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  • Himachal News: ऊना में लगेगा आलू प्रोसेसिंग प्लांट : कृषि मंत्री

    Himachal News: ऊना में लगेगा आलू प्रोसेसिंग प्लांट : कृषि मंत्री

    ऊना में हिमाचल दिवस समारोह में मुख्य अतिथि रहे कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ऊना स्कूल मैदान में फहराया राष्ट्रीय ध्वज, जिलावासियों को दी बधाई ऊना/सुशील पंडित: कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने हिमाचल दिवस पर ऊना में आयोजित जिला स्तरीय समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक छात्र पाठशाला ऊना के प्रांगण में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और मार्च पास्ट की सलामी लेने के उपरांत जिला वासियों को संबोधित किया। इस अवसर पर विकासात्मक योजनाओं पर झांकियां निकाली गई तथा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया। प्रो. चंद्र कुमार ने अपने संबोधन में ऊना जिलावासियों को हिमाचल दिवस की बधाई दी और हिमाचल के गठन और विकास में योगदान देने वाले सभी महान नायकों की पुण्य स्मृतियों को नमन किया। उन्होंने कहा कि आज़ादी के 8 माह बाद, 15 अप्रैल, 1948 को 30 छोटी-बड़ी रियासतों के विलय के साथ हिमाचल केंद्र शासित चीफ कमीश्नर प्रोविंस के रूप में अस्तित्व में आया था। उन्होंने तब से अब तक कि हिमाचल की विकास गाथा में प्रदेश में समय-समय पर रही कांग्रेस सरकारों के योगदान का उल्लेख किया। 20 करोड़ से लगेगा आलू प्रोसेसिंग प्लांट कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। प्रदेश की लगभग 70 प्रतिशत आबादी परोक्ष या अपरोक्ष रूप से कृषि क्षेत्र से जुड़ी है। इसके दृष्टिगत सरकार ने कृषि उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय में वृद्धि के लिए निर्णायक कदम उठाए गए हैं। ऊना में लगभग 20 करोड़ की लागत से आलू प्रोसेसिंग प्लांट लगाया जाएगा। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने अपने बजट भाषण में इस संदर्भ में घोषणा की है। उन्होंने कहा कि ऊना में आलू की अच्छी पैदावार होती है और यहां का आलू देशभर में प्रसिद्ध है। यहां आलू प्रोसेसिंग प्लांट की स्थापना से स्थानीय किसानों के साथ-साथ पड़ोसी जिलों के आलू उत्पादकों को भी सीधा लाभ होगा। प्लांट में आलू के विविध उत्पाद, ग्लूकोज, चिप्स सहित अन्य प्रोडक्ट तैयार किए जाएंगे। इससे न केवल स्थानीय कृषि क्षेत्र को एक नया आयाम मिलेगा बल्कि किसानों की आर्थिकी भी सुदृढ़ होगी। प्राकृतिक खेती की गेहूं 60 और मक्की 40 रुपये प्रति किलो की एमएसपी पर खरीदेगी सरकार कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेश में खेती बाड़ी और पशुपालन के ढांचे में बदलाव के लिए काम कर रही है। इस प्रकार की कृषि व्यवस्था को बढ़ावा देने के प्रयास हैं जिससे किसानों की आर्थिकी मजबूत बने। हमारी कोशिश है कि फसलों में रयासनों के प्रयोग को कम करके प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन मिले। इससे युवाओं किसानों का रूझान भी प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ेगा तथा प्रदेश जहरमुक्त खेती को छोड़ प्राकृतिक खेती की ओर अग्रसर होगा। कृषि मंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने तय किया है कि प्राकृतिक रूप से तैयार मक्की को अब 30 रुपये की बजाए 40 रुपये प्रति किलो और गेहूं को 40 रुपये की जगह 60 रुपये प्रति किलो के हिसाब से खरीदा जाएगा। यह न्यूनतम समर्थन मूल्य देश के सभी राज्यों में सबसे अधिक है। इसके माध्यम से स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं के लिए आय सृजन के नए स्रोत बनेंगे। दूध खरीद पर न्यूनतम समर्थन मूल्य देने वाला देश का एकमात्र राज्य है हिमाचल प्रो. चंद्र कुमार ने कहा कि दूध खरीद पर न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रदान करने वाला हिमाचल देश का एकमात्र राज्य है। प्रदेश सरकार ने दो सालों के भीतर दूध के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 7 से 8 रूपये तक बढ़ोतरी की है। सरकार ने गाय के दूध पर न्यूनतम समर्थन मूल्य को 45 रुपये से बढ़ाकर 51 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध को 55 रुपये से बढ़ाकर 61 रुपये प्रति लीटर किया है। इससे दूध उत्पादन और व्यापार से जुड़े प्रदेश के हजारों किसान लाभान्वित होंगे। इसके साथ दूध आधारित कारोबार की व्यवस्था को विकसित करने के लिए कांगड़ा में 230 करोड़ से मिल्क प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित किया जा रहा है जोकि दो वर्षों के भीतर बनकर जनता को समर्पित किया जाएगा। गोबर खरीद योजना से पशुपालकों को लाभ कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने गोबर खरीद योजना आरंभ करके किसानों पशुपालकों से किया अपना एक और वायदा पूर्ण किया है। सरकार ने किसानों से 2 और 3 किलो के हिसाब से गोबर खाद की खरीद की व्यवस्था की है। इसकी पैकेजिंग तथा वितरण का कार्य एक निजी कम्पनी को सौंपा गया है। इससे कृषि और बागवानी फार्मिंग के साथ-साथ नर्सरी क्षेत्र में गोबर खाद की आपूर्ति सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि किसानों के उत्पादों को बेहतर मूल्य दिलाने और परदर्शी विपणन के लिए सभी मंडियों को ऑनलाईन सेवा से जोड़ा गया है। किसानों के हित सरकार के लिए सर्वोपरि है और उनसे किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। कृषि एवं पशुपालन मंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने चुनावों में लोगों को 10 गारंटियां दी थीं, उन्हें चरणबद्ध तरीके से पूर्ण किया जा रहा है। पुरानी पेंशन बहाली समेत अनेक बड़े एवं ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। वहीं सरकार ने इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना आरंभ करके पात्र महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये की आर्थिक मदद देने का वादा भी पूरा कर दिया है। 6,000 निराश्रित बच्चों को चिल्ड्रन ऑफ स्टेट का दर्जा प्रो. चंद्र कुमार ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सुखाश्रय विधेयक पारित होने के बाद राज्य के 6,000 निराश्रित बच्चों को अब चिल्ड्रन ऑफ स्टेट का दर्जा मिला है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की संवेदनशीलता के चलते हिमाचल प्रदेश इस तरह का कानून बनाने वाला पहला राज्य है। उन्होंने कहा कि सरकार 27 वर्ष की आयु तक के निराश्रित बच्चों के माता-पिता की भूमिका में रहकर उनकी पढ़ाई का सारा खर्च उठाएगी और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के बाद मकान बनाने के लिए 3 बिस्वा जमीन भी उपलब्ध करवाएगी। बुजुर्गों को घर द्वार पर चिकित्सीय सुविधा कृषि मंत्री ने कहा कि ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के कुशल नेतृत्व में स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रदान की जा रही चिकित्सीय सुविधाओं में भी काफी सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं जिनका सीधा लाभ प्रदेश के लोगों को मिल रहा है। उन्होंने ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के 70 वर्ष की आयु से ऊपर वाले बुजुर्गों को घर द्वार पर चिकित्सीय सुविधा मुहैया करवाने के लिए नीति बनाएगी जिससे डॉक्टरों द्वारा घर द्वार जाकर चिकित्सीय सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। हिमाचल से पक्षपात कर रही मोदी सरकार प्रो. चंद्र कुमार ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार हिमाचल के हितों की अनदेखी कर प्रदेश के साथ पक्षपात कर रही है। उन्होंने कहा कि धन आबंटन में बीजेपी राज्यों के मुकाबले कांग्रेस शासित राज्यों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए बेहद घातक है। उन्होंने कहा कि केंद्र में बीजेपी के शासनकाल में राज्यों के अधिकारों और उनका हिस्सा देने में आनाकानी करने की खतरनाक परिपाटी उभरी है जो बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि देश में कांग्रेस के शासन काल में कभी भी राजनीति के आधार पर राज्यों से भेदभाव नहीं किया गया। यूपीए सरकार के समय जब मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब गुजरात में आई भयंकर भूकंप आपदा में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह ने पूरी उदारता के साथ गुजरात की मदद की थी। लेकिन मोदी के शासनकाल में राजनीति के उदार चरित्र को पीछे धकेल दिया गया और हिमाचल में भयंकर आपदा के समय भी केंद्र सरकार ने प्रदेश की मदद करने में हाथ पीछे खींच लिए। कर्मवीरों का सम्मान इस मौके कृषि मंत्री ने समाज जीवन में उत्कृष्ट योगदान देने वाली संस्थाओं, प्रेरणादायी व्यक्तित्वों और विभिन्न विभागों के उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित किया। उन्होंने गरीबों, जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा में असाधारण योगदान के लिए सनराइज़ एजुकेशन सोसाइटी ऊना को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। संस्था की ओर से सचिव महेंद्र पाल डोगरा ने यह प्रशस्ति पत्र ग्रहण किया। इससे पहले, कृषि मंत्री ने एमसी मार्च ऊना में स्थित शहीद स्मारक में माल्यार्पण कर अमर बलिदानियों को नमन किया। यह रहे उपस्थित कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा, चिंतपूर्णी के विधायक सुदर्शन बबलू, हिमाचल प्रदेश एससी आयोग के अध्यक्ष कुलदीप धीमान, कांग्रेस के जिला अध्यक्ष रणजीत राणा, प्रदेश कांग्रेस सचिव अशोक ठाकुर, उपायुक्त जतिन लाल, पुलिस अधीक्षक राकेश सिंह, अतिरिक्त उपायुक्त महेंद्र पाल गुर्जर, एसडीएम ऊना विश्वमोहन देव चौहान सहित अन्य अधिकारी, स्कूलों के बच्चे, सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ऊना शहरवासी उपस्थित रहे।
  • Punjab News: 3 किलो हेरोइन, 1.24 करोड़ की ड्रग मनी, 5 हजार अमेरिकी डॉलर, हथियारों सहित 3 गिरफ्तार, देखें वीडियो

    Punjab News: 3 किलो हेरोइन, 1.24 करोड़ की ड्रग मनी, 5 हजार अमेरिकी डॉलर, हथियारों सहित 3 गिरफ्तार, देखें वीडियो

    अमृतसरः नशे के खिलाफ युद्ध मुहिम के तहत लगातार पुलिस द्वारा कार्रवाई की जा रही है। वहीं आज देहात पुलिस ने 2 अलग-अलग मामलों में 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिसमें एक मामले में 3 किलो हेरोइन सहित आरोपी को गिरफ्तार किया है। वहीं दूसरे मामले में 528 ग्राम हेरोइन, 01 करोड़ 24 लाख रुपये की ड्रग मनी व अन्य सामान सहित 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

    मामले की जानकारी देते हुए एसएसपी डी. आदित्य सिंह ने बताया कि उनकी टीम ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार करके 528 ग्राम हेरोइन, 01 पिस्तौल ग्लॉक 9MM सहित 02 मैगज़ीन, 01 करोड़ 24 लाख रुपये, 3400 दिहराम, 5000 अमेरिकी डॉलर की ड्रग मनी, एक पैसे गिनने वाली मशीन और एक मोटरसाइकिल बिना नंबर, एक स्विफ्ट कार बिना नंबर, एक होंडा कार भी बरामद की है।

    जिसमें पुलिस ने रंजीत सिंह उर्फ राणा और उसके साथी शैलिंदर सिंह उर्फ सेलू और गुरदेव सिंह उर्फ गोबी को गिरफ्तार किया और पूछताछ में बताया कि हम जो अलग-अलग जगह पर हवाला ड्रग मनी इकट्ठा करते थे, वह सारे पैसे आगे हम गुरपाल सिंह को देते थे। फिर पुलिस ने गुरपाल सिंह से भी 91 लाख भारतीय मुद्रा, 3400 दिरहम, 5000 अमेरिकी डॉलर की ड्रग मनी, एक पैसे गिनने वाली मशीन, एक कार भी बरामद कर उसे गिरफ्तार किया गया।

    यह अमेरिका से ही अपना हवाला ड्रग मनी नेटवर्क चला रहा था। दूसरे मामले में थाना घरिंडा की पुलिस ने 3 किलो हेरोइन के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया, जबकि एक आरोपी को नामजद किया गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान तरसेम सिंह उर्फ सेमा के रूप में हुई है और तरसेम के साथी दलबाग सिंह को इस केस में नामजद किया गया है। यह पिछले एक साल से हेरोइन की खेपें मंगवाने में सक्रिय था और फिलहाल इसे गिरफ्तार करके बड़ी सफलता प्राप्त की गई है।

  • Himachal News: अगलौर में 10 मेगावाट सौर परियोजना का रास्ता बंद: स्थाई समाधान की दरकार

    Himachal News: अगलौर में 10 मेगावाट सौर परियोजना का रास्ता बंद: स्थाई समाधान की दरकार

    रास्ता बंद होने पर न मैटीरियल न ही गाड़ियां पहुंच रही,हर दिन हो रहा नुकसान
     
    ऊना/सुशील पंडित: भारत जैसे विकासशील देश में ऊर्जा की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए अक्षय ऊर्जा स्रोतों का उपयोग समय की आवश्यकता बन चुका है। इन्हीं प्रयासों के तहत देश भर में सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की जा रही हैं। लेकिन जब कुटलैहड़ विस क्षेत्र की अगलौर सौर ऊर्जा कोई परियोजना स्थानीय विवादों और प्रशासनिक लापरवाही का शिकार बन जाए, तो इससे न सिर्फ आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा और निवेशकों के भरोसे पर भी असर पड़ता है। ऐसा ही एक मामला है। कुटलैहड़ के अगलौर की 10 मेगावाट सौर परियोजना जो पिछले दो सप्ताह से रास्ता बंद होने की वजह से ठप पड़ी है। 68 करोड़ की लागत से बन रही 10 मेगावाट की यह सौर परियोजना क्षेत्रीय स्तर पर ऊर्जा की आवश्यकता को पूरा करने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न कर रही थी। इस बड़ी परियोजना का उद्देश्य था स्वच्छ और सतत ऊर्जा का उत्पादन, जो पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम था। लेकिन जैसे ही इस परियोजना का काम शुरू हुआ, तब से लेकर आज तक रास्ते को लेकर विवाद खत्म नहीं हो सका है। इस परियोजना की सबसे बड़ी चुनौती है रास्ते की उपलब्धता। बताया जा रहा है कि परियोजना के शुरू होते ही संबंधित रास्ते पर आसपास के कुछ ग्रामीण, विशेष रूप से किसान, आपत्ति जताते हैं और रास्ता बंद कर देते हैं। यह समस्या एक बार नहीं, बल्कि बार-बार उत्पन्न हुई है। राजस्व विभाग और प्रशासन द्वारा कई बार डिमार्केशन (सीमांकन) की प्रक्रिया भी कराई गई है, लेकिन हर बार यह प्रक्रिया स्थाई समाधान में बदलने में असफल रही है। परियोजना अधिकारी देवराज सौंखला का कहना है कि रास्ते के बार-बार बंद होने से न केवल मटेरियल की आपूर्ति बाधित हो रही है, बल्कि वर्कर्स की आवाजाही भी रुक रही है। इससे प्रोजेक्ट की समय सीमा प्रभावित हो रही है और निर्माण कार्य में देरी हो रही है। इस देरी की वजह से अब तक इस प्लांट को करोड़ों रुपये का नुकसान हो चुका है, और अगर समय रहते समाधान नहीं निकला, तो नुकसान और भी बढ़ सकता है। यह सवाल भी खड़ा होता है कि जब यह समस्या बार-बार सामने आ रही है, तो प्रशासन स्थाई समाधान क्यों नहीं निकाल पा रहा? क्या यह प्रशासनिक उदासीनता है या फिर स्थानीय स्तर पर राजनीति की वजह से समाधान नहीं हो पा रहा? यह समझना जरूरी है कि जब कोई किसान बार-बार रास्ता बंद करता है, तो इसका असर केवल एक निजी प्रोजेक्ट पर नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के विकास पर पड़ता है। बही ग्रामीणों का कहना है कि जिस रास्ते से प्लांट का सामान और कर्मचारी गुजरते हैं, वह रास्ता उनकी निजी जमीन से होकर जाता है। हालांकि कई बार सीमांकन कर यह स्पष्ट किया गया कि वह सार्वजनिक उपयोग का मार्ग है, फिर भी विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा। इससे यह स्पष्ट होता है कि किसानों की नाराजगी केवल रास्ते को लेकर नहीं, बल्कि जमीन अधिग्रहण, मुआवजा या अन्य प्रशासनिक प्रक्रिया को लेकर हो सकती है। यह भी जरूरी है कि उनकी समस्याओं को सुना जाए और उचित समाधान निकाला जाए। अब यह समय की मांग है कि प्रशासन इस मामले में त्वरित और ठोस कदम उठाए। डिमार्केशन की प्रक्रिया केवल कागजों तक सीमित न रह जाए, बल्कि जमीन पर लागू हो। यदि रास्ता सार्वजनिक है, तो उसे कब्जा मुक्त किया जाए और यदि निजी है, तो वैकल्पिक मार्ग या उचित मुआवजे की व्यवस्था की जाए। परियोजना को चलाने वाले निवेशकों और कंपनियों को भी चाहिए कि वे ग्रामीणों के साथ संवाद बनाकर पारदर्शिता बरतें।यह परियोजना केवल बिजली उत्पादन तक सीमित नहीं है। इससे आसपास के इलाके में रोजगार, सड़क, जल और अन्य सुविधाओं का भी विकास होना संभावित है। ग्रामीणों को यह समझाया जाना चाहिए कि परियोजना उनके दीर्घकालीन हित में है। इसके लिए पंचायत, प्रशासन, कंपनी और ग्रामीणों के बीच एक त्रिपक्षीय बैठक की आवश्यकता है।रास्ता बंद होने जैसी समस्या किसी एक पक्ष की नहीं, पूरे समाज और क्षेत्र के विकास की बाधा है। यह जरूरी है कि सभी पक्षों की भागीदारी से एक स्थाई और न्यायसंगत समाधान निकाला जाए। प्रशासन को चाहिए कि वह निष्पक्ष होकर इस मुद्दे पर कार्रवाई करे ताकि सौर परियोजना समय पर पूरी हो सके और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभा सके।
  • Punjab News: थाने के बाहर कांग्रेस नेताओं ने लगाया धरना, रंधावा का आया बयान, देखें वीडियो

    Punjab News: थाने के बाहर कांग्रेस नेताओं ने लगाया धरना, रंधावा का आया बयान, देखें वीडियो

    मोहालीः कांग्रेस के सीनियर नेता प्रताप सिंह बाजवा द्वारा 50 बम पंजाब में आने को लेकर दिए गए बयान को लेकर दो दिन पहले थाना साइबर क्राइम में उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। हालांकि बीते दिन उन्हें पुलिस के समक्ष पेश होने के लिए सम्मन जारी किए गए थे, लेकिन वह आज थाने कांग्रेस लीडरशीप के साथ पहुंचे। जहां प्रताप बाजवा से पुलिस द्वारा 50 बम पंजाब में आने के सोर्स को लेकर पूछताछ की जा रही है।

    वहीं कांग्रेस नेताओं द्वारा थाने के बाहर धरना लगाया गया है। वही सुखजिंदर रंधावा ने मीडिया से बात करते हुए ग्रेनेड अटैक प्रशासन पर निशाने साधे। उन्होंने कहा कि जो प्रताप बाजवा ने कहाकि वह मामला कई बार अखबारों आ चुका है। पाकिस्तान लगातार हेरोइन और वेपन भेज रहा है, इसको लेकर कई नेता बयान दे रहे है।

    ऐसे में क्या उन नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं रंधावा ने कहा कि आतंकी गुरपतवंत पन्नू ने कहा था कि उन्होंने किस पार्टी को पैसे दिया है। ऐसे में अब उक्त पार्टी के नेताओं पर कार्रवाई क्या सरकार करेंगी। लारेंस बिश्नोई की जेल में हुई इंटरव्यू को लेकर रंधावा ने प्रशासन पर निशाने साधे।

  • ठेकेदारों का जल्द भुगतान करे सरकार: शिव दत्त वशिष्ठ

    ठेकेदारों का जल्द भुगतान करे सरकार: शिव दत्त वशिष्ठ

    ऊना/ सुशील पंडित: लंबे समय से सरकारी कामों का भुगतान नहीं होने के चलते परेशानियां झेल रहे ठेकेदारों का शिव सेना ने समर्थन किया है। मंगलवार को ऊना से जारी ब्यान में शिव सेना के प्रदेशाध्यक्ष शिव दत्त वशिष्ट ने कहा कि ठेकेदारों को उनका हक जल्द मिलना चाहिए, ताकि उनकी समस्या का हल हो सके। उन्होंने कहा कि अगर ठेकेदारों को जल्द भुगतान न मिला, तो ठेकेदारों के साथ लेकर सडक़ों पर उतरकर प्रदर्शन करने से गुरेज नहीं किया जाएगा।

    शिव दत्त ने कहा कि आज बडे दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि जो विकास के कार्यों में कार्यरत रहते हैं, वो दर दर भडक़ रहे हैं। हिमाचल सरकार द्वारा पिछले करीब छह महीनों से उनके काम की पेमेंट नहीं की जा रही है। इससे ठेकेदार तो परेशान हैं ही, विकास कार्यों में भी बाधा आ रही है। उन्होंने कहा कि अगर एक ठेकेदार को समय पर काम की पेमेंट नहीं मिलती है, तो उसे रोटी के लाले पड़ जाते हैं। उन्होंने कहा कि ठेकेदारों को बच्चों की फीस, घर के खर्चे, काम पर रखे करीगर और कामगारों को भुगतान उन्हें समय पर न देना जैसी कई दिक्ततें बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि किसी प्रशासनिक अधिकारी को एक महीने का वेतन न मिले, तो उसका क्या हश्र होता है, इन्हें तो फिर छह महीनों से वेतन नहीं मिला है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि ठेकेदारों की समस्याओं को जल्द से जल्द निपटारा किया जाए और सुनिश्चित किया जाए कि आगे ठेकेदारों को ऐसी अव्यवस्था न हो।

    उन्होंने कहा अगर ठकेदार काम नहीं करेंगे, तो विकास भी रूकेगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर भी प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू इस मसले का स्वयं संज्ञान लेकर जल्द से जल्द समाधान करें। अन्यथा ठकेदारों के साथ सडक़ों पर उतरकर प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी।

  • Punjab News: किसानों और पुलिस में हुई तकरार, लगाया धरना

    Punjab News: किसानों और पुलिस में हुई तकरार, लगाया धरना

    संगरूरः सुनाम के गांव छाजली में आज मुख्यमंत्री भगवंत मान पहुंचे। छाजली में सीएम मान, स्कूल आफ एमिनेंस का उद्घाटन करने पहुंचे थे। जहां सीएम मान ने एक बार फिर से कांग्रेस के सीनियर नेता प्रताप सिंह बाजवा पर निशाना साधा। इस दौरान उन्होंने फिर से पूछा कि बाजवा बताए 50 बम की सूचना के सोर्स क्या है। वहीं दूसरी ओर सीएम मान के दौरे की सूचना मिलने पर किसान भी वहां पर पहुंच गए।

    जहां पुलिस द्वारा किसानों को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन किसान आगे बढ़ने की जिद्द पर अड़ गए। इस दौरान पुलिस और पुलिस के बीच तकरार हो गई। बहस के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया और गुस्साए किसान धरने पर बैठ गए। इस दौरान किसानों ने जमकर नारेबाजी की। इस मौके पर मुख्यमंत्री भगवंत मान से सवाल पूछने के लिए भारतीय किसान यूनियन एकता आजाद और सिद्धूपुर के सैकड़ों सदस्य तथा महिलाएं विभिन्न गांवों से छाजली पहुंचीं। लेकिन पुलिस ने उन्हें आयोजन स्थल से करीब एक किलोमीटर पहले ही रोक दिया और आगे नहीं जाने दिया।

    किसान और महिलाएं पुलिस की नाकाबंदी से आगे जाने का प्रयास करने लगे। इसी दौरान पुलिस और किसानों के बीच तकरार हुई और बहस शुरू हो गई। पुलिस ने किसानों को पीछे खदेड़ दिया जिससे गुस्साए किसान वहीं सड़क पर धरने पर बैठ गए। इस दौरान किसान नेता जसविंदर सिंह लोंगोवाल, जसवीर सिंह मेदेवास, संत राम, राज सिंह, केवल सिंह जवंदा, बलजीत कौर, रामफल सिंह आदि मौजूद रहे।

     

  • Jalandhar News: ग्रेनेड अटैक मामले में आरोपियो की कोर्ट में पेशी, मिला इतने दिनों का रिमांड, देखें वीडियो

    Jalandhar News: ग्रेनेड अटैक मामले में आरोपियो की कोर्ट में पेशी, मिला इतने दिनों का रिमांड, देखें वीडियो

    जालंधर, ENS: भाजपा नेता मनोरंजन कालिया के घर पर ग्रेनेड अटैक मामले में ई-रिक्शा चालक 2 भाईयों सहित मुख्य आरोपी सैदुल अमीन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जहां ई-रिक्शा चालक सतीश उर्फ काका और रविंदर उर्फ हैरी को पुलिस ने गिरफ्तार करके 6 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया था। वहीं आज पुलिस रिमांड खत्म होने पर दोनों को दोबारा कोर्ट में पेश किया गया। जहां पुलिस ने आरोपियों का कोर्ट से 5 दिन का पुलिस रिमांड मांगा था, लेकिन कोर्ट से दोनों का 4 दिन का पुलिस रिमांड हासिल हुआ।

    दूसरी ओर मुख्य आरोपी सैदुल अमीन को रविवार को कोर्ट में पेश करके 7 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया था। हालांकि इस केस में फंडिग करने के आरोपी अभिजोत को हरियाणा पुलिस ने मुठभेड़ में घायल कर दिया। आतंकी सैदूल अमीन को फंडिंग करने वाले अभिजोत ने कुरुक्षेत्र पुलिस के सामने खुलासा किया है। पुलिस ने बताया कि अभिजोत भानु राणा और काका राणा लॉरेंस का करीबी हैं। इनके फंडिंग का कामकाज अमेरिका में बैठा अवनीत वासी सेक्टर-3 कुरुक्षेत्र संभाल रहा है। अवनीत हरियाणा पुलिस के एक थानेदार का बेटा है।

    अवनीत एक अपराध में फंसा था, लेकिन उसके पिता ने किसी तरह उसका केस से निपटारा करवा कर अमेरिका भेज दिया था। भानु राणा संग मिलकर रंगदारी कॉल करते-करवाते हैं और पैसे लेते हैं। अभिजोत ने माना कि उसे रूटीन में फंड आते हैं और फिर काका राणा या उसके गुर्गे कॉल कर बता देते हैं कि कौन से नंबर पर पेमेंट डालनी है। उसे याद है कि 3500 रुपए के लिए उसे काका राणा की कॉल आई थी। उसे यह नहीं पता था कि जिस शख्स को यह पैसे भेजे गए हैं, वह ग्रेनेड अटैक को अंजाम देने वाला है। लॉरेंस के गुर्गे को वह अकसर पेमेंट भेजता है। कमिश्नरेट पुलिस जल्द ही अभिजोत को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आएगी, ताकि फंडिंग के नेटवर्क को ब्रेक किया जा सके।

     

  • Jalandhar News: Kiran Book Shop पर विभाग की दबिश, GST अधिकारी का आया बयान, देखें Live

    Jalandhar News: Kiran Book Shop पर विभाग की दबिश, GST अधिकारी का आया बयान, देखें Live

    जालंधर, ENS: माई हीरा गेट पर स्थित किरण बुक शॉप पर जीएसटी विभाग की टीम द्वारा रेड की गई। जीएसटी विभाग की रेड को लेकर किताबों की मार्किट में हड़कंप मच गया। वहीं विभाग द्वारा दुकान में दस्तावेज खंगाले जा रहे है। मामले की जानकारी देते हुए जीएसटी स्टेट टैक्स अधिकारी (एडीओ) शैलेंद्र सिंह ने बताया कि रूटीन चैकिंग के लिए आए है। उन्होंने कहा कि 4 दिन पहले भी माई हीरां गेट में दुकानों पर दबिश दी गई थी। वहीं आज दुकान के स्टॉक की जांच की और उनके बिल बुक्स, लूज पेपर्स व अन्य दस्तावेजों को जब्त कर लिया।

    अगर दस्तावेजों में खामी पाई गई तो दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारी टीमों द्वारा दुकानों की रेकी की जाती है। जिसके बाद जो दुकानदार ग्राहकों को बिल काटकर नहीं देते उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाया जाता है। उन्होंने कहा कि 5 से 6 महीने पहले कैंपेन चलाई गई थी और दुकानदारों से अपील की गई थी कि दुकानदारों द्वारा ग्राहकों को बिल काटकर दिए जाए।

    उस दौरान कुछ दुकानदारों को जुर्माना लगाया गया था। गौर हो कि 4 दिन पहले टैक्स चोरी के मामलों पर सख्ती बढ़ाते हुए जीएसटी विभाग ने माई हीरां गेट इलाके में जीएसटी अधिकारियों ने पंजाब बुक शॉप, एमजीएन स्कूल के पास मौजूद दुकानों और कपूरथला में कैंब्रिज इंटरनेशनल स्कूल के पास नीलम पब्लिशर्स के ठिकानों पर छापेमारी की थी। उस दौरान भी जीएसटी स्टेट टैक्स अधिकारी शैलेंद्र सिंह और धर्मेंद्र कुमार के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई थी।

  • Punjab News: Cable तार, Net Box, AC, 5 बाइक, 2 कार सहित अन्य सामान बरामद, आरोपी गिरफ्तार, देखें वीडियो

    Punjab News: Cable तार, Net Box, AC, 5 बाइक, 2 कार सहित अन्य सामान बरामद, आरोपी गिरफ्तार, देखें वीडियो

    मोगाः जिले में चोरी की वारदातों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है। दरअसल, समालसर पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार करके केबल की तारों सहित भारी मात्रा में अन्य सामान बरामद किया है। आरोपी की पहचान गुरदीप सिंह निवासी गांव सुखानंद के रूप में हुई है। मामले की जानकारी देते हुए डीएसपी बलबीर सिंह ने बताया कि समालसर पुलिस गुरदीप सिंह को गांव सुखानंद के लिंक रोड से गिरफ्तार किया है।

    आरोपी के कब्जे से चोरी के केबल तार 2 क्विंटल 21 किलो, नेट बॉक्स 55 किलो, 5 मोटरसाइकिल, 2 ऑल्टो कार, एक एलसीडी, एक एसी, 33 लोहे की पाइपें, 27 लोहे की चादरें, 7 पेंचकस, 6 प्लास, 50 लोहे के ब्लेड के साथ अन्य सामान बरामद किया है। आरोपी से पूछताछ में अन्य आरोपियों के नाम सामने आए है। जिसमें सिकंदर सिंह उर्फ तीतर, सिकंदर सिंह, बलकार सिंह, अंग्रेज सिंह शामिल है।

    पांचों आरोपियों के खिलाफ थाना समालसर में मामला दर्ज किया गया है, जल्द ही अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। जांच में सामने आई है। कि सभी आरोपी पंजाब के अलग-अलग जिले से संबंधित है और अलग-अलग जिले में चोरी के वारदात को अंजाम देते थे। आज आरोपी गुरदीप सिंह को बाघापुराना अदालत में पेश करके रिमांड लिया जाएगा ताकि और भी चोरी के सामान बरामद किया जा सके।

  • Punjab News: सरकारी अस्पतालों के समय में हुआ बदलाव, आदेश जारी, देखें वीडियो

    Punjab News: सरकारी अस्पतालों के समय में हुआ बदलाव, आदेश जारी, देखें वीडियो

    मोगाः पंजाब में प्रशासन द्वारा सरकारी अस्पतालों के समय में बदलाव किया गया। दरअसल, पंजाब में बढ़ रही गर्मी को ध्यान में रखते हुए समय में बदलाव किया गया है। प्रशासन का कहना है कि बढ़ रही गर्मी के मरीजों की सेहत का ध्यान रखते हुए सरकारी अस्पतालों के समय में तब्दीली की गई है। जिसके चलते अब सरकारी अस्पतालों का समय 16 अप्रैल से सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक किया गया, वहीं एमरजेंसी पहले की तरह 24 घंटे ही जारी रहेगी।

    सीएमओ प्रदीप ने बताया कि जैसे पिछले दिनों डेराबसी ओर गुरदासपुर के अस्पताल में गुंडागर्दी की घटनाएं सामने आई है। उसी को देखते हुए अस्पताल में पहले से ही मरीजों के लिए पुख्ता प्रबंध किए गए है। उन्होंने कह कि अस्पतालों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए है और सिक्योरिटी गार्ड व अस्पताल के पास लगते थाने के पुलिस अधिकारियों के साथ मिलकर घटनाओं से बचने के लिए पुख्ता प्रबंध किए गए है। वहीं गर्मी को लेकर पानी और मरीजों के बैठने के लिए प्रबंध किए गए। दवाईयों के लिए ओआरएस के पैकेट मुफ्त मुहैया करवाए जा रहे है।