व्यापारी इस रेसिपी को नेपाल में लाए और वहां पर इसे ममो के नाम से जाना जाने लगा। इसके बाद वहां के मामलों में अपने सफर दक्षिण एशिया की ओर शुरु किया। धीरे-धीरे पहाड़ी रास्तों में होते हुए भारत में दाखिल हुआ।

    ऐसे पहुंचे मोमोज

    भारत में मोमोज की एंट्री मुख्य तौर पर 1959 के बाद हुई। इस दौरान बड़ी संख्या में तिब्बती शरणार्थी दलाई लामा के साथ भारत में आए। रिपोर्ट्स के अनुसार, धर्मशाला, दार्जिलिंग, सिक्किम और दिल्ली के मजनू का टीला जैसे इलाकों में बसे लोगों ने इसका खूब इस्तेमाल किया है। शुरुआती दौर में यह सिर्फ तिब्बती समुदायों तक ही सीमित था परंतु 90 के दशक के आखिर में इसने दिल्ली की गलियों में अपनी जगह बनाना शुरु की। भारत के लोगों को इसका स्टीम्ड टेक्सचर और तीखी मिर्च वाली चटनी इतनी अच्छी लगी कि आज यह समोसे की टक्कर देने वाला सबसे बड़ा स्ट्रीट फूड बन गया है।

    मजबूरी से मॉर्डन स्नैक का बना सफर

    आज मोमोज सिर्फ एक स्टीम्ड नहीं रही बल्कि भारतीय स्वाद के अनुसार, इसमें तंदूरी, फ्राइड, कुरकुरे और यहां तक कि पनीर और सोया मोमोज जैसे नगिनत एक्सपेरिमेंट हो गए हैं। जिस खाने को लोग अनाज की कमी के कारण मजबूरी में खाते थे वो आज युवाओं के बीच में कंफर्ट फूड बन चुका है।      
  • Punjab News: इस इलाके में मिली युवती की लाश, जांच में जुटी पुलिस, देखें वीडियो

    Punjab News: इस इलाके में मिली युवती की लाश, जांच में जुटी पुलिस, देखें वीडियो

    चंडीगढ़: शहर के आईएएस कॉलोनी रोड़ पर करीबन 25-26 साल की एक युवती का शव मिलने के कारण इलाके में हड़कंप मच चुका है। घटना के बाद आस-पास के क्षेत्र में डर का माहौल बन गया है। सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीमें मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए खरड़ के मोर्चरी अस्पताल में रखवा दिया गया है।

    प्राथमिक जानकारी के अनुसार, शव सबसे पहले देखने वाले स्थानीय व्यक्ति ने पुलिस को इसकी सूचना दी। इसके बाद तुरंत कार्रवाई की गई है फिलहाल युवती की पहचान और मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस का कहना है कि यह मामला हत्या का है या फिर किसी हादसे का, इसकी जांच भी चल रही है। पुलिस आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है ताकि सच्चाई सामने आ पाए।

    पुलिस ने लोगों से अपील भी की है कि यदि किसी के पास इस घटना से जुड़ी कोई जानकारी हो तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें। फिलहाल मामले की गहरी जांच की जा रही है।

     

     

  • Punjab News: राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने इस मामले पर जताई चिंता, देखें वीडियो

    Punjab News: राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने इस मामले पर जताई चिंता, देखें वीडियो

    चंडीगढ़ : पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने एक बार फिर चंडीगढ़ की अमन कानून स्थिति पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि 5,7 हजार रुपये में अपराध करने वाले मिल जाते हैं। शहर में वारदात कर भाग जाने पर भी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि 18 नाके लगाए गए हैं। पंजाब यूनिवर्सिटी में गोली चलाने से लेकर ब्लास्ट के आरोपी के बस में भागने की बात कही है।

    राज्यपाल और प्रशासक ने कहा कि शहर की समस्याओं के लिए चंडीगढ़ के वेलफेयर एसोसिएशन के साथ मुलाकात पर कहा कि पंजाब का असर हमारे पास भी आ रहा है। इसमें 5-7 हजार रुपय में भी पटाखे फोड़ रहे हैं जोकि विदेश में बैठे लोग इन्हें तभी देते हैं। जब वीडियो भी भेजते हैं जो दुर्भाग्य की बात है। पंजाब ने 28 गैंगस्टरों की लिस्ट जारी की है। इसमें पंजाब सरकार काम करती नजर आ रही है। उनका कहना है कि हम भी जीती हुई है। हम इलेक्ट्रिक बसें अभी भी कर देनी है। इसमें हम लगे हुए हैं और हरियाली बढ़ी हुई है।

     

     

  • Punjab News: इस इलाके में सरेआम हुई गुंडागर्दी, इलाके में फैली दहशत, देखें वीडियो

    Punjab News: इस इलाके में सरेआम हुई गुंडागर्दी, इलाके में फैली दहशत, देखें वीडियो

    फगवाड़ा: मोहल्ला भगतपुरा में गुंडागर्दी की घटना सामने आई है। इससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है। घटना की सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई है। इसमें कुछ युवक एक व्यक्ति पर हमला करते दिख रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार, हमले में एक युवक गंभीर तौर पर घायल हो गया जिसे तुरंत इलाज के लिए फगवाड़ा के सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। अस्पताल में उसकी हालत पर डॉक्टरों की निगरानी रखी जा रही है।

    घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है। उन्होंने इलाके में सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर जांच शुरु कर दी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा, मामले की सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

     

     

     

  • Punjab News: पुलिस और शूटर के बीच हुई मुठभेड़, फायरिंग के दौरान बदमाश घायल

    Punjab News: पुलिस और शूटर के बीच हुई मुठभेड़, फायरिंग के दौरान बदमाश घायल

    फतेहगढ़ साहिब: जिले के खमाणों इलाके में पुलिस और एक शूटर के बीच मुठभेड़ हुई है। इस दौरान पुलिस ने फायरिंग की और बदमाश घायल हो गया। जानकारी के अनुसार, पुलिस आरोपी को हथियार की बरामदगी के लिए एक पुराने कोठे में लेकर गई थी। इसी दौरान आरोपी ने अचानक 32 बोर का पिस्टल निकालकर पुलिस टीम पर फायरिंग शुरु कर दी। खुद को बचाने के लिए खमाणों के एसएचओ सुरेश कुमार और उनकी टीम ने जवाबी कार्रवाई करते हुए गोलियां चलाई। फायरिंग के दौरान आरोपी के पैर में गोली लग गई।

    इससे बदमाश घायल हो गया। इसके बाद उसे तुरंत सिविल अस्पताल खमाणों में भर्ती करवाया गया है। मौके पर पहुंचे जिला पुलिस प्रमुख शुभम अग्रवाल ने बताया कि 17 जनवरी को खमाणों में एक व्यापारी के घर के बाहर फायरिंग की घटना हुई थी जिसमें आरोपी ने दहशत फैलाने की कोशिश की थी हालांकि उस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ था। इस मामले में पुलिस टीम लगातार कार्रवाई कर रही थी। कुछ दिन पहले ही आरोपी को गिरफ्तार किया गया था। रिमांड के दौरान हथियार की बरामदगी के लिए ले जाते समय आरोपी ने पुलिस पर हमला कर दिया जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में वह घायल हो गया। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरु कर दी है।