कुटलैहड़ के हाई स्कूल नारी में वार्षिक पारितोषिक कार्यक्रम संपन्न
बंगाणा चौक की हाई मास्ट लाइट 12 साल बाद जगी
ऊना/सुशील पंडित :बंगाणा में साल 2010 में हाई मास्ट लाईट लगाई गई थी जो कि कुछ समय बाद ही बिल न भरने के कारण बंद पड़ी थी। अब विधायक देवेंद्र भुट्टो ने इस लाइट को फिर से चालू करवाया है। कांग्रेस पार्टी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि पिछले 12 साल तक यह लाइट सफेद हाथी की तरह बंगाणा वासियों को चिढ़ा रही थी। अब कुटलैहड़ के विधायक भुट्टो ने वादा किया है कि यह लाइट सदा इसी प्रकार बंगाणा के चौराहे को रौशन करती रहेगी।
हाई मास्ट लाइट के चालू होने के बाद बंगाणा बाजार के दुकानदारों और स्थानीय निवासियों ने विधायक का धन्यवाद किया है। भुटटो ने कहा कि बंगाणा बाज़ार की यह बड़ी समस्या अब समाप्त हो चुकी है। अब बाजार के सार्वजनिक शौचालय की स्थिति में सुधार किया जाएगा। भुटटो ने कहा कि बंगाणा बस स्टैंड पर भी राजनीति ही होती रही है। अब हमने बंगाणा बस स्टैंड की भूमि को विभाग के नाम करवा दिया है। जल्द ही राज्य के मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू बस स्टैंड निर्माण से पहले भूमि पूजन के लिए बंगाणा आने वाले हैं। बंगाणा वासियों की दशकों पुरानी बस स्टैंड की मांग भी पूरी होगी।
ਫਗਵਾੜਾ: ਪ੍ਰੋਫੈਸਰ ਕਲੋਨੀ ਵਿੱਚ ਦਿਖਿਆ ਸਾਂਬਰ, ਦੇਖੋ ਵੀਡਿਓ
ਫਗਵਾੜਾ: ਸ਼ਹਿਰ ਦੇ ਪ੍ਰੋਫੈਸਰ ਕਲੋਨੀ ਵਿਖੇ ਇਕ ਖਾਲੀ ਪਲਾਟ ਵਿੱਚ ਸਾਂਬਰ ਦਿਖਣ ਦੀ ਸੂਚਨਾ ਮਿਲਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਮੁਹੱਲਾ ਵਾਸੀਆਂ ਨੇ ਜੰਗਲਾਤ ਵਿਭਾਗ ਅਤੇ ਪੁਲਿਸ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਨੂੰ ਸੂਚਨਾ ਦਿੱਤੀ। ਸੂਚਨਾ ਮਿਲਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਮੌਕੇ ਤੇ ਪੁੱਜੇ ਜੰਗਲਾਤ ਵਿਭਾਗ ਅਤੇ ਪੁਲਿਸ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਨੇ ਇਕੱਠੀ ਹੋਈ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਭੀੜ ਨੂੰ ਇੱਕ ਪਾਸੇ ਕਰਦੇ ਹੋਏ ਸਾਂਬਰ ਨੂੰ ਕਾਬੂ ਕਰਨ ਲਈ ਜਦੋ ਜਹਿਦ ਕੀਤੀ।
ਜਦੋ ਜਹਿਦ ਦੇ ਬਾਵਜੂਦ ਵੀ ਜੰਗਲਾਤ ਵਿਭਾਗ ਦੀ ਟੀਮ ਦੇ ਹੱਥ ਖਾਲੀ ਹੀ ਰਹੇ। ਇਸ ਸਬੰਧੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੰਦੇਆਂ ਜੰਗਲਾਤ ਵਿਭਾਗ ਦੇ ਅਧਿਕਾਰੀ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਸੂਚਨਾ ਮਿਲੀ ਸੀ ਕਿ ਫਗਵਾੜਾ ਦੇ ਪ੍ਰੋਫੈਸਰ ਕਲੋਨੀ ਦੇ ਖਾਲੀ ਪਲਾਟ ਵਿੱਚ ਸਾਂਬਰ ਆ ਗਿਆ ਹੈ। ਜਿਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਉਹ ਆਪਣੀ ਟੀਮ ਨਾਲ ਫਗਵਾੜਾ ਪੁੱਜੇ ਅਤੇ ਸਾਂਭਰ ਨੂੰ ਕਾਬੂ ਕਰਨ ਲਈ ਕਾਫੀ ਮਿਹਨਤ ਕਰਨ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਵੀ ਸਾਂਬਰ ਉਹਨਾਂ ਵੱਲੋਂ ਲਗਾਏ ਜਾਲ ਵਿੱਚੋਂ ਨਿਕਲ ਕੇ ਭੱਜ ਗਿਆ। ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਉਹਨਾਂ ਵੱਲੋਂ ਸਾਬਰ ਨੂੰ ਕਾਬੂ ਕਰਨ ਦੇ ਪੂਰੇ ਯਤਨ ਕੀਤੇ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ, ਪੁਲਿਸ ਅਧਿਕਾਰੀ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਵਿਭਾਗ ਦੇ ਦੋ ਅਧਿਕਾਰੀ ਹੋਣ ਕਾਰਨ ਸਾਬਰ ਕਾਬੂ ਵਿੱਚ ਨਹੀਂ ਆ ਸਕਿਆ। ਉਹਨਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਜੰਗਲਾਤ ਵਿਭਾਗ ਦੀ ਟੀਮ ਵੱਲੋਂ ਸਾਂਭਰ ਨੂੰ ਕਾਬੂ ਕਰਨ ਲਈ ਯਤਨ ਕੀਤੇ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ।
भारत में कितने प्रतिशत लोग नॉन वेज के हैं शौकीन, चौंकाने वाले आंकड़े आए सामने!
नई दिल्लीः ऐसा कहा जाता है कि दुनिया में सबसे ज्यादा आबादी शाकाहारी लोगों की भारत में रहती है।
क्या भारत उतना शाकाहारी है जितना लोग समझते हैं? वास्तव में देश के अंदर ही नहीं पूरी दुनिया में भारत को लेकर यह धारणा प्रचलित है कि भारत में अधिकांश लोग शाकाहारी हैं और यहां मांसाहारी से ज्यादा शाकाहारी भोजन को महत्व दिया जाता है। लेकिन यह बात पूरी तरह सही नहीं है। क्योंकि हर दो में से एक भारतीय ना केवल मांसाहारी भोजन का आनंद लेता है बल्कि हफ्ते में एक बार इसे खाता भी है।
एक सर्वे अनुसार (2019-21) के अनुसार, 57.3 प्रतिशत पुरुष और 45.1 प्रतिशत महिलाएं सप्ताह में कम से कम एक बार चिकन या अन्य प्रकार की नॉन वेजिटेरियन डिशेज का आनंद लेते हैं। यह आंकड़ा शहरी क्षेत्रियों कि संख्या गांव में रहने वाले लोगों की तुलना से अधिक है। शहरी क्षेत्रों में लगभग 60 प्रतिशत पुरुष और 50.8 प्रतिशत महिलाएं सप्ताह में कम से कम एक बार किसी न किसी तरह का मांस खाते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, किसी भी अन्य धर्म के लोगों की तुलना में ईसाई अधिक मांसाहारी भोजन का सेवन करते हैं। लगभग 80 प्रतिशत ईसाई पुरुष और 78 प्रतिशत ईसाई महिलाएं सप्ताह में कम से कम एक बार मांसाहारी भोजन का सेवन करते ही हैं। इसकी तुलना में केवल 79.5 और 70.2 प्रतिशत मुस्लिम पुरुष और महिलाएं और 52.5 व 40.7 प्रतिशत हिंदू पुरुष और महिलाएं मांसाहारी भोजन खाती हैं।
मांसाहार खाने वालों की सबसे ज्यादा आबादी पूर्वी, दक्षिणी और पश्चिमी भारत में है। गोवा, केरल, पश्चिम बंगाल, असम, अरुणाचल प्रदेश और आंध्र प्रदेश में 80 प्रतिशत से अधिक पुरुष आबादी सप्ताह में कम से कम एक बार मछली, चिकन या अन्य तरह के मांस का सेवन करना पंसद करते हैं। महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा और तमिलनाडु में 50 प्रतिशत से अधिक पुरुष आबादी साप्ताहिक रूप से मांसाहारी भोजन का आनंद लेती है।
पांचवे दिन में प्रवेश हुआ किसानों को आंदोलन
कई संगठन किसानों के समर्थन में उतरे
बददी/सचिन बैंसल :किसान आंदोलन के पांचवें दिन भी जारी रहा| नंबरदार महासंघ के सचिव बाबूराम व ट्रक यूनियन के प्रधान चौधरी हरभजन, नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष चौधरी मदन लाल, ऑल इंडिया नंबरदार महासंघ के अध्यक्ष चौधरी भगत राम ने भी अपना समर्थन किसान आंदोलन को दिया। इसके अलावा हरियाणा रेलवे प्रभावित किसानों के अध्यक्ष राजेश कोना ने भी किसान आंदोलन को अपना समर्थन देने की बात कही।
नंबरदार चरणदास ने कहा कि किसानों की एकमात्र मांग है कि उन्हें एक समान रेट दिया जाए। लेकिन प्रशासन ने एक जैसी जमीन का अलग अलग रेट दिए है। जिससे किसानों में रोष व्याप्त है। मलपुर पंचायत और पूर्व प्रधान पोला राम, पूर्व प्रधान रामेश्वरदास। भाग सिंह, संडोली पंचायत की प्रधान बेबी रानी ने कहा कि रेलवे व स्थानीय प्रशासन को किसानों के साथ बातचीत करनी चाहिए। उपायुक्त ने मनमोहन शर्मा ने शुक्रवार को बीबीएन का दौरा किया लेकिन वह किसानों से नहीं मिले।
पिछले चार वर्ष से रेलवे बोर्ड से इस मुद्दे पर संघर्ष करते आ रहे है। इतनी सारी संस्थाओं के समर्थन से किसान आंदोलन बहुत ज्यादा मजबूत और सक्रिय हो गया है जिसमे सभी 9 ग्राम के ग्रामीण बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले रहे है। आंदोलन के पांचवें दिन कैंदूवाल लंडेवाल संडोली, हरिपुर संडोली, शीतलपुर, चक्क जंगी, बद्दी स्वराज माजरा लबाना तथा कल्याणपुर के सभी ग्रामीण किसान आंदोलन में शामिल हुए।
पंजाबः टैक्सी और ट्रक चालकों ने सरकार के खिलाफ की नारेबाजी, देखें वीडियो
श्री आनन्दपुर साहिबः केंद्र सरकार द्वारा पारित्त किए गए हिट-एंड-रन कानून के खिलाफ आज श्री आंनदपुर साहिब-रूपनगर मुख्य मार्ग बुंगा साहिब में टैक्सी व ट्रक चालकों ने किसान संगठनों के सहयोग से जाम लगा कर केंद्र सरकार के खिलाफ जम कर नारेबाजी की। केंदीय गृहमंत्री अमितशाह का पुतला भी फूका। इस मौके पर कार, ट्रक चालकों सहित किसान संगठनों के नेताओं ने बोला कि केंद्र सरकार द्वारा बनाया गया हिट-एंड-रन कानून हर चालक के खिलाफ है, चाहे वह ट्रक बस का चालक हो अथवा दो पहिया वाहन चालक हो।
अवैध खनन करने वाले पांच वाहनों पर लगा जुर्माना
सड़क के बीच रेहड़ी लगाने वाले पर केस
पंजाबः संयुक्त किसान मोर्चे की महा रैली में शामिल होने के लिए सैंकडो किसान हुए रवाना, देखें वीडियो
मोगाः किसानों द्वारा केंद्र सरकार से अपनी मांगों को पूरा करवाने के लिए आज संयुक्त किसान मोर्चे की 18 किसान यूनियन की ओर से पंजाब के बरनाला में महा पंचायत का आयोजन किया जा रहा है। जिसमे पंजाब के इलावा दूसरे राज्यों से किसान पहुंच रहें है। वहीं मोगा से भी सैकड़े किसान आज बरनाला के लिए रवाना हुए हैं। वही किसानों ने कहा कि आज बरनाला में होने वाली महा पंचायत को लेकर सरकार को चेतावनी दी गई है। उन्होंने कहा कि अगर अब भी केंद्र सरकार ने हमारी मांग पूरी नहीं की तो 13 फरवरी को पंजाब भर के किसान दिल्ली की ओर रवाना होंगे और वहा पर प्रदर्शन करेंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को हमेशा दबाने की कोशिश करती है। किसानों ने कहा कि पंजाब में बिजली के चिप वाले मीटर न लगाए जाए। दिल्ली में शहीद हुए किसानों के परिवारों को जिनको अभी तक मुआवजा नहीं मिला वह दिया जाए और पारिवारिक मेंबर को नौकरी दी जाए। वहीं बाढ़ पीड़ित किसानों का मुआवजा दिया जाए और फसलों पर एमएसपी लागू की जाए। उन्होंने कहा कि अन्य जो भी पुरानी मांगे वह अभी तक पूरी नहीं हुई उनको भी जल्द पूरा किया जाए।
मृतक चालक पर केस दर्ज
ऊना/सुशील पंडित:गगरेट में शुक्रवार को हुए ट्रैक्टर हादसे में मारे गए चालक के विरुद्ध लापरवाही से गाड़ी चलाने और गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रेम पुत्र राधे श्याम निवासी सुल्तानपुर उत्तर प्रदेश ने गगरेट थाने में दी शिकायत में कहा है कि शुक्रवार को शाम 5ः30 के करीब वह अंबोटा स्थित ईंट के भट्टे से ट्रैक्टर में कच्ची ईंटे भरकर भंजाल के अन्य भट्टे पर जा रहा था। उक्त ट्रैक्टर को राकेश कुमार चला रहा था। जब ट्रैक्टर होटल सवेरा शिवबाड़ी के निकट पहुंचा तो चालक ने ट्रैक्टर के ऊपर अपना नियंत्रण खो दिया। जिससे ट्रैक्टर पुल से नीचे जा गिरा। इस हादसे में चालक की मौत हो गई। पुलिस ने अब मृतक चालक के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 279 और 304ए के तहत मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।