जालंधर, ENS: महानगर के टांडा फाटक के पास व्यक्ति का शव बरामद होने की घटना सामने आई है। स्थानीय लोगों द्वारा घटना की सूचना थाना 8 की पुलिस और जीआरपी पुलिस को दे दी गई। जिसके बाद जीआरपी पुलिस ने कहा कि एरिया उनके अधीन नहीं आता है। जिसके बाद थाना 8 की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए रखवा दिया है। जांच अधिकारी एएसआई धर्मपाल सिंह ने कहा कि आज सुबह 11 बजे घटना की सूचना मिली। जांच में सामने आया है कि शव पर कीड़े चल रहे है और शव 3 से 4 दिन पुराना है।
मृतक की अभी तक पहचान नहीं हुई है। शव को 72 घंटों के लिए सिविल अस्पताल की मोर्चुरी में रखवा जा रहा है। जांच अधिकारी ने कहा कि कूड़े के ढेर से शव बरामद हुुआ है। वहीं आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे है। जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जा रही है। बता दें कि पिछले कुछ दिनों से अज्ञात शवों के बरामद होने की घटनाओं में लगातार बढ़ौतरी हो रही है। हाल ही में सूर्य एंक्लेव में अज्ञात शव बरामद हुआ था। उससे पहले भी एक अज्ञात शव बरामद हुआ था।
Health: डोलो 650 (Paracetamol) एक सामान्य दर्द निवारक दवा है, जो बुखार, सिरदर्द, और शरीर के अन्य दर्दों को कम करने के लिए इस्तेमाल की जाती है। हालांकि, बिना डॉक्टर की सलाह के इसका नियमित या अधिक मात्रा में सेवन करना सुरक्षित नहीं है। इसके कुछ संभावित साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं:
लीवर पर असर: पारासिटामोल का अधिक सेवन लीवर के लिए खतरनाक हो सकता है, क्योंकि यह लीवर की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकता है। ज्यादा खा लेने से लीवर फेल्योर (लिवर फेल) जैसी स्थिति हो सकती है।
गैस्ट्रिक प्रॉब्लम्स: अगर इसका ज्यादा सेवन किया जाता है तो पेट में जलन, गैस, और एसिडिटी जैसी समस्याएँ हो सकती हैं।
किडनी पर असर: लंबे समय तक ज्यादा मात्रा में इसका सेवन किडनी की कार्यप्रणाली को भी प्रभावित कर सकता है, जिससे किडनी संबंधित समस्याएँ हो सकती हैं।
रक्त में प्रदूषण: ज्यादा मात्रा में खाए जाने पर रक्त में प्रदूषण हो सकता है, जिससे शरीर में रक्त का सही संचार बाधित हो सकता है।
एलर्जी और स्किन रिएक्शन: कभी-कभी दवाओं के प्रति एलर्जी हो सकती है, जिससे त्वचा पर रैशेज, खुजली और सूजन हो सकती है।
अगर आप डोलो 650 या किसी अन्य दवा का सेवन कर रहे हैं, तो डॉक्टर की सलाह लेना हमेशा बेहतर होता है, खासकर यदि आप इसे लगातार खा रहे हैं।
IDFC Bank के रिकवरी कर्मियों ने घर में घुसकर युवक से की मारपीट
जालंधर, ENS: महानगर में काली माता मंदिर के पास मोहल्ला छोटा सईपुर में बैंक के कर्मियों द्वारा युवक से मारपीट करने की घटना सामने आई है। मिली जानकारी के अनुसार बैंक की किश्त न चुकाने पर आईडीएफसी बैंक के कर्मचारियों द्वारा घर में घुसकर युवक से मारपीट की गई। घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि कुछ व्यक्ति घर में घुस गए और उसे पीटते हुए रिंकू नामक युवक को घर से बाहर लेकर आ गए।
बैंक के कर्मी फोन की किश्त लेने गए थे। इस दौरान युवक ने कहा कि उसकी बहन की शादी है और वह जल्द किश्त अदा कर देंगा। वहीं माता ने कहा कि 2 से 4 दिनों में वह किश्त दे देगा। वहीं पर सिख व्यक्ति ने गलत टिप्पणी कर दी, जिस पर युवक भड़क गया और उसने विवाद किया। जिसके बाद वहां से बैंक के कर्मी कुछ देर बाद वापिस आ गए और उसे घर से घसीटकर पीटना शुरू कर दिया। इस मामले को लेकर घायल युवक ने मेडिकल करवाकर थाना 8 में शिकायत दे दी है।
पीड़ित रिंकू ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसने डीएवी कॉलेज के पास स्थित गौरव टेलीकॉम की दुकान से किश्तों पर लिया था। जिसका IDFC Bank से लोन करवाया गया था। पीड़ित ने कहा कि वह एक किश्त नहीं दे पाया और बैंक के रिकवरी कर्मी घर पर किश्त लेने के लिए आ गए। जहां उसने कर्मियों को कहा कि वह कुछ दिनों में पैसे दे देगा। पीड़ित का आरोप है कि कर्मियों द्वारा उसके साथ पहले बहसबाजी की गई। इस दौरान उसकी माता शोर सुनकर बाहर आ गई और कर्मियों ने माता के साथ गलत व्यवहार करना शुरू कर दिया। जिसके बाद हरप्रीत ने साथियों के साथ मिलकर उस पर कड़े से हमला कर दिया गया।
जहां गली में व्यक्तियों द्वारा युवक को सरेआम लात-घूंसे मारे गए। वहीं एक अन्य वीडियो में देखा जा सकता है कि गली में युवकों द्वारा युवक के साथ मारपीट की जा रही है और इलाका निवासी खड़े होकर तमाशा देख रहे है। इस मामले को लेकर थाना डिवीजन नंबर 8 के थाना प्रभारी ने बताया कि हरप्रीत सिंह सहित एक अन्य के खिलाफ मामला दर्ज करके आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं इस मामले को लेकर गौरव टैलीकॉम के संचालक ने बताया कि किश्ते टूटने और बैंक कर्मियों से हुई लड़ाई में उसका कोई लेना-देना नहीं है।
श्री मुक्तसर साहिबः जिले की पुलिस ने ढाई साल पुराने प्रसिद्ध आयुर्वेदिक हकीम दलीप सिंह के ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी को सुलझा लिया है। इस मामले में पुलिस ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए व्यक्ति अमरिंदर सिंह उर्फ़ जिमी, पुत्र बाबू सिंह, निवासी सरावां बोडला तथा अमृतपाल सिंह उर्फ़ अम्बी, पुत्र करज सिंह, निवासी कट्टियां वाली रोड, सरावां बोडला, और शमशेर सिंह उर्फ़ शम्मी, पुत्र सोना सिंह, निवासी गांव कट्टियां वाली हैं। यह हत्या पैसों की लालच में की गई थी। आरोपियों को पता था कि दलीप सिंह अकेले रहते हैं और उनके पास बड़ी रकम हो सकती है। इसी लालच में उन्होंने हत्या की योजना बनाकर पैसा लूटकर शानदार जिंदगी जीने की ठानी।
इस संवेदनशील हत्या मामले की सफल जांच श्री मुक्तसर साहिब पुलिस की लगातार, निष्ठावान और विशेष जांच का प्रमाण है, जिसने समय बीतने के बावजूद न्याय के प्रति अपनी प्रतिबद्धता साबित की है। दरअसल, 17 सितंबर 2022 को 90 वर्षीय हकीम दलीप सिंह का शव उनके आवास पर बने आयुर्वेदिक क्लिनिक दवाखाना गांव सरावां बोडला में मिला था। हकीम गरीबों के लिए मुफ्त इलाज के लिए जाने जाते थे, उसका शव साफ-सुथरे हाथ-पैरों में कपड़ों से बंधा हुआ मिला। मौके पर सीसीटीवी कैमरे और एलईडी टूटा हुआ पाया गया और घर पूरी तरह से खंगाला गया था। पुलिस ने थाना कबरवाला में मुकदमा संख्या 137 तिथि 18-09-2022 के तहत धारा 460 आईपीसी के अंतर्गत अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध केस दर्ज किया था। हकीम की मौत के बाद पुलिस ने स्थिति को गंभीरता से संभाला ताकि कानून व्यवस्था खराब न हो। जांच के दौरान पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण गला घोंटना बताया गया।
हालांकि, सीसीटीवी और टावर डंप जैसी तकनीकी विधियों से की गई जांच के बावजूद कोई ठोस सुराग नहीं मिला और मामला काफी समय तक ठंडा पड़ा रहा। फरवरी 2025 में एसएसपी श्री मुक्तसर साहिब डॉ. अखिल चौधरी के नेतृत्व में एसपी (डी) की अगुवाई में नई जांच टीमें गठित की गईं। टीमों को पुराने सबूतों की विस्तारपूर्वक समीक्षा करने, संदिग्ध व्यक्तियों की पुनः पूछताछ करने और तकनीकी डेटा की गहन जांच करने के निर्देश दिए गए। स्थानीय गुप्त सूचनाओं और पूछताछ के जरिए 5 संदिग्धों की पहचान करके 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने हत्या की बात कबूल कर पूरी साजिश बयान की।
गुरदासपुरः एक 26 वर्षीय युवक द्वारा जहरीली दवा निगलकर अपनी जीवनलीला समाप्त करने का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि गांव में रहने वाला एक व्यक्ति और उसकी पत्नी पिछले दिनों उनके घर आए थे और मृतक सरवन के साथ मारपीट की तथा जान से मारने की धमकी दी थी जिसके बाद से वह मानसिक परेशान रहने लगा था। घटना के बाद पीड़ितों ने पुलिस को मामले की सूचना दे दी है। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी देते मृतक के पिता सुरजीत राज और उसकी बहनों ने बताया कि कुछ दिन पहले हमारा भाई सरवन एक लड़की को घर लेकर आया था। लड़की के आने के कुछ ही देर बाद एक दंपति उनके घर में आया और आते ही उनके भाई और उस लड़की के साथ मारपीट करने लगे। जब हमने बचाव करने की कोशिश की तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की। पीड़ित की बहन ने बताया कि आरोपियों ने मेरे साथ भी मारपीट कर उसके कपड़े भी फाड़े। जाते-जाते दंपति ने उसको मारने की धमकी दी और लड़की को लेकर चले गए। इसके बाद हमारा भाई डर गया और परेशान रहने लगा। इसी परेशानी के चलते सरवन ने जहरीली दवा निगल ली जिससे उसकी मौत हो गई।
सरवन अपने माता-पिता का इकलौता बेटा और चार बहनों का इकलौता भाई था। उनके पिता एक गैस एजेंसी में हैल्पर का काम करते हैं, जबकि सरवन खुद टिप्पर चालक था। परिजनों ने मांग की है कि सरवन की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, जबकि पुलिस ने परिजनों के बयान लेने के बाद उसे और उसकी प्रेमिका को पीटने वाले पति-पत्नी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया है।
मोगाः गृह मंत्रालय, भारत सरकार और पंजाब सरकार के निर्देशानुसार शस्त्र अधिनियम-1959 में संशोधन किया गया है और अब शस्त्र लाइसेंस धारक अपने लाइसेंस पर अधिकतम 2 हथियार रख सकते हैं। इस संबंध में 28 जुलाई, 2020 को एक आधिकारिक आदेश के माध्यम से मोगा के सभी हथियार लाइसेंस धारकों को सूचित किया गया था कि जिनके पास 2 या इससे अधिक हथियार हैं, उन्हें अतिरिक्त हथियार निकटतम पुलिस स्टेशन या हथियार डीलर के पास जमा करवाना होगा और यदि वह सशस्त्र बलों का सदस्य है, तो यूनिट शस्त्रागार में 17 दिसंबर, 2020 तक जमा कराना होगा। इस आदेश के बावजूद, मोगा जिले में कई हथियार लाइसेंस धारकों ने अपने तीसरे हथियार डिस्पोज ऑफ नहीं करवाया गया।
यह जानकारी साझा करते हुए जिला मैजिस्ट्रेट-कम-डिप्टी कमिश्नर मोगा सागर सेतिया ने बताया कि ऐसे शस्त्र लाइसेंस धारकों को अंतिम मौका देते हुए निर्देश दिए जाते हैं कि वे अपने लाइसेंस पर दर्ज 2 हथियारों के अतिरिक्त पंजीकृत हथियारों को नजदीकी पुलिस स्टेशन या अधिकृत हथियार डीलर के पास जमा करवाना सुनिश्चित करें तथा यदि वे सशस्त्र बल के सदस्य हैं तो यूनिट शस्त्रागार में 20-05-2025 तक जमा करवाएं, जमा करवाए गए हथियार की रसीद 31 मई 2025 तक इस कार्यालय में जमा करवाएं, इसके साथ ही तीसरे हथियार को हटाने के लिए तुरंत सेवा केंद्र में आवेदन करें।
सागर सेतिया ने बताया कि यदि शस्त्र लाइसेंस धारक अपने शस्त्र लाइसेंस पर 2 से अधिक शस्त्रों के पंजीकृत शस्त्रों को उपरोक्त अनुसार निर्धारित समयावधि में जमा नहीं करवाते तथा सेवा केन्द्र पर सेवा हेतु आवेदन देकर शस्त्रों को डिलीट नहीं करवाते तो शस्त्र अधिनियम 1959 की धारा 3(3) का उल्लंघन होने के कारण हथियार धारकों के शस्त्र लाइसेंस रद्द करने के संबंध में नियमानुसार बनती कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जिला पुलिस प्रमुख से यह भी कहा कि संबंधित क्षेत्र के डीएसपी और एसएचओ को भी इसकी सूचना दी जाए। इन आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।
कोटाः पेड़ से टकराकर कार के खेत में पलटने से जबरदस्त हादसा होने का मामला सामने आया है। इस हादसे में कार सवार 2 दोस्तों की मौत हो गई। दोनों रिसॉर्ट में खाना खाकर लौट रहे थे। दोनों परिवार के इकलौते बेटे थे।
मृतकों की फाइल फोटो।
जानकारी मुताबिक, बुधवार की रात गौरव और राहुल तुलसी रिसॉर्ट में खाना खाने गए थे। वहां से लौटने के दौरान 120 फीट रोड पर उनकी कार का बैलेंस बिगड़ गया। कार पेड़ से टकराकर खेत में पलट गई। दोनों गाड़ी में फंस गए थे। हादसा रिसॉर्ट से करीब 500 आगे चलकर हुआ। उस इलाके से कुछ महिलाएं निकल रही थीं। उन्होंने कुछ राहगीरों को रुकवाया और दुर्घटना की जानकारी दी। उनमें गौरव का एक रिश्तेदार भी था। भीड़ देखकर वह रुक गया। उसने गौरव की पहचान की और उसके परिवार वालों को सूचना दी। दोनों युवकों को कार से बाहर निकाला गया और हॉस्पिटल पहुंचाया गया। इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई। दोनों को अंदरूनी चोटें आई थीं।
बोरखेड़ा थाना सीआई देवेश भारद्वाज ने बताया कि चंद्रेसल और मानपुर के बीच में हादसा हुआ है। इसमें गौरव खींची (25) और राहुल मीणा (25) की मौत हो गई। दोनों कोटा के दुर्गा नगर, पूनम कॉलोनी के रहने वाले थे। 3 महीने पहले ही गौरव कनाडा से एग्रीकल्चर की पढ़ाई करके लौटा था। उसका दोस्त राहुल मीणा दुर्गा नगर (कोटा) में लाइब्रेरी चलाता था।
मोहालीः रेप केस में जेल में बंद पास्टर बजिंदर सिंह की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही। वहीं पास्टर बजिंदर की एक नई वीडियो वायरल हो रही है। कहा जा रहा हैकि यह वायरल वीडियो 2 साल पुरानी है। जिसमें व्यक्ति के साथ पास्टर और समर्थकों द्वारा व्यक्ति की पिटाई की जा रही है। बताया जा रहा है कि घायल किसान है। जिसके साथ पास्टर बजिंदर सिंह और उसके समर्थकों ने मारपीट की। अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो गया है।
बता दें कि एक अप्रैल को मोहाली की जिला अदालत ने बजिंदर सिंह को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। जिसके चलते पास्टर अब जेल में बंद है। यह मामला 2018 में जीरकपुर पुलिस थाने में एक महिला द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि बजिंदर सिंह ने उसे विदेश ले जाने का वादा करके बहकाया और मोहाली के सेक्टर 63 स्थित अपने आवास पर उसके साथ बलात्कार किया और उसका वीडियो भी बना लिया।
उसने आरोप लगाया था कि आरोपी ने धमकी दी थी कि अगर वह उसकी मांगें नहीं मानेगी तो वह वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर देगा। गौर हो कि पास्टर बजिंदर के देश भर में 22 केंद्र हैं। इनमें मुख्य रूप से दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, त्रिपुरा, हरियाणा, गुजरात, झारखंड व ओडिशा शामिल हैं। इसके अलावा, उसके 12 केंद्र अमेरिका, ब्रिटेन, दुबई, मारीशस, मलेशिया, आस्ट्रेलिया, इजरायल, न्यूजीलैंड, फिजी व रवांडा में भी हैं।
मेरठः जिले में सौरभ हत्याकांड जैसी वारदातें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामले मेें पत्नी ने बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर सोते वक्त पति का गला घोंटा, फिर शव के नीचे सांप को दबा दिया। सांप ने युवक को 10 बार डसा। बाद में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जब मौत की वजह दम घुटने से बताई गई तो पुलिस को पत्नी पर शक हुआ जिसके बाद सख्ती से पूछने पर दोनों ने आरोप कबूला जिसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी।
घरवालों ने बताया कि अमित कश्यप उर्फ मिक्की (25) की शादी 8 साल पहले मुजफ्फरनगर की रविता से हुई थी। दोनों के तीन बच्चे- एक बेटा और दो बेटियां हैं। अमित रोजाना की तरह शनिवार को काम करके रात 10 बजे घर लौटा। खाना खाकर अपने कमरे में सोने चला गया। उसकी पत्नी और बच्चे दूसरे कमरे में सो रहे थे। अमित आमतौर पर सुबह ही जल्द ही जाग जाता था। जब वह नहीं उठा, तो करीब साढ़े 5 बजे घरवाले उसे कमरे में जगाने पहुंचे।
वहां देखा कि उसके शरीर में कोई हलचल नहीं थी। बार-बार आवाज लगाने के बाद भी वह नहीं उठा। घरवालों ने उसे हिलाया, तो शरीर के नीचे सांप बैठा मिला। इस पर घरवालों ने घबराकर शोर मचा दिया। साथ ही सांप को हटाने की कोशिश भी की, लेकिन सांप अपनी जगह से टस से मस नहीं हुआ। इसके बाद घरवालों ने महमूदपुर सिखेड़ा से सपेरे को बुलवाया। वह सांप को पकड़कर अपने साथ ले गया।
घरवाले अमित को डॉक्टर के पास लेकर गए, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। उसके शरीर पर 10 जगह सांप के काटने के निशान मिले। इन्हें देखकर परिजन को लगा कि अमित की मौत सांप के काटने से हुई है। घरवालों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच-पड़ताल के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस के मुताबिक, बुधवार को अमित की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आई। इसमें पता चला कि अमित की मौत सांप के डसने से नहीं, बल्कि दम घुटने से हुई है। इसके बाद शक के आधार पर पुलिस ने पहले अमित की पत्नी रविता को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने अपने बॉयफ्रेंड अमरदीप का नाम बताया। शुरुआत में दोनों ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन जब सख्ती से पूछताछ हुई तो दोनों ने जुर्म कबूल कर लिया।
प्रेमी अमरदीप ने पुलिस को बताया कि वह मेरा दोस्त था। मैं अक्सर उसके घर आता-जाता था। करीब एक साल पहले उसकी पत्नी रविता से मेरा अफेयर शुरू हो गया। जब अमित को इसकी भनक लगी तो हमने मिलकर उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची। वारदात वाले दिन रविता, अमित के साथ सहारनपुर में मां शाकुंभरी देवी के दर्शन के लिए गई थी। लौटते वक्त उसने मुझे फोन किया और कहा कि सांप की व्यवस्था कर लो, आज रात को अमित की हत्या करनी है। मैंने महमूदपुर सिखेड़ा गांव के एक सपेरे से एक वाइपर सांप एक हजार रुपए में खरीदा।
प्रेमी अमरदीप ने बताया कि शाकुंभरी दर्शन से लौटने के बाद रात में अमित और रविता के बीच झगड़ा हुआ। यह बात रविता ने मुझे फोन पर बताई थी। शनिवार (12 अप्रैल) रात जब घर के सभी लोग सो गए तो रविता ने मुझे फोन कर बुलाया। हमने मिलकर सोते समय अमित की गला घोंटकर हत्या कर दी।
इसके बाद बिस्तर पर लाश के नीचे सांप को रख दिया। उसकी पूंछ अमित की कमर के नीचे दबा दी, ताकि सांप भाग न सके और अमित की लाश को डस ले, जिससे लगे कि मौत सांप के डसने से हुई है। वारदात के बाद मैं वहां से भाग गया और रविता सोने चली गई।
गुरदासपुरः नगर परिषद द्वारा सुबह-सुबह अवैध अतिक्रमण के खिलाफ पीला पंजा चलाया गया। इस अवसर पर ईओ भूपिंदर सिंह के अलावा नगर परिषद के कुछ कर्मचारी तथा धारीवाल थाने के पुलिस कर्मी भी मौजूद थे। प्रशासन की कार्रवाई के बाद वहां एकत्रित हुए दुकानदारों व शहरवासियों ने नगर परिषद के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नगर परिषद द्वारा यह कार्रवाई केवल कुछ दुकानों पर की गई है। यह हमारे साथ धक्का है। सिफारिशी लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं होती है। उन्होंने कहा कि शहर में कई अवैध अतिक्रमणों हुए पड़े हैं, लेकिन ईओ और धारीवाल नगर परिषद का उस ओर कोई ध्यान नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारी दुकान सड़कों से पीछे है और हमारे पास दुकानों की मलकीयत भी है, लेकिन फिर भी हमारी दुकानों पर नाजायज तौर पर कार्रवाई की गई है।
उन्होंने कहा कि हमने कुछ दिन पहले नगर परिषद को पत्र भी लिखा था कि अगर हमारी दुकान उनकी हद में है तो उनको जानकारी दी जाए और निशान लगाए जाएं, लेकिन उस पत्र को टालमटोल करके उनकी कोई सुनवाई नहीं की गई और आज उनकी दुकान नष्ट कर दी गई। उन्होंने कहा कि बाजार में सिर्फ 3-4 दुकानों पर ही कार्रवाई की गई है जो कि गलत है। दुकानदारों ने इंसाफ की मांग की है।
ईओ नगर कौंसिल भूविन्द्र सिंह ने बताया कि वे पूरे धारीवाल शहर से अतिक्रमण लगातार हटा रहे हैं। उनके पास प्रत्येक दिन के लिए अलग-अलग योजना है, जिसके तहत आगामी दिनों में भी नगर परिषद की कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होेंने कहा कि इन दुकानदारों को पहले भी कब्जे हटाने की बात कही गई थी, लेकिन इन दुकानदारों ने उस पर अमल नहीं किया जिसके बाद इन दुकानों पर कार्रवाई की गई है।